अनंत सिंह का मोकामा सीट से होगा पत्ता साफ... नीतीश ही क्यों लेंगे फैसला?

3 weeks ago

Last Updated:August 07, 2025, 15:09 IST

Anant Singh News: बाहुबली नेता अनंत सिंह ने जेल से रिहाई के बाद मोकामा से जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. नीतीश कुमार से उनकी पुरानी नजदीकी और भूमिहार समुदाय में प्रभाव उनकी दावेदारी को बल दे रहा...और पढ़ें

अनंत सिंह का मोकामा सीट से होगा पत्ता साफ... नीतीश ही क्यों लेंगे फैसला?क्या अनंत सिंह को मोकमा से जेडीयू टिकट नहीं देगी?

पटना. क्या बाहुबली भूमिहार नेता अनंत सिंह को सीएम नीतीश कुमार मोकामा से टिकट देंगे? अनंत सिंह बीते 24 घंटे से सोशल मीडिया पर मोकामा से चुनाव लड़ने का दंभ भर रहे हैं. अनंत सिंह सीना ठोक कर बोल रहे हैं कि जेडीयू से चुनाव लड़ेंगे. क्या अनंत सिंह को सीएम नीतीश कुमार की तरफ से मोकामा से चुनाव लड़ने की हरी झंडी मिल गई है? क्या जेडीयू विवादों से नाता रखने वाले और अनाप-शनाप बयानों से चर्चा में रहने वाले अनंत सिंह को मोकामा से लड़ाने का रिस्क लेगी? ये कुछ सवाल हैं, जो अब बिहार के सियासी गलियारे में गूंजने लगी है? अनंत सिंह सोनू-मोनी कंड में जेल से छूटने के बाद उटपटांग बयान देकर लगातार चर्चा में हैं. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव से लेकर जन सुराज के प्रशांत किशोर पर भी वह बयान देकर राजनीतिक माहौल को गर्म किए हुए हैं. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर अनंत सिंह को यह संजीवनी मिल गई है या मिलने के प्रयास कर रहे हैं? जेडीयू के हित में अनंत सिंह को टिकट देना ज्यादा अच्छा रहेगा या उनकी पत्नी या बेटे को देना? क्या अनंत सिंह भी अब बिहार में आनंद मोहन की तरह की राजनीति कर किंगमेकर की भूमिका में रहेंगे?

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मोकामा सीट एक बार फिर सियासी सुर्खियों में है. बाहुबली नेता अनंत सिंह उर्फ ‘छोटे सरकार’ ने जेल से रिहाई के बाद ऐलान किया है कि वह मोकामा से जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे. उनकी रिहाई और इस घोषणा ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है, खासकर क्योंकि उनकी पत्नी नीलम देवी वर्तमान में मोकामा से विधायक हैं. अनंत सिंह की नीतीश कुमार के साथ पुरानी नजदीकी इसको बल दे रहा है. लेकिन अनंत सिंह का वह बयान भी लोगों और जेडीयू के बड़े नेताओं के जेहन में है, जिसमें वह नीतीश कुमार को खूब खरी-खोटी सुनाया था.

अनंत सिंह को जेडीयू से टिकट नहीं मिलेगा!

अनंत सिंह जेल से रिहा होने के बाद स्पष्ट किया कि वह मोकामा से जेडीयू के टिकट पर ही चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि हालांकि उनकी नीतीश कुमार से अभी इस मुद्दे पर कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है, लेकिन उन्हें विश्वास है कि पार्टी उन्हें हरी झंडी देगी. जेडीयू सूत्रों के अनुसार, अनंत सिंह की दावेदारी को गंभीरता से लिया जा रहा है, क्योंकि वह मोकामा में भूमिहार समुदाय के बीच मजबूत प्रभाव रखते हैं. अनंत की दावेदारी को बल मिलता है. हालांकि, जेडीयू की ओर से आधिकारिक पुष्टि बाकी है.

