Last Updated:January 13, 2026, 16:09 IST
Trending GK, General Knowledge: सुप्रीम कोर्ट ने कुत्ता काटने को लेकर बड़ा फैसला दिया है जिसके बाद यह मसला काफी चर्चा में है. सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को कुत्ता काटने पर मुआवजा देने को कहा है लेकिन क्या आपको पता है कि देश का एक ऐसा राज्य भी है जहां पहले से ही कुत्ता काटने पर 5 लाख तक का मुआवजा मिलता है?
General Knowledge, Trending news, viral trending news, do you know, trending gk: कुत्ता काटने पर कहां मिलता है मुआवजा?Trending GK, General Knowledge: आवारा कुत्तों का खतरा बढ़ता जा रहा है और अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर बहुत सख्त और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है.आज सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर कोई कुत्ता किसी व्यक्ति को काटता है तो उसकी जिम्मेदारी सीधे राज्य सरकार और प्रशासन की होगी. अगर कुत्ते के काटने से बच्चा या बुजुर्ग जख्मी होता है या उसकी मौत हो जाती है तो संबंधित राज्य सरकार को पीड़ित परिवार को मुआवजा देना होगा. कोर्ट ने चेतावनी दी कि ये जिम्मेदारी प्रशासन की है और वो इसे नजरअंदाज नहीं कर सकता.ये फैसला सुप्रीम कोर्ट ने भले ही आज दिया हो लेकिन आपको पता है कि देश का एक राज्य ऐसा भी है जहां की सरकार कुत्तों के काटने पर मुआवजा देती है?
यहां पहले से ही लागू है 5 लाख का मुआवजा
कर्नाटक में सिद्धारमैया सरकार ने पहले ही आवारा कुत्तों के हमलों पर एक नीति बनाई है.20 नवंबर 2025 को राज्य सरकार ने घोषणा की कि कुत्ते के काटने से मौत होने पर पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा. अगर कुत्ते के काटने से त्वचा पर घाव, गहरी चोट, नीला पड़ना (ब्रूज), लहूलुहान लकेरें या कई जगह काटने की चोटें आती हैं, तो कुल 5000 रुपये का मुआवजा दिया जाएगा.इस 5000 रुपये में से 3500 रुपये सीधे पीड़ित को मिलेंगे और 1500 रुपये सुवर्ण आरोग्य सुरक्षा ट्रस्ट को उपचार शुल्क के रूप में दिए जाएंगे. सरकार का कहना है कि ये फैसला लोगों को समय पर इलाज और आर्थिक मदद देने के लिए लिया गया है.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा और क्यों?
मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ ने पशु प्रेमियों की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी की दलीलों पर तीखी टिप्पणी की.उन्होंने कहा एक काम करो, कुत्तों को अपने घर लेकर जाओ. सड़कों पर दहशत क्यों फैलने दो? जब मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि ये भावुक मुद्दा है, तो कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि भावुकता सिर्फ कुत्तों के लिए ही दिखाई पड़ती है.कोर्ट ने साफ कहा कि उन्हें लोगों की सुरक्षा की ज्यादा चिंता है.ये फैसला 7 नवंबर 2025 के पुराने आदेश से जुड़ा है, जिसमें कोर्ट ने शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, बस स्टैंडों, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और रेलवे स्टेशनों जैसे संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को पूरी तरह हटाने का निर्देश दिया था.उस समय भी पशु प्रेमियों ने विरोध किया था, लेकिन कोर्ट ने लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी.
सुप्रीम कोर्ट का फैसला क्या बदलेगा?
अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से पूरे देश में आवारा कुत्तों के हमलों पर राज्य सरकारों की जिम्मेदारी बढ़ गई है. दिल्ली-एनसीआर समेत हर राज्य को अब कुत्तों के हमलों से होने वाली चोट या मौत के लिए मुआवजा देना होगा. ये फैसला लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है और प्रशासन को सख्ती से काम करने का संदेश देता है. अब देखना ये है कि राज्य सरकारें इस आदेश को कितनी जल्दी और सख्ती से लागू करती हैं.
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Dhiraj Raiअसिस्टेंट एडिटर
न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. न्यूज 18 में एजुकेशन, करियर, सक्सेस स्टोरी की खबरों पर. करीब 15 साल से अधिक मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व ...और पढ़ें
First Published :
January 13, 2026, 16:09 IST

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