US Department of Education: आखिरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक बहुप्रतीक्षित फैसला लेते हुए शिक्षा विभाग को खत्म करने के लिए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए. यह निर्णय अमेरिकी दक्षिणपंथी नेताओं का दशकों पुराना लक्ष्य रहा है जिसमें वे चाहते थे कि शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से राज्यों के हाथ में हो और संघीय सरकार का इसमें कोई हस्तक्षेप न हो. व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में हुए इस समारोह में ट्रंप ने आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए कहा कि हम इसे जितनी जल्दी हो सके खत्म कर देंगे. हालांकि इस विभाग को पूरी तरह से बंद करने के लिए कांग्रेस की मंजूरी की जरूरत होगी जो फिलहाल ट्रंप प्रशासन के पास नहीं है.
शिक्षा नीति में बड़ा बदलाव.. राज्यों को मिलेगा पूरा अधिकार
असल में अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप प्रशासन का यह आदेश शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से राज्य सरकारों के हाथ में सौंपने की शुरुआत है. इस फैसले के बाद संघीय शिक्षा विभाग की भूमिका लगभग समाप्त हो जाएगी और स्कूलों की नीतियां पूरी तरह से राज्य सरकारें और स्थानीय स्कूल बोर्ड तय करेंगे. इस कदम से अमेरिका में पब्लिक स्कूलों की पॉलिसी और उच्च शिक्षा के वित्त पोषण जैसे विषयों पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है. ट्रंप ने कहा कि शिक्षा वहां होनी चाहिए जहां उसकी असली जरूरत है.
4200 कर्मचारियों की नौकरी पर संकट.. 251 अरब डॉलर के बजट पर असर
शिक्षा विभाग को बंद करने से इसका सीधा असर वहां काम करने वाले 4200 कर्मचारियों की नौकरियों पर पड़ेगा. यह विभाग अमेरिका में शिक्षा से जुड़े कई कार्यक्रमों और अनुदानों का संचालन करता है जिसका सालाना बजट 251 बिलियन डॉलर करीब 20.83 लाख करोड़ रुपये है. ट्रंप प्रशासन ने पहले ही विभाग में आधे कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा कर दी थी और अब इस आदेश के बाद यह संकट और गहरा सकता है.
रिपब्लिकन का समर्थन.. डेमोक्रेट्स ने किया विरोध
ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी लंबे समय से संघीय शिक्षा विभाग को बंद करने के पक्ष में रही है. उनका मानना है कि संघीय सरकार शिक्षा में अनावश्यक हस्तक्षेप करती है और राज्यों को अपनी शिक्षा नीतियां खुद तय करने का अधिकार मिलना चाहिए. वहीं डेमोक्रेट्स और शिक्षाविदों ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है. सीनेट में डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने इसे शिक्षा पर हमला और तानाशाही कदम करार दिया. उन्होंने कहा कि यह फैसला लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित करेगा और अमेरिका की शिक्षा प्रणाली को कमजोर कर देगा.
ट्रंप की शिक्षा नीति पर सवाल तो आगे क्या?
डोनाल्ड ट्रंप की शिक्षा नीति को लेकर पहले भी विवाद रहा है. उन्होंने स्कूलों में एलजीबीटीक्यू+ शिक्षा और जेंडर स्टडीज को लेकर भी विरोध जताया था. कई रिपब्लिकन नेताओं का मानना है कि अमेरिकी स्कूलों में वामपंथी विचारधारा को बढ़ावा दिया जा रहा है और इसे खत्म करना जरूरी है. हालांकि शिक्षा विभाग को पूरी तरह से बंद करना आसान नहीं होगा क्योंकि इसके लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होगी. Photo Credit: White House X