किस देश में सबसे ज्यादा रांग साइड ड्राइविंग, कहां 90 लाख रु तक का चालान, कौन सबसे बेहतर

2 hours ago

भारत जैसे देश में सालभर में 70,000 से ज्यादा रांग साइड चालान होते हैं. इस लिहाज से कह सकते हैं कि यहां लोग सबसे ज्यादा रांग साइड वाहन चलाते हैं, जिससे काफी दुर्घटनाएं भी होती हैं. क्या आपको मालूम है किस देश में सबसे ज्यादा वाहनों के चालान होते हैं और किस देश में अगर चालान हो गया तो जुर्माना 90 लाख रुपए तक हो सकता है.

रांग साइड ड्राइविंग एक गंभीर ट्रैफिक समस्या है. हालिया आंकड़ों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली, गुरुग्राम और मुंबई जैसे शहरों में हर साल लाखों की संख्या में रांग साइड ड्राइविंग के चालान काटे जाते हैं. :

2023-24 की सड़क परिवहन मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में होने वाले सड़क हादसों का एक बड़ा कारण गलत दिशा में गाड़ी चलाना है. 2025-26 में दिल्ली और गुरुग्राम जैसे शहरों में पुलिस ने रांग साइड गाड़ी चलाने वालों पर क्रिमिनल केस दर्ज करना शुरू कर दिया है. वैसे रांग साइड ड्राइविंग में हमारे यहां अब तक 5,000 रुपए का चालान होता है. गुड़गांव जैसे शहरों में इसे खतरनाक ड्राइविंग के साथ जोड़कर चालान ₹5,500 या उससे ऊपर तक भी लगाया जाता है.

अब कुछ बड़े शहरों और पुलिस विभागों में गलत साइड ड्राइविंग को कोर्ट में ले जाने योग्य अपराध के रूप में भी देखा जा रहा है. FIR दर्ज हो सकती है. अधिकतम 6 महीने की जेल की सजा भी हो सकती है. कई शहरों में इस नियम उल्लंघन पर वाहन जब्त भी हो सकते हैं.

दक्षिण अफ्रीका सबसे असुरक्षित

दक्षिण अफ्रीका को अक्सर दुनिया का सबसे असुरक्षित ड्राइविंग वाला देश माना जाता है. यहां ट्रैफिक नियमों का पालन बहुत कम होता है. गलत दिशा में गाड़ी चलाना या खतरनाक तरीके से ओवरटेक करना सामान्य है. सड़क दुर्घटनाओं में बहुत ज्यादा मौतें होती हैं. हर साल रोड एक्सीडेंट्स में 10,000 से 12,000 लोग मरते हैं. अगर औसत के हिसाब से देखें तो यहां सड़क हादसे में दुनिया में सबसे ज्यादा लोग मरते हैं. ड्राइविंग भी बहुत खराब होती है, जो दुर्घटनाओं की वजह बनती है.

ज़्यादातर दुर्घटनाओं में ड्राइविंग की गलती, लापरवाही, तेज़ रफ्तार, शराब पीकर गाड़ी चलाना, और ग़लत ओवरटेक जैसी मानवीय वजहें शामिल होती हैं. यहां सबसे ज्यादा लोग शराब पीकर भी वाहन चलाते हैं. ऐसे लोगों की तादाद 57–58 फीसदी है. ज्यादातर सड़क हादसों के शिकार पैदल लोग होते हैं. जो करीब 41– 43% होते हैं.

थाईलैंड में बाइक वाले दुर्घटना खूब करते हैं

थाईलैंड में विशेष रूप से मोटरसाइकिल चालकों द्वारा गलत लेन में ड्राइविंग के कारण मृत्यु दर काफी अधिक है. इंडोनेशिया में अत्यधिक भीड़ और बुनियादी ढांचे की कमी के कारण लोग शॉर्टकट के लिए अक्सर गलत दिशा का सहारा लेते हैं. रूस और जॉर्जिया में भी रांग हैंड ड्राइविंग से दुर्घटनाओं का जोखिम अधिक रहता है.