जेडीयू और सीएम नीतीश का रहेगा रुख?

जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कुछ दिन पहले ही अनंत सिंह को ‘आपराधिक तत्व’ करार देते हुए कहा था कि ऐसे लोग जेडीयू में स्वीकार्य नहीं हैं. हालांकि, अनंत की हालिया रिहाई और नीतीश के प्रति उनकी वफादारी के बयानों ने जेडीयू के भीतर उनके समर्थन को मजबूत किया है. अनंत सिंह और नीतीश कुमार का रिश्ता 2004 के लोकसभा चुनावों से शुरू हुआ, जब अनंत और उनके भाई दिलीप ने नीतीश को बाढ़ लोकसभा सीट से समर्थन दिया था. अनंत ने नीतीश को चांदी के सिक्कों से तौलकर अपनी वफादारी दिखाई थी, हालांकि नीतीश उस चुनाव में हार गए थे.

पत्नी या बेटा को जेडीयू बना सकती है उम्मीदवार?

2005 और 2010 में अनंत ने जेडीयू के टिकट पर मोकामा से जीत हासिल की. 2015 में जेडीयू-आरजेडी गठबंधन के कारण दोनों में मनमुटाव हुआ, और अनंत ने निर्दलीय जीत हासिल की. 2020 में वह आरजेडी के टिकट पर लड़े और जीते, लेकिन 2024 में उनकी पत्नी के जेडीयू में शामिल होने और अनंत की नीतीश के लिए प्रचार करने से रिश्ते फिर से मजबूत हुए. हाल ही में अनंत ने नीतीश की तारीफ करते हुए कहा, ‘नीतीश ने बिहार में बुनियादी ढांचा, पानी, बिजली, और स्वास्थ्य के वादे पूरे किए. अगले 25 साल तक वह बिहार के सीएम रहेंगे.’

अनंत सिंह का पुराना बयान, क्या नहीं छोड़ेगा साथ? 

अनंत सिंह ने नीतीश कुमार को लेकर समय-समय पर बयान बदलते रहे हैं. 2004 में चांदी के सिक्कों से तौलने के बाद उन्होंने नीतीश को ‘बिहार का भविष्य’ बताया था. 2015 में जेडीयू छोड़ते समय उन्होंने नीतीश पर ‘विश्वासघात’ का आरोप लगाया था. 2018 में उन्होंने लालू प्रसाद को ‘बिहार का सबसे बड़ा जनाधार वाला नेता’ कहा, लेकिन नीतीश को ‘उपयोग और त्याग’ की नीति अपनाने वाला बताया. अब जेल से रिहा होने के बाद, उन्होंने तेजस्वी यादव को ‘अनुभवहीन’ और ‘नाकाम’ कहकर नीतीश की तारीफ की और कहा, ‘विपक्ष के पास नीतीश की बराबरी करने का चेहरा नहीं है.’

कुलमिलाकर मोकामा सीट पर अनंत सिंह का दबदबा रहा है, जहां उन्होंने या उनकी पत्नी ने 2005, 2010, 2015, और 2020 में जीत हासिल की. भूमिहार-प्रधान इस सीट पर उनकी लोकप्रियता और बाहुबली छवि उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है. लेकिन सीएम नीतीश उनके अतीत, वर्तमान और भविष्य को देखकर फैसला लें तो हैरानी नहीं होगी. जेडीयू अनंत सिंह के बजाए उनकी पत्नी नीलम देवी या बेटा को उम्मीदवार बना दे तो हैरानी नहीं होगी. ऐसे में अनंत सिंह भी वैसे ही किंगमेकर की भूमिका में रहेंगे, जैसे लवली आनंद की जीत के बाद उनके पति आनंद मोहन भूमिका निभा रहे हैं.

रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर

भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा...और पढ़ें

भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा...

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First Published :

August 07, 2025, 15:09 IST

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