Last Updated:August 05, 2025, 12:24 IST
Jammu Kashmir Statehood: सुप्रीम कोर्ट में जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य की मांग वाली याचिका दायर की गई है. सुप्रीम कोर्ट में इसपर 8 अगस्त को सुनवाई होगी.

हाइलाइट्स
सुप्रीम कोर्ट में जम्मू-कश्मीर राज्य की याचिका पर सुनवाई 8 अगस्त को होगी.याचिका में जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग है.सुप्रीम कोर्ट ने राज्य का दर्जा जल्द बहाल करने का आश्वासन दिया था.Jammu Kashmir Statehood News: केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग उठने लगी है. सुप्रीम कोर्ट दायर याचिका पर सुनवाई को लेकर तैयार है. पूर्ण राज्य बहाल करने वाली याचिका पर कोर्ट 8 अगस्त को सुनवाई कर सकता है. याचिकाकर्ता के सीनियर वकील गोपाल शंकरनारायण ने भारत के चीफ चीफ जस्टिस बीआर गवई के सामने इस मामले का उल्लेख करते हुए कहा, ‘इस तारीख पर सुनवाई हो, इसे बदला ना जाए, यही अनुरोध है.ट चीफ जस्टिस ने उनके अनुरोध को स्वीकार कर लिया.
संयोग ये है कि आज ही के दिन 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त किया गया था. आज इसकी छठी वर्षगांठ मनाई जा रही है. यह आवेदन निपटाए गए मामले ‘संविधान के अनुच्छेद 370 के संबंध’ में एक विविध आवेदन के रूप में दायर किया गया है. उस मामले में जिसमें सर्वोच्च न्यायालय ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने के फैसले को बरकरार रखा था.
सुप्रीम कोर्ट ने जल्द बहाल करने का आश्वासन दिया था
उस फैसले में सुनावई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आश्वासन दिया था कि जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा. जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 की संवैधानिकता के मुद्दे पर विचार नहीं किया, जिसने जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया था. न्यायालय ने बिना कोई समय-सीमा निर्धारित किए केवल यह निर्देश दिया कि ‘राज्य का दर्जा यथाशीघ्र और यथाशीघ्र बहाल किया जाए.’
पूर्ण राज्य का दर्जा देने में देर हो रही है: खुर्शीद अहमद मलिक
आवेदकों, कॉलेज शिक्षक ज़हूर अहमद भट और कार्यकर्ता खुर्शीद अहमद मलिक ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल द्वारा जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के आश्वासन के बावजूद, अनुच्छेद 370 मामले में फैसले के बाद पिछले ग्यारह महीनों में केंद्र ने इस संबंध में कोई कदम नहीं उठाया है. आवेदकों ने तर्क दिया कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल न करना संघवाद की मूल विशेषता का उल्लंघन है. उन्होंने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे को समयबद्ध तरीके से बहाल न करना संघवाद की अवधारणा का उल्लंघन है, जो भारत के संविधान के मूल ढांचे का एक हिस्सा है.’
दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व...और पढ़ें
दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व...
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Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
August 05, 2025, 12:07 IST