Buildings are collapsing in Egypt: मिस्र का शहर अलेक्जेंड्रिया जो इन दिनों खूब चर्चा में है. रानी क्लियोपेट्रा की वजह से नहीं बल्कि तबाही की वजह से. यह सुनकर आप चौंक गए होंगे लेकिन यह सच है. अलेक्जेंड्रिया शहर जिसे सिकंदर महान ने 331 ईसा पूर्व में बसाया था और जहाँ क्लियोपेट्रा का जन्म हुआ था. जो शहर इतिहास के कई बड़े पलों का गवाह रहा हो अब वहां तबाही मची है. तबाही भी ऐसी कि पूरे शहर के लोग हैरान हैं.
शहर की इमारतें ढह रही
अलेक्जेंड्रिया शहर में इमारतें धड़ाधड़ गिर रही हैं, जिससे लोग डर में जी रहे हैं. अलेक्जेंड्रिया के लोग डरे हुए हैं. जिनके घर गिर चुके हैं, वे बेघर हो गए हैं और जिनकी इमारतें कमजोर हैं, वे चिंता में हैं. लोग चाहते हैं कि सरकार जल्दी कोई ठोस कदम उठाए, ताकि यह ऐतिहासिक शहर सुरक्षित रह सके. Wion में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, वैज्ञानिकों का कहना है कि ये शहर, जो कभी ग्रेट लाइब्रेरी और लाइटहाउस ऑफ अलेक्जेंड्रिया जैसे दो प्राचीन अजूबों का घर था, अब धीरे-धीरे गायब हो रहा है. पिछले दस साल में इमारतों के ढहने की रफ्तार एक साल में एक से बढ़कर 40 तक पहुंच गई है, जो चिंताजनक है. पिछले 20 साल में तटीय कटाव से 280 इमारतें तबाह हो चुकी हैं और 7,000 से ज्यादा खतरे में हैं.
वैज्ञानिकों ने क्या बताई वजह?
समुद्र का बढ़ता पानी बना खतरा: वैज्ञानिकों का कहना है कि समुद्र का जलस्तर बढ़ने की वजह से अलेक्जेंड्रिया में इमारतें गिर रही हैं. पानी धीरे-धीरे जमीन के नीचे जा रहा है और मिट्टी कमजोर हो रही है. इससे इमारतों की नींव कमजोर पड़ रही है और वे गिर रही हैं.
पुरानी और कमजोर इमारतें: अलेक्जेंड्रिया में कई इमारतें बहुत पुरानी हैं. उनकी देखभाल सही से नहीं हुई, इसलिए वे कमजोर हो गई हैं. वहीं, कुछ नई इमारतें भी सही तरीके से नहीं बनाई गईं, जिससे वे भी गिरने लगी हैं.
मौसम में बदलाव की मार: जलवायु परिवर्तन यानी मौसम में बदलाव भी इस समस्या को बढ़ा रहा है. तापमान बढ़ रहा है, समुद्र का जलस्तर ऊपर आ रहा है, जिससे अलेक्जेंड्रिया जैसे तटीय शहर खतरे में हैं. अगर समय पर कुछ नहीं किया गया, तो यह परेशानी और बढ़ेगी.
सरकार ने क्या किया?
मिस्र की सरकार अब इस समस्या को हल करने के लिए कदम उठा रही है. कमजोर इमारतों को खाली कराया जा रहा है, ताकि जान बचाई जा सके. नई इमारतें बनाने के लिए कड़े नियम बनाए जा रहे हैं, ताकि वे ज्यादा मजबूत हों.
रिसर्च में क्या आया सामने?
इस मामले में जो रिसर्च आई है, उसे लिखने वाली लेखिका सारा फौआद, जो म्यूनिख की टेक्निकल यूनिवर्सिटी में लैंडस्केप आर्किटेक्ट हैं, उनका कहना हे "सदियों तक अलेक्जेंड्रिया की इमारतें भूकंप, तूफान और सूनामी जैसी आपदाओं को झेलती रहीं. लेकिन अब जलवायु परिवर्तन से बढ़ते समुद्र और तेज तूफानों ने वो सबकुछ दशकों में बर्बाद कर दिया, जो इंसानी हुनर ने हज़ारों साल में बनाया था."