Skin Care Tips : सर्दियों में सोते समय कैसे करें त्वचा की मरम्मत, यहां जानें!

1 hour ago

Skin Care Tips : सर्दियों में स्किनकेयर अक्सर सिर्फ ‘गाढ़ी क्रीम’ और ‘अधिक नमी’ तक सीमित रह जाती है, लेकिन असली फर्क टाइमिंग से पड़ता है. हमारी त्वचा एक सर्केडियन रिदम यानी आंतरिक घड़ी के हिसाब से चलती है, जो तय करती है कि कब त्वचा खुद को बचाती है और कब मरम्मत करती है. अगर इस रिदम को नजरअंदाज किया जाए, खासकर ठंड में, तो रिकवरी धीमी हो जाती है, त्वचा की सुरक्षा कमजोर पड़ती है और ड्रायनेस, जलन और महीन रेखाएं ज्यादा दिखने लगती हैं. सर्केडियन स्किनकेयर का मतलब है त्वचा के नेचुरल रिपेयर साइकिल के साथ काम करना, न कि उसे ओवरलोड करना.

सर्दियों में जब ठंडी हवा, हीटर और कम नमी त्वचा को चुनौती देती है, तब रात की स्किनकेयर रूटीन को इन बायोलॉजिकल प्रोसेस के साथ मिलाना और भी जरूरी हो जाता है. सर्केडियन स्किनकेयर असल में क्या है? डॉ. वर्षिनी रेड्डी, ग्लो क्लिनिक, हैदराबाद की फाउंडर और चीफ डर्मेटोलॉजिस्ट बताती हैं, ‘सर्केडियन स्किनकेयर का मतलब है अपने शरीर की सर्केडियन रिदम के हिसाब से दिन और रात के लिए स्किनकेयर रूटीन पर्सनलाइज करना.’ दिन में त्वचा ज्यादा सीबम बनाती है और खुद को UV किरणों, प्रदूषण और फ्री रेडिकल्स से बचाती है.

रात में त्वचा रिपेयर मोड में चली जाती है, सेल टर्नओवर बढ़ता है और एक्टिव इंग्रीडिएंट्स ज्यादा असर करते हैं. सर्दियों में ये रिदम बिगड़ जाती है. डॉ. रेड्डी के मुताबिक, ठंडे मौसम में त्वचा की सेल रिपेयर और लिपिड रीप्लेनिशमेंट धीमी हो जाती है, जिससे रात में रिकवरी कम हो जाती है जब तक सही सपोर्ट न मिले. सर्दियों में त्वचा की मरम्मत क्यों बिगड़ती है? ठंडी, सूखी हवा से त्वचा की नमी तेजी से कम होती है, जिससे उसकी सुरक्षा कमजोर पड़ती है. डॉ. रेड्डी बताती हैं, ‘सर्दियों में लिपिड्स आसानी से नहीं बनते क्योंकि हवा ठंडी और सूखी होती है.’ एंजाइम एक्टिविटी भी कम हो जाती है, जिससे सेरामाइड और फैटी एसिड्स की प्रोडक्शन पर असर पड़ता है. नतीजा होता है डिहाइड्रेशन, सूजन और एक्जिमा या सोरायसिस जैसी समस्याएं. इसी वजह से सर्दियों में त्वचा अक्सर टाइट, सेंसेटिव और डल लगती है, भले ही आप वही प्रोडक्ट्स इस्तेमाल कर रहे हों जो गर्मियों में अच्छे लगते थे.

सर्दियों के मॉइश्चराइजर में ह्यूमेक्टेंट्स और ऑक्लूसिव्स का बैलेंस होना चाहिए
रात में कौन से इंग्रीडिएंट्स असरदार हैं? डॉ. रश्मि श्रीराम, फोर्टिस हॉस्पिटल, बेंगलुरु की डर्मेटोलॉजिस्ट कहती हैं, ‘रात में रिपेयर और बैरियर रिकवरी को सपोर्ट करने वाले इंग्रीडिएंट्स सबसे अच्छे होते हैं.’ वो सेरामाइड्स, हयालूरोनिक एसिड और ग्लिसरीन जैसे ह्यूमेक्टेंट्स, और नायसिनामाइड या कोलॉइडल ओटमील जैसे शांत करने वाले एजेंट्स की सलाह देती हैं. साथ ही, सर्दियों के मॉइश्चराइजर में ह्यूमेक्टेंट्स और ऑक्लूसिव्स का बैलेंस होना चाहिए, ताकि नमी रातभर बनी रहे जब त्वचा खुद को रीजनरेट कर रही होती है.

ड्राय हिस्सों पर स्क्वालेन या पेट्रोलैटम की पतली लेयर लगाएं.
सर्दियों की रात की रूटीन कैसे बनाएं? डॉ. अभिषेक पिलानी, अश्योर क्लिनिक, मुंबई के फाउंडर के मुताबिक, सर्केडियन-अलाइन रूटीन कोमल, लेयर्ड और बैरियर-फोकस्ड होना चाहिए. वो सलाह देते हैं कि हल्के, नॉन-फोमिंग क्लेंजर से शुरुआत करें, फिर ड्राय स्किन के लिए हाइड्रेटिंग टोनर या एसेंस लगाएं. ट्रीटमेंट सीरम्स जैसे नायसिनामाइड या जेंटल रेटिनॉइड्स को बारी-बारी से इस्तेमाल करें ताकि जलन न हो. रूटीन का अंत सेरामाइड-रिच मॉइश्चराइजर से करें और बहुत ड्राय हिस्सों पर स्क्वालेन या पेट्रोलैटम की पतली लेयर लगाएं.

डॉ. पिलानी पर्यावरण का भी ध्यान रखने की सलाह देते हैं: ठंडे कमरे में सोना और ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल रात में त्वचा की मरम्मत को काफी बेहतर बना सकता है. टाइमिंग ट्रेंड्स से ज्यादा क्यों जरूरी है? सर्केडियन स्किनकेयर का मतलब ज्यादा प्रोडक्ट्स जोड़ना नहीं है, बल्कि सही समय पर सही प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करना है. जब सर्दियों की रूटीन त्वचा के नेचुरल रिपेयर विंडो का सम्मान करती है, तो सूजन कम होती है, नमी बढ़ती है और बैरियर जल्दी बनता है.

सर्दियों में त्वचा को रिदम चाहिए, एक्स्ट्रा प्रोडक्ट्स नहीं. रात की रूटीन को त्वचा के सर्केडियन रिपेयर साइकिल के साथ मिलाकर, हाइड्रेशन, बैरियर सपोर्ट और कोमल रीजनरेशन पर ध्यान देने से त्वचा खुद को बेहतर तरीके से ठीक कर सकती है. ठंड के मौसम में बायोलॉजी और स्किनकेयर का ये तालमेल ही ड्रायनेस को मजबूती और थकान को ग्लो में बदलता है.

Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह एक्सपर्ट्स से बातचीत पर आधारित है. यह सामान्य जानकारी है, पर्सनल सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए News-18 जिम्मेदार नहीं होगा.

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