Last Updated:April 02, 2025, 07:28 IST
Justice Dinesh Sharma: इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस यशवंत वर्मा और कलकत्ता हाईकोर्ट में जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा के ट्रांसफर पर वकीलों का विरोध जारी है. वकीलों ने जस्टिस शर्मा के शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार कि...और पढ़ें

जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा के तबादले पर कलकत्ता हाईकोर्ट में महाभारत जारी है.
हाइलाइट्स
जस्टिस दिनेश शर्मा के ट्रांसफर पर वकीलों का विरोध जारी.वकीलों ने शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया.सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने ट्रांसफर की सिफारिश की थी.Justice Dinesh Sharma: इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस यशवंत वर्मा के ट्रांसफर महाभारत जारी है. कैश कांड में घिरे दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा का हाल ही में ट्रांसफर हुआ. इलाहाबाद में हाईकोर्ट के वकील उनके खिलाफ में प्रदर्शन कर रहे हैं. अब एक और विरोध-प्रदर्शन की आग कलकत्ता हाईकोर्ट में लगी है. कलकत्ता हाईकोर्ट में दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा के ट्रांसफर पर बवाल है. जी हां, जस्टिस वर्मा के बाद अब जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा के खिलाफ में भी वकीलों का हल्लाबोल जारी है. कलकत्ता हाईकोर्ट के वकीलों ने दिल्ली हाईकोर्ट जज रहे जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा के तबादले के विरोध में किसी भी मामले की सुनवाई से दूरी बना ली है.
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, कलकत्ता हाईकोर्ट के वकीलों ने जज दिनेश कुमार शर्मा ने कल यानी मंगलवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक अदालत से दूरी बनाए रखी. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पिछले सप्ताह ही जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा का दिल्ली हाईकोर्ट से कलकत्ता हाईकोर्ट ट्रांसफर करने की सिफारिश की थी. इसके विरोध में वकीलों ने यह कदम उठाया. एक तरफ जहां वकील विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार ने जस्टिस दिनेश शर्मा के तबादले का नोटिफिकेशन जारी कर दिया.
क्यों है जज शर्मा पर बवाल
इस फैसले के विरोध में कलकत्ता हाईकोर्ट के वकील एकजुट हुए. इसके बाद हाईकोर्ट की तीनों वकील संस्थाओं- कलकत्ता हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, बार लाइब्रेरी क्लब और इनकॉर्पोरेटेड लॉ सोसाइटी- ने चीफ जस्टिस टीएस शिवज्ञानम को पत्र लिखकर सूचित किया कि हाईकोर्ट के सभी वकील जस्टिस शर्मा के शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार करेंगे. वकीलों ने यह भी चेतावनी दी कि अगर जस्टिस दिनेश शर्मा को मामले सौंपे गए तो वे उनकी अदालत का भी बहिष्कार करेंगे.
सीजेआई को भी लिखा गया खत
जस्टिस शर्मा के तबादले के कदम का विरोध करते हुए तीनों वकील संस्थाओं ने पिछले शनिवार को भारत के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना को पत्र लिखा था. वकीलों ने सीजेआई को लिखे खत में जस्टिस दिनेश शर्मा के ट्रांसफर पर आपत्ति जताई. इस पत्र में कहा गया कि कलकत्ता हाईकोर्ट ‘संदिग्ध छवि’ या ‘कम अवधि’ वाले जजों के लिए ‘कूड़ेदान’ नहीं बन सकता. बता दें कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस दिनेश शर्मा के कलकत्ता हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने की सिफारिश की थी.
एक सप्ताह में दिल्ली हाईकोर्ट के तीन जजों का ट्रांसफर
जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा जस्टिस चंद्रधारी सिंह जस्टिस यशवंत वर्मा
जस्टिस वर्मा पर भी है बवाल
यहां ध्यान देने वाली बात है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में जब वकीलों ने जस्टिस यशवंत वर्मा के ट्रांसफर का विरोध किया था, तब इसी शब्द का इस्तेमला किया गया था. यानी कुड़ेदान. जस्टिस यशवतं वर्मा इस समय कैश रिकवरी विवाद में फंसे हुए हैं. इलाहाबाद हाई कोर्ट के वकील उनके दिल्ली हाई कोर्ट से तबादले का विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि उनके हाई कोर्ट को ‘कूड़ेदान’ के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. कलकत्ता हाईकोर्ट के वकीलों के दूरी बनाए रखने के कारण मंगलवार को बहुत कम मामलों की सुनवाई हो सकी. जजों ने साफ कर दिया था कि वे तब तक मामलों की सुनवाई नहीं करेंगे, जब तक कि सुनवाई के दौरान दोनों पक्ष मौजूद न हों.
जस्टिस दिनेश शर्मा पर बवाल क्यों है?
जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा के तबादले को लेकर ही पूरा बवाल है. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट से कलकत्ता हाईकोर्ट में उनका ट्रांसफर किया है. जज दिनेश शर्मा पर विवाद की असल वजह जस्टिस शर्मा के खिलाफ पहले से मौजूद शिकायतें हैं, जो अक्टूबर-नवंबर 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट में उनके कार्यकाल के दौरान सामने आई थीं. एक व्हिसलब्लोअर ने 28 अक्टूबर 2024 को दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को ईमेल भेजकर आरोप लगाया कि जस्टिस शर्मा ने कई बड़े व्यावसायिक और मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) मामलों को जानबूझकर’पार्ट-हर्ड’ घोषित कर अपने पास रखा. उनके ऊपर कई बड़े मामलों को अपने पास रखने का भी आरोप है.
जज दिनेश कुमार शर्मा कौन हैं?
जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा का जन्म 28 फरवरी 1962 को हुआ. उन्होंने 1992 में दिल्ली न्यायिक सेवा में प्रवेश किया और 2003 में दिल्ली उच्चतर न्यायिक सेवा में पदोन्नत हुए. अपने करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पद संभाले, जिनमें दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, नई दिल्ली के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, और दिल्ली न्यायिक अकादमी के निदेशक (अकादमिक) शामिल हैं. 28 फरवरी 2022 को वे दिल्ली हाईकोर्ट के जज बने. वह कॉमनवेल्थ ज्यूडिशियल एजुकेशन इंस्टीट्यूट, कनाडा के फेलो हैं और सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता परियोजना में मध्यस्थों को प्रशिक्षण देने में सक्रिय रहे हैं.
Location :
Kolkata,West Bengal
First Published :
April 02, 2025, 07:22 IST