Last Updated:August 05, 2025, 11:59 IST
FAA & Boeing RAT Check: फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने बोइंग 787 को लेकर नया आदेश जारी किया है. RAT से जुड़े एफएए के इस आदेश ने तमाम एयरलाइंस की चिंता बढ़ा दी है.

हाइलाइट्स
एफएए ने बोइंग 787 को लेकर जारी किया है ऑर्डर.बोइंग के 787-9 और 787-10 को लेकर है यह ऑर्डर.खामी सही नहीं हुई तो एयरक्राफ्ट सेफ्टी के लिए बन सकता है खतरा.FAA & Boeing RAT Check: अहमदाबाद में एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर प्लेन क्रैश के बाद सुरक्षित हवाई सफर को लेकर मुसाफिरों की चिंताएं बढ़ गई है. बोइंग ड्रीमलाइन प्लेन को लेकर एक बार फिर ऐसी खबर सामने आई है, जो एयर ट्रैवलर्स की परेशानियों को बढ़ा सकती हैं. जी हां, अमेरिका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने बोइंग 787-9 और 787-10 मॉडल के प्लेन्स को लेकर एक नया और बड़ा आदेश जारी किया है. एफएए के इस आदेश में इन प्लेन्स में लगे रैम एयर टरबाइन (RAT) की फॉरवर्ड फिटिंग्स की जांच करने के लिए कहा गया है. इस जांच की वजह रैट की फिटिंग्स में गलत टाइटेनियम एलॉय मैटेरियल के इस्तेमाल होने की आशंका जताई गई है.
एविएशन एक्सपर्ट्स के अनुसार, यदि एफएए की आशंका सही है तो यह प्लेन की सेफ्टी के लिए बड़ा खतरा बन सकता है. यहां आपको बता दें कि रैम एयर टरबाइन एक ऐसा इक्यूपमेंट है, जो इमरजेंसी की स्थिति में प्लेन को इलेक्ट्रिसिटी और हाइड्रॉलिक पावर देता है. उदाहरण के तौर पर यदि प्लेन के दोनों इंजन अचानक काम करना बंद कर दें, तो रैट एयर फ्लो की मदद से इलेक्ट्रिसिटी बनाता है और प्लेन की सेफ लैंडिंग में मदद करता है. अगर रैट का फॉरवर्ड फिटिंग कमजोर या खराब मैटेरियल से बना हो, तो यह टूट सकता है. इससे न सिर्फ इमरजेंसी पावर सप्लाई रुक सकती है, बल्कि रैट का हिस्सा प्लेन से टूटकर अलग भी हो सकता है. ऐसी स्थिति में प्लेन क्रैश भी हो सकता है.
एफएए ने जताई यह बड़ी आशंका
एफएए के मुताबिक, बोइंग के 787-9 और 787-10 मॉडल्स के प्लेन्स में रैट फॉरवर्ड फिटिंग्स में गलत टाइटेनियम एलॉय मैटेरियल का इस्तेमाल हुआ हो सकता है. यह मैटेरियल ग्रेड 1 का प्योर टाइटेनियम कहा जाता है, जो जरूरी पॉवर के लिहाज से कमजोर है. अगर यह फिटिंग टूट जाए, तो इमरजेंसी में RAT काम नहीं करेगा, जिससे प्लेन की सेफ्टी खतरे में पड़ सकती है. आपको बता दें कि भारत में विस्तारा से एयर इंडिया में आए सात प्लेन बोइंग 787-9 हैं, जिन्हें यह जांच करवानी होगी. वहीं, पुरानी एयर इंडिया के पास बोइंग 787-8 मॉडल हैं, जिन पर एफएए का यह आदेश लागू नहीं होता है.
कैसे होगी प्लेन के रैट्स की जांच
इस मामले में, बोइंग ने कहा है कि हमने फरवरी 2025 में अपने बोइंग 787-9 और 787-10 कस्टमर्स को इस बारे में दिशा-निर्देश दिए थे. FAA के इस ऑर्डर पर अपनी सहमति जाहिर करते हुए कंपनी ने कहा है कि मौजूदा प्लेन सामान्य रूप से उड़ान भर सकते हैं, फिलहाल इनमें ऐसा कोई खतरा नहीं देखा गया है. वहीं, यह जांच कैसे पूरी होगी, इसको लेकर एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि रैट फॉरवर्ड फिटिंग्स की जांच के लिए हाई-फ्रीक्वेंसी एडी करंट या हैंडहेल्ड एक्स-रे फ्लोरेसेंस स्पेक्ट्रोमीटर का इस्तेमाल होता है. इस इक्यूपमेंट से यह पता लगाया जा सकता है कि फिटिंग्स में सही टाइटेनियम एलॉय मैटेरियल का इस्तेमाल हुआ है या नहीं.
Anoop Kumar MishraAssistant Editor
Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to ...और पढ़ें
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First Published :
August 05, 2025, 11:59 IST