Last Updated:April 02, 2025, 22:28 IST
Karnataka Bike Taxi News: कर्नाटक हाई कोर्ट ने Uber, Ola, Rapido जैसी ऐप-बेस्ड टैक्सी सर्विस देने वाली कंपनियों को छह हफ्तों के भीतर बाइक टैक्सी सर्विसेज बंद करने का निर्देश दिया है.

प्रतीकात्मक तस्वीर
हाइलाइट्स
कर्नाटक हाई कोर्ट ने बाइक टैक्सी सेवाओं पर रोक लगाई.6 हफ्तों में Uber, Ola, Rapido को सेवाएं बंद करनी होंगी.नए नियम बनने तक बाइक टैक्सी सेवाएं अवैध रहेंगी.बेंगलुरु: कर्नाटक हाई कोर्ट ने राज्य में चल रही सभी बाइक टैक्सी सेवाओं को 6 हफ्ते के भीतर बंद करने का आदेश दिया है. यह फैसला रैपिडो, ओला और उबर जैसी ऐप-बेस्ड राइड-हेलिंग कंपनियों पर लागू होगा. कोर्ट ने साफ किया कि जब तक सरकार मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 की धारा 93 के तहत स्पष्ट गाइडलाइंस जारी नहीं करती, तब तक बाइक टैक्सी सेवाएं अवैध रहेंगी.
क्या था मामला?
यह केस उन याचिकाओं के जवाब में आया, जिनमें रैपिडो, ओला और उबर जैसी कंपनियों ने सरकार से एग्रीगेटर लाइसेंस देने और बाइक टैक्सियों को कानूनी मान्यता देने की मांग की थी. इन कंपनियों ने कोर्ट से राज्य सरकार को नियम बनाने का निर्देश देने की भी गुजारिश की थी. लेकिन जस्टिस बी.एम. श्याम प्रसाद की पीठ ने साफ किया कि अदालत सरकार को नियम बनाने के लिए मजबूर नहीं कर सकती.
अब क्या होगा?
राज्य सरकार को 3 महीने के भीतर बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए नए नियम बनाने होंगे. 6 हफ्ते के बाद कोई भी ऐप बाइक टैक्सी सर्विस नहीं चला पाएगा, जब तक कि नियम लागू नहीं हो जाते. अगर कोई कंपनी इस आदेश को तोड़ती है, तो कानूनी कार्रवाई हो सकती है.एक बड़े तबके पर असर
परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखकर नियम बनाएगी. रैपिडो ने चिंता जताई कि इस फैसले से 10 लाख से ज्यादा ड्राइवर्स की रोजी-रोटी प्रभावित होगी. कंपनी ने संकेत दिए कि वह कानूनी रास्ता अपना सकती है.
ड्राइवर्स जो पूरी तरह इस बिजनेस पर निर्भर थे, उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है. ऐप-बेस्ड कंपनियों को भारी नुकसान होगा, क्योंकि कर्नाटक उनका प्रमुख मार्केट रहा है.
Location :
Bangalore,Karnataka
First Published :
April 02, 2025, 22:24 IST