यूरोप में तेज़ी से बढ़ते चालान और स्पीडिंग

बेल्जियम में पुलिस ने 2024 में रिकॉर्ड संख्या में 92 लाख से अधिक यातायात उल्लंघन दर्ज किए, जिसमें 76 लाख से अधिक ओवर स्पीडिंग में किया गया. बेल्जियम छोटा देश है. उसकी जनसंख्या भी कम है, इस लिहाज से वहां इतना ज्यादा जुर्माना बहुत ज्यादा माना जा सकता है. यूरोप में नीदरलैंड, बेल्जियम और फ्रांस में प्रति व्यक्ति स्पीडिंग चालान की संख्या काफी अधिक है.

यहां चालान होता है 90 लाख रुपए का

स्विटजरलैंड जैसे देश में दुनिया का सबसे महंगा चालान होता है. यहां ओवर स्पीडिंग पर चालान इतना भारी हो सकता है कि एक अमीर कारोबारी को करीब 90,000 स्विस फ्रैंक (करीब ₹90 लाख) का जुर्माना देना पड़ा. यहां दरअसल चालान व्यक्ति की आय या आर्थिक स्थिति के आधार पर तय होता है, जिससे अमीर लोगों पर ज्यादा मोटा चालान किया जाता है. नॉर्वे, आइसलैंड और एस्तोनिया जैसे देशों में भी स्पीडिंग चालान की परंपरागत दरें दूसरों की तुलना में अधिक हैं.

स्विट्ज़रलैंड में आय के आधार पर होने वाले जुर्माने को डे फाइन सिस्टम कहा जाता है. कोर्ट तय करता है दोष की गंभीरता कितनी है और उस व्यक्ति की रोज की कमाई कितनी है. इसलिए वहां आम आदमी पर कुछ हजार फ्रेंक का जुर्माना लगाया जाता है तो करोड़पतियों का चालान लाखों में होता है. मकसद ये होता है कि अमीर और गरीब दोनों के लिए सजा “बराबर दर्दनाक” हो.

स्विट्ज़रलैंड में सोच यह है कि आपकी आज़ादी वहां खत्म होती है, जहां दूसरों की जान खतरे में पड़ती है. इसलिए स्पीड लिमिट थोड़ी भी पार होने पर भारी सजा होती है. स्कूल ज़ोन और रिहायशी इलाकों में स्पीड लिमिट का पालन बिल्कुल सख्ती से होता है. पैदल लोगों का जरा सा भी नुकसान गंभीर अपराध माना जाता है. कानून बहुत स्पष्ट हैं और 100 फीसदी लागू होते हैं.

कौन सा देश ड्राइविंग में सबसे बेहतर

अगर ड्राइविंग के अनुशासन, सुरक्षा और नियमों के पालन तीनों को साथ देखा जाए, तो स्वीडन सबसे ऊपर यानि नंबर वन है. ये दुनिया का सबसे अनुशासित ड्राइविंग देश है. यहां हर एक लाख पर सड़क हादसों में 2 मौतें ही होती हैं. इसके बाद स्विट्जरलैंड, जापान, जर्मनीि और ब्रिटेन का नंबर आता है.

स्वीडन ने 1997 में एक अनोखी नीति अपनाई. सड़क दुर्घटनाओं में एक भी मौत स्वीकार्य नहीं. मतलब गलती इंसान से हो सकती है लेकिन सिस्टम की ज़िम्मेदारी है कि गलती मौत में न बदले. इसलिए सड़क डिजाइन, स्पीड लिमिट, वाहन सुरक्षा, पैदल यात्रियों को प्राथमिकता के नियम लोगों की जान को केंद्र में रखकर बनाए गए.

इस वजह से ड्राइवर्स में खुद स्वीडन में बेहतर ड्राइव की आदत विकसित हो चुकी है. ज़ेब्रा क्रॉसिंग पर गाड़ी खुद रुक जाती है. ओवरस्पीडिंग को शर्मनाक माना जाता है. हॉर्न बजाना असभ्यता माना जाता है. यहां लाइसेंस पाना मुश्किल है लेकिन उसको खोना आसान. यहां ड्राइविंग लाइसेंस ना केवल महंगा है बल्कि कई महीने की ट्रेनिंग के बाद ही मिलता है. इसलिए सड़क पर वही लोग हैं जो ड्राइविंग को जिम्मेदारी समझते हैं. स्वीडन में बर्फ़, अंधेरा और फिसलन आम है , फिर भी दुर्घटनाएं कम हैं.

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