Last Updated:March 31, 2025, 11:14 IST
India Bangladesh Tension: भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध इन दिनों अपने अबतक के सबसे निचले स्तर पर हैं. ऐसे में सख्त वीजा नियमों के कारण भारत में 'मिनी बांग्लादेश' के नाम से मशहूर कोलकाता की मार्क्विस स्ट्री...और पढ़ें

शेख हसीना की सत्ता जाने के बाद सबकुछ बदल गया. (File Photo)
हाइलाइट्स
सख्त वीजा नियमों से कोलकाता की मार्क्विस स्ट्रीट विरान पड़ी.बांग्लादेशी पर्यटकों की कमी से दुकाने बंद हो रही हैं.व्यापारियों को भारी नुकसान, कई दुकानें बंद या बदल गईं.India Bangladesh Tension: कोलकाता का मशहूर मार्क्विस स्ट्रीट आम लोगों के बीच ‘मिनी बांग्लादेश’ के नाम से भी माश्हूर है. यह दशकों से पड़ोसी देश बांग्लादेश से आने वाले सैलानियों की पहली पसंद बना रहा है. हालांकि जबसे शेख हसीना की सरकारी का पिछले साल तख्तापलट हुआ है, यह मार्किट पूरी तरह से विरान पड़ी है. आलम यह है कि अधिकांश दुकाने अब यहां बंद हो गई हैं. बांग्लादेश में अशांति और सख्त वीजा नियमों की वजह से वहां से पर्यटक नहीं आ रहे. इस इलाके की दुकानें हमेशा से ही बांग्लादेशी पर्यटकों की पहली पसंद थी. दोनों देशों के बीच टेंशन के कारण अब दुकानदार दूसरे काम करने को मजबूर हैं.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ महीनों में करीब 40% खाने की दुकानें यहां बंद हो चुकी हैं. ‘न्यू बॉम्बे रेस्तरां’ के मालिक मोहम्मद दानिश कहते हैं कि रोज 10,000 रुपये खर्च होते थे, लेकिन कमाई सिर्फ 1,000-1,500 रुपये रह गई. घाटा बर्दाश्त नहीं हुआ. अब वे अपनी जगह किराए पर देने की सोच रहे हैं. कई दुकानें रमजान के लिए खुली हैं, लेकिन ईद के बाद फिर बंद हो जाएंगी. कुछ ने खाना छोड़कर कपड़े बेचना शुरू कर दिया है.
10 परसेंट रह गया काम
गेस्ट हाउस भी खाली हैं. ‘सलाउद्दीन गेस्ट हाउस’ और ‘कलकत्ता इन’ जैसे ठिकाने बंद हो गए. व्यापारियों का कहना है कि पर्यटकों की संख्या कोविड-19 से पहले के समय के मुकाबले अब केवल 10% रह गई हैं. दुकानदार अनवर हुसैन चिंता में हैं, “यहां की बांग्लादेशी रौनक खत्म हो रही है. अगर यही रहा तो ‘मिनी बांग्लादेश’ का नाम मिट जाएगा.” कोलकाता का यह इलाका अब उदासी में डूबा है, और कारोबार ठप होने से लोगों की उम्मीदें भी टूट रही हैं.
गेस्ट-हाउस होटल हुए बंद
कलकत्ता होटल एंड रेस्टोरेंट ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश सेठी ने टीओआई से कहा, “कई गेस्ट हाउस और होटल बंद हो गए हैं और कई बंद होने के कगार पर हैं, क्योंकि मुश्किल से कोई पर्यटक आ रहा है.” व्यापारियों को डर है कि इस दर से मार्क्विस स्ट्रीट की अनूठी सांस्कृतिक पहचान जल्द ही फीकी पड़ सकती है. अगर यह चलन जारी रहा, तो मिनी बांग्लादेश का सार पूरी तरह से गायब हो सकता है।
First Published :
March 31, 2025, 11:07 IST