Last Updated:August 29, 2025, 19:33 IST
DEFENCE MINISTRY NEWS: ECHS की शुरुआत अप्रैल 2003 में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए की गई थी. इसके तहत सेना की मौजूदा चिकित्सा सुविधाओं के साथ ही प्राइवेट मान्यता प्राप्त और सरकारी अस्पतालों का उपयोग कि...और पढ़ें

DEFENCE MINISTRY NEWS: सेना में अफसर बनने के लिए जितनी पढ़ाई करनी पड़ती है, उससे कहीं ज्यादा ग्राउंड में पसीना बहाना पड़ता है. ट्रेनिंग के दौरान हर उस चुनौती को पार करना पड़ता है जो उन्हें बैटल ग्राउंड में सामना करना पड़ सकता है. और इसी ट्रेनिंग के दौरान हो जाती है गंभीर तरह की इंजरी. इसी के चलते कई ऐसे ऑफिसर कैडेट्स को बाहर होना पड़ता है. उसके बाद उनके इलाज के लिए परिवार को खासा मशक्कत करनी पड़ती थी. अब तक ऐसे ऑफिसर कैडेट जो मेडिकल कारणों से ट्रेनिंग के दौरान बाहर किए गए, उन्हें मेडिकल सुविधा नहीं मिलती थी. लेकिन रक्षा मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लेते हुए उन सभी अधिकारी कैडेट्स को ECHS (Ex-Servicemen Contributory Health Scheme) सुविधा देने का निर्णय लिया है. अब ऐसे कैडेट्स जो NDA, OTA या IMA जैसे मिलिट्री ट्रेनिंग संस्थान में ट्रेनिंग के दौरान मेडिकल कारणों से स्थायी चोट या बीमारी के शिकार हो जाते हैं, उन्हें मिलिट्री अस्पताल और मान्यता प्राप्त प्राइवेट हॉस्पिटल में फ्री इलाज मिल सकेगा. अब तक यह सुविधा सिर्फ पूर्व सैनिकों को ही मिलती थी.
रक्षामंत्रालय उठाएगी खर्च
रक्षा मंत्रालय की तरफ से एक बयान जारी किया गया है कि ये सुविधा उन कैडेट्स पर भी लागू होगी जिन्हें ट्रेनिंग पूरी करने से पहले ही मेडिकल आधार पर बाहर कर दिया गया है. साथ ही यह भी साफ कर दिया गया है कि यह फैसला सिर्फ इसी कैटेगरी के लिए है और किसी अन्य कैटेगरी में इसे मिसाल नहीं माना जाएगाॉ. अब तक इन कैडेट्स को हर महीने एक्स-ग्रेशिया दी जाती है. इसके अलावा 20% से 100% तक विकलांगता की स्थिति के आधार पर उन्हें मासिक एक्स-ग्रेशिया विकलांगता भत्ता भी मिलता है. अब इस फैसले के बाद कैडेट्स ECHS के तहत कैशलेस और कैपलेस स्वास्थ्य सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे.
सुविधा के लिए दिशानिर्देश भी तय
ECHS सुविधा देने के लिए कुछ शर्तों का भी पालन करना होगा. रक्षा मंत्रालय ने इसकी गाइडलाइन भी तय की है. इसमें कैडेट को ECHS की सुविधा के लिए आवेदन करना होगा और इसके सभी नियम मानने होंगे. यह सुविधा सिर्फ कैडेट के लिए ही होगी, परिवार के लिए नहीं. इस सुविधा में कैडेट को ECHS पॉलीक्लिनिक से मुफ्त OPD सेवाएं मिलेंगी. ECHS से मान्यता प्राप्त अस्पतालों में कैशलेस OPD, IPD और जांच की सुविधा मिलेगी. इसके दिशानिर्देशों में साफ कहा गया है कि इस सुविधा का लाभ लेने वाले कैडेट किसी अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजना का सदस्य नहीं होना चाहिए. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक ECHS योजना में शामिल होने के लिए अधिकारी कैडेट्स से एकमुश्त सदस्यता शुल्क जो अभी पूर्व सैनिकों के लिए 1.20 लाख रुपये होती है, वह भी नहीं लिया जाएगा.
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First Published :
August 29, 2025, 19:33 IST