PM से मुलाकात, अब दीदी पर वार, बंगाल में कांग्रेस के चौधरी क्या दे रहे संकेत?

1 hour ago

Last Updated:January 01, 2026, 10:07 IST

PM से मुलाकात, अब दीदी पर वार, बंगाल में कांग्रेस के चौधरी क्या दे रहे संकेत?चुनाव से पहले अधीर रंजन चौधरी ममता बनर्जी पर आक्रामक हो गए हैं.

Adhir Ranjan Chowdhury Attacks Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में इस साल मार्च-अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. नए साल के पहले दिन ही एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में चौधरी ने कहा कि टीएमसी वोटर लिस्ट में गड़बड़ी कर रही है और चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रही है. उन्होंने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को वोट चोरी का हथियार करार दिया, जहां 58.2 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम हटाए गए हैं. चौधरी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. उनकी मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं.

चौधरी ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे मसीहा बनने का नाटक करती हैं, लेकिन असल में बंगाल के लोगों के लिए मुसीबत बन गई हैं. उन्होंने दावा किया कि टीएसी नेताओं ने पहले वोटरों को डराने और फिर उन्हें बचाने की रणनीति अपनाई. इसमें ममता के भतीजे और टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि पहले डराओ, फिर बचाओ और मसीहा बन जाओ, यही उनकी रणनीति है.

चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत और नगरपालिका चुनावों में टीएमसी ने विरोधियों को मारकर या नामांकन रद्द कराकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया है. 2021 के पंचायत चुनाव में 65 हत्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में भी इसी पैटर्न को दोहराया जा रहा है.

क्यों टीएमसी पर आक्रामक हैं अधीर रंजन?

चौधरी की टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव चरम पर है. SIR प्रक्रिया को लेकर टीएमसी और चुनाव आयोग के बीच टकराव जारी है. टीएमसी का आरोप है कि भाजपा एसआईआर का इस्तेमाल वोटरों को डराने के लिए कर रही है, जबकि चौधरी ने टीएमसी को ही दोषी ठहराया है. उन्होंने कहा कि 90-95 फीसदी बीएलओ सरकारी कर्मचारी होते हैं. टीएमसी के लिए इनके मैनेजमेंट में आसानी होती है. बंगाल में डिलीशन अन्य राज्यों की तुलना में कम है, क्योंकि ममता बनर्जी खुद कह रही हैं कि वे केंद्रीय सरकार की मदद करेंगी, लेकिन असल में वे वोटरों को डराकर और बचाकर वोट हासिल करती हैं.

चौधरी ने कहा कि पिछले महीने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद चौधरी ने बंगाली बोलने वालों पर हमलों का मुद्दा उठाया था, जिसे उन्होंने राजनीतिक एंगल से इनकार किया था. लेकिन अब टीएमसी पर हमला बोलकर उन्होंने साफ कर दिया कि वे बंगाल में कांग्रेस की भूमिका को मजबूत करना चाहते हैं, भले ही पार्टी का वोट शेयर 2021 में मात्र तीन फीसदी रहा हो.

क्या कांग्रेस मुश्किल में आ जाएगी?

चौधरी का यह रुख इंडिया गठबंधन में टीएमसी और कांग्रेस के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है, जहां ममता बनर्जी ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. चौधरी के बयान से यह सवाल उठता है कि क्या वे बंगाल में कांग्रेस की रणनीति को बदलने की कोशिश कर रहे हैं? या क्या यह मोदी सरकार के साथ गुप्त समझौते का संकेत है? जबकि चौधरी ने राजनीतिक एंगल से इनकार किया है, लेकिन उनके बयान बंगाल चुनाव से पहले कांग्रेस और टीएमसी के बीच की खाई को और गहरा करते हैं.

About the Author

संतोष कुमार

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...और पढ़ें

First Published :

January 01, 2026, 10:07 IST

homenation

PM से मुलाकात, अब दीदी पर वार, बंगाल में कांग्रेस के चौधरी क्या दे रहे संकेत?

Read Full Article at Source