Qatargate Scandal: इजरायल प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सामने मुसीबत की घड़ी आ गई है. उनके सहयोगियों पर कतर से वित्तीय मदद लेने के आरोप लगे हैं. नेतन्याहू के खिलाफ सड़कों पर भी प्रदर्शन हो रहे हैं. हाल ही में प्रधानमंत्री के दो करीबियों को 'कतरगेट' घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया गया है. बता दें कि कतर हमास नेताओं की मेजबानी करता है और गाजा से बंधकों की रिहाई में मध्यस्थता करने में मदद करता है. आखिर क्या है 'कतरगेट' घोटाला?
दोहा के हितों को बढ़ावा
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नेतन्याहू के कुछ करीबी लोगों को इजराइल में दुश्मन देश कतर की छवि को बढ़ावा देने के लिए भर्ती किया गया था. ऐसा कहा जा रहा है कि उनके दो सहयोगियों पर इजराइल में दोहा के हितों को बढ़ावा देने के लिए कतर सरकार से पैसे लेने का संदेह है.
किसकी हुई गिरफ्तारी
इजरायल पुलिस ने नेतन्याहू की मीडिया टीम के पूर्व मेंबर एली फेल्डस्टीन और मौजूदा मेंबर योनातन उरिच को गिरफ्तार किया गया है. इज़रायली अदालत ने दोनों सहयोगियों की हिरासत अवधि को अतिरिक्त तीन दिनों के लिए, गुरुवार तक के लिए बढ़ा दिया है. बता दें कि योनातन उरीच पिछले एक दशक से नेतन्याहू के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, ने प्रधानमंत्री की लिकुड पार्टी के सोशल मीडिया मैनेजर के रूप में शुरुआत की थी. उरीच, यिसरेल आइन्हॉर्न के साथ परसेप्शन नामक एक मीडिया कंसल्टिंग फ़र्म के सह-मालिक भी हैं, जिन्होंने नेतन्याहू के साथ भी काम किया है.
कतरगेट घोटाला क्या है?
इन लोगों पर आरोप है कि बेंजामिन नेतन्याहू के करीबियों ने बंधक वार्ताओं यानी होस्टेज नेगोशिएशंस के दौरान कतर से पैसे लिए थे. संदिग्धों पर रिश्वतखोरी, विदेशी एजेंट से संपर्क, विश्वासघात, मनी लॉन्ड्रिंग और कर अपराध जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पत्रकार बेन कैस्पिट के अनुसार, शिन बेट (इजरायल सुरक्षा एजेंसी) और पुलिस इस दावे की जांच कर रहे हैं कि कतर ने युद्ध के दौरान नेतन्याहू के प्रवक्ता की सैलरी को फंड किया था. इस प्रवक्ता के पास युद्ध से संबंधित गोपनीय सामग्री तक पहुंच थी. फेल्डस्टीन पर आरोप है कि उन्होंने एक सीक्रेट दस्तावेज को जर्मन मीडिया में लीक किया था.