Last Updated:March 21, 2025, 12:24 IST
Meerut Murder Case: प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने वाली पत्नियों को क्या सजा मिली? जानें उन 5 हत्यारिन पत्नियों की कहानी, जिन्हें आजीवन कारावास मिला, और मेरठ के मुस्कान रस्तोगी हत्याकांड का ताजा अपडेट......और पढ़ें

मुस्कान रस्तोगी ही नहीं इन मर्डर केस से भी दहल चुका है देश
हाइलाइट्स
मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की सजा का फैसला आने में तो अभी बहुत टाइम लगेगा.मेरठ मर्डर केस में अभी जांच जारी, फिर फाइल होगी चार्जशीट.देशभर में पति मर्डर के 7 मामले और उनमें क्या है कोर्ट का फैसला.Meerut Muskan Rastogi case: उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की सजा का फैसला आने में तो अभी बहुत टाइम लगेगा. क्योंकि अभी इस मामले में पुलिस के चार्जशीट फाइल होने के बाद कोर्ट की कार्यवाही शुरू होगी. पर आपको आज बता दें कि इस तरह के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, जहां पत्नियों ने अपने पति की हत्या की और उन्हें सजा सुनाई गई. आइए, कुछ ऐसे मामलों को देखते हुए यह समझते हैं कि अब तक कितनी पत्नियों को पति की हत्या के लिए सजा मिली है.
पति-पत्नी का रिश्ता प्यार और विश्वास की नींव पर टिका होता है, लेकिन जब यह रिश्ता साजिश और हत्या की स्याह सैरगाह बन जाए, तो कानून की सख्ती सामने आती है. हाल के कुछ सालों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां पत्नियों ने अपने पति की हत्या की और कोर्ट ने उन्हें कड़ी सजा सुनाई. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के 2023 के आंकड़ों के अनुसार, घरेलू हिंसा से जुड़े 81063 मामले दर्ज हुए, जिनमें से कई में पत्नी ने पति की हत्या की. इनमें से कितने मामलों में सजा हुई, इसका सटीक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है. आइए, कुछ मामलों की झलक देखें:
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प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या: सजा की कहानियां
1. मुजफ्फरनगर की आमना बेगम: संपत्ति के लिए हत्या
साल 2017 में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में आमना बेगम ने अपने प्रेमी आरिफ के साथ मिलकर अपने पति यासीन की गोली मारकर हत्या कर दी. वजह थी संपत्ति का विवाद आमना चाहती थी कि यासीन संपत्ति उसके नाम कर दे, लेकिन जब वह नहीं माना, तो उसने यह खौफनाक कदम उठाया. 14 दिसंबर 2021 को मुजफ्फरनगर की एक स्थानीय अदालत ने आमना और आरिफ को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही दोनों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया.
2. देहरादून की कोमल: जहर देकर पति को मारा
देहरादून में कोमल ने अपने प्रेमी नीरज वर्मा के साथ मिलकर अपने पति को जहर देकर मार डाला. कोमल और नीरज के बीच गहरे संबंध थे और पति उनके रिश्ते में बाधा बन रहा था. 10 मई 2024 को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश अंबिका पंत ने कोमल और नीरज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही दोनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. जुर्माना न चुकाने पर 1-1 साल की अतिरिक्त सजा सुनाई गई थी.
3. जींद की पूजा: प्रेम प्रसंग में हत्या
हरियाणा के जींद में पूजा ने अपने प्रेमी विक्रम के साथ मिलकर अपने पति कर्मबीर की हत्या कर दी थी. यह घटना अगस्त 2019 में हुई, और पूजा का विक्रम के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। 13 सितंबर 2022 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितु गर्ग की अदालत ने पूजा और विक्रम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था.
4. बिजनौर की सोनी: 17 साल बाद सजा
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में सोनी ने 2007 में अपने प्रेमी गीतू (गीताराम) और उसके साथी हरिश्चंद्र के साथ मिलकर अपने पति तेजपाल सैनी की हत्या कर दी थी. हत्या के बाद शव को घर में ही दफना दिया गया था. सोनी पुलिस कस्टडी से फरार हो गई थी, लेकिन बाद में उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया गया था. 24 अक्टूबर 2024 को बिजनौर कोर्ट ने सोनी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही 7 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. गीतू और हरिश्चंद्र को पहले ही आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी थी.
5. मथुरा की नीतू: रातभर शव के पास सोई
मथुरा में नीतू ने अपने प्रेमी गौरव के साथ मिलकर अपने पति सिकंदर की गला दबाकर हत्या कर दी थी. यह घटना 3 मई 2023 को हुई. पुलिस को गुमराह करने के लिए नीतू रातभर अपने पति के शव के पास सोई रही और सुबह आत्महत्या की कहानी रच दी, लेकिन पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि, इस मामले में सजा का स्पष्ट उल्लेख उपलब्ध नहीं है, लेकिन इस तरह के मामलों में आमतौर पर आजीवन कारावास की सजा ही दी जाती है.
6. कानपुर की सपना पांडेय: दो प्रेमियों के साथ साजिश
कानपुर में सपना पांडेय ने अपने प्रेमी राजकपूर गुप्ता को 3 लाख रुपये की सुपारी देकर अपने पति ऋषभ तिवारी की हत्या की साजिश रची. राजकपूर ने चापड़ से हमला किया, लेकिन ऋषभ बच गया. इसके बाद सपना ने अपने दूसरे प्रेमी की मदद से ऋषभ को दवाओं का ओवरडोज देकर मार डाला. यह घटना 2022 में हुई, और पुलिस ने सपना और दोनों प्रेमियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. सजा का स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं है, लेकिन इस तरह के जघन्य अपराध में आजीवन कारावास की सजा की संभावना है.
7. बिजनौर की एक और घटना: सजा का इंतजार
बिजनौर में एक अन्य मामले में, एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की और शव को घर में दफना दिया. यह मामला भी 2007 का है, और मुख्य आरोपी पत्नी को 2024 में आजीवन कारावास की सजा मिली.
क्या कहता है कानून?
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (जो पहले IPC की धारा 302 थी) के तहत हत्या की सजा दो तरह की हो सकती है:
आजीवन कारावास: ज्यादातर मामलों में कोर्ट आजीवन कारावास की सजा देती है, जैसा कि ऊपर के सभी मामलों में हुआ.
फांसी: अगर अपराध “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” श्रेणी में आता है, तो फांसी की सजा दी जा सकती है. हालांकि, पति की हत्या के मामलों में फांसी की सजा बहुत कम देखी गई है.
मुस्कान रस्तोगी के केस में क्या होगा?
मुस्कान और साहिल का मामला अभी कोर्ट में है. इस केस की क्रूरता सौरभ को नशीली दवा देकर मारना, शव को 15 टुकड़ों में काटना और ड्रम में सीमेंट भरकर छिपाना इसे “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” श्रेणी में ला सकती है. अगर कोर्ट इसे इस श्रेणी में मानती है, तो फांसी की सजा भी हो सकती है, लेकिन ऊपर के मामलों को देखें तो ज्यादातर पत्नियों को आजीवन कारावास ही मिला है, इसलिए मुस्कान और साहिल को भी आजीवन कारावास की सजा मिलने की संभावना ज्यादा है.
Location :
Delhi,Delhi,Delhi
First Published :
March 21, 2025, 12:24 IST