Maharashtra Politics:अजित पवार की मौत के 60 घंटे बाद ही… सुनेत्रा पवार को डिप्टी CM बनाने की पूरी इनसाइड स्टोरी

1 hour ago

मुंबई/बारामती. महाराष्ट्र की राजनीति में शायद ही कभी ऐसा हुआ हो कि किसी बड़े नेता के आकस्मिक निधन के महज 60 घंटे के भीतर सत्ता के उत्तराधिकार को लेकर इतनी तेज और निर्णायक राजनीतिक गतिविधियां शुरू हो जाएं. उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की विमान दुर्घटना में मौत के बाद राज्य शोक में डूबा था, लेकिन पर्दे के पीछे सत्ता संतुलन को बनाए रखने की कोशिशें भी उतनी ही तेजी से शुरू हो चुकी थीं.

शुक्रवार शाम तक यह लगभग साफ हो गया कि सुनेत्रा अजीत पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनने जा रही हैं और कल शाम यानी शनिवार 5 बजे शपथ ग्रहण समारोह प्रस्तावित है लेकिन सवाल यह है कि सुनेत्रा पवार को इसके लिए किसने मनाया? फैसला कहां और कैसे हुआ? दिलीप वलसे पाटिल की भूमिका क्यों निर्णायक मानी जा रही है?

60 घंटे में सत्ता की दिशा तय
अजीत पवार के निधन के बाद पहले दो दिन बारामती पूरी तरह शोक में डूबी रही. नारे, रैलियां और राजनीतिक हलचल पूरी तरह थमी हुई थी. शुक्रवार को अजित पवार की अस्थि विसर्जन के साथ ही महाराष्ट्र की राजनीति में बदलाव देखने को मिलने लगे हैं. इसका ही असर है कि शनिवार शाम तक महाराष्ट्र को पहली महिला उप मुख्यमंत्री मिल सकती हैं.

किस-किस के बीच हुई वीडियो कॉल पर बातचीत
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को एक अहम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हुई, जिसमें मुंबई से सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल ने अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार से बताचीत की. इसी वर्चुअल बैठक में पहली बार औपचारिक रूप से डिप्टी सीएम पद का प्रस्ताव सुनेत्रा पवार के सामने रखा गया. खबर है कि शुरुआती हिचक के बाद सुनेत्रा पवार ने पार्टी और सरकार के हित में पद स्वीकार करने की सहमति जता दी.

कौन बना संकटमोचक?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम पद के लिए हामी भरवाने में दिलीप वलसे पाटिल, प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने अहम भूमिका निभाई है. दिलीप वलसे पाटिल एनसीपी के वरिष्ठ नेता, पूर्व सहकारिता मंत्री और ऐसे नेता जिन्हें शरद पवार और अजीत पवार दोनों खेमों का भरोसेमंद माना जाता है. प्रफुल्ल पटेल के कहने पर वलसे पाटिल ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द किए और तुरंत मुंबई के लिए रवाना हो गए. बताया जा रहा है कि मुंबई में उन्हीं की पहल पर एनसीपी विधायकों की निर्णायक बैठक बुलाई गई. पार्टी के अंदर माना जा रहा है कि अगर यह जिम्मेदारी किसी और के हाथ में जाती, तो विधायकों के टूटने और गुटबाजी की आशंका थी. वलसे पाटिल को इसलिए आगे किया गया क्योंकि वह संतुलन बनाने वाले नेता माने जाते हैं.

कौन हैं दिलीप वलसे पाटिल?
एनसीपी के संस्थापक सदस्यों में से एक कई बार विधायक और मंत्री सहकारिता और गृह जैसे अहम विभाग संभाल चुके हैं. यह शरद पवार के बेहद करीबी और अजीत पवार के राजनीतिक फैसलों में भी अहम भूमिका निभाने वाले माने जाते हैं. यही वजह है कि मौजूदा संकट में उन्हें ‘पॉलिटिकल फायरफाइटर’ के रूप में आगे किया गया.

बारामती में फिर जुटने लगे कार्यकर्ता
अजीत पवार के निधन के बाद दो दिन तक बारामती में पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा, लेकिन शुक्रवार को अस्थि विसर्जन के बाद माहौल बदल गया. बताया जा रहा है कि बारामती में अजित पवार के घर पर आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटने लगे हैं. इसका सीधा संकेत यही माना जा रहा है कि शपथ ग्रहण समारोह को लेकर पार्टी कैडर को सक्रिय किया जा चुका है.

क्या शरद पवार गुट से नजदीकी बढ़ेगी?
राजनीतिक गलियारों में इस चर्चा ने भी जोर पकड़ लिया है कि अजीत पवार के निधन के बाद शरद पवार और अजीत पवार गुटों के बीच दूरी कम हो सकती है. कुछ विधायकों ने खुले तौर पर ‘साहब के नेतृत्व’ में वापसी की इच्छा भी जताई है. सूत्र बताते हैं कि आज की बैठक में इस पर भी चर्चा होगी कि पार्टी स्वतंत्र रूप से आगे बढ़े या दोनों गुटों के विलय की संभावनाएं तलाशी जाएं.

सरकार के सामने बड़े सवाल

महायुति सरकार के सामने भी कई अहम सवाल खड़े हैं:-

1- उपमुख्यमंत्री का खाली पद

2- वित्त मंत्रालय का प्रभार

3- आगामी चुनावों के लिए सीट बंटवारा

4- सत्ता संतुलन

शाम 5 बजे शपथ ग्रहण
सूत्रों के मुताबिक, अगर आज की बैठक में अंतिम मुहर लग गई है, इसलिए कल शाम 5 बजे राजभवन में सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है. इसके साथ ही महाराष्ट्र को पहली महिला डिप्टी सीएम मिलने जा रही हैं.

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