Last Updated:April 02, 2025, 23:36 IST
असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक पर नाराजगी जताई और इसे मुसलमानों के खिलाफ बताया. उन्होंने बिल को फाड़ने की धमकी दी और इसे असंवैधानिक करार दिया.

वक्फ बिल पर बोलते हुए असदु्दीन ओवैसी ने बीजेपी पर हमला किया.
हाइलाइट्स
असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ बिल को मुसलमानों के खिलाफ बताया.नाराज ओवैसी ने संसद में वक्फ संशोधन बिल की कॉपी फाड़ दीओवैसी ने बिल को असंवैधानिक करार दिया. कहा-यह मुस्लिमों का हक छीनेगा.हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा काफी नाराजगी दिखाई. ओवैसी ने कहा, यह बिल मोदी सरकार की ओर से देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ युद्ध की घोषणा है. सरकार का एकमात्र उद्देश्य मुसलमानों को दूसरे दर्जे का नागरिक महसूस कराना है. ऐसा बिल मैं बर्दाश्त नहीं कर सकता, इसलिए गांधी की तरह मैं इस बिल को फाड़ दूंगा. पांच साल तक इस्लाम का पालन करने वाले व्यक्ति को वक्फ घोषित करने का अधिकार देने के प्रावधान पर ओवैसी ने मजाकिया अंदाज में संसदीय कार्यमंत्री से पूछा, यह कैसे निर्धारित किया जाएगा? अगर उसकी दाढ़ी है, तो क्या उसे मुस्लिम माना जाएगा, या उसे साफ-सुथरा रहना चाहिए? अगर वह क्लीन सेव निकला तो?
ओवैसी ने कहा, जो कानून आप लेकर आए हैं, उसमें जज भी आप हैं और फैसला भी आप करेंगे. ओवैसी का दावा है कि यह बिल सभी धर्मों की समानता के संवैधानिक प्रावधान के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि गैर-मुस्लिम लोग वक्फ बोर्ड का हिस्सा होंगे, जबकि अन्य धर्मों के मामले में ऐसा नहीं है. ओवैसी ने कहा, आज हमने गृह मंत्री को यह कहते हुए सुना कि बोर्ड और परिषद इस्लाम से अलग है. अगर यह सच है, तो इस कानून की कोई जरूरत नहीं है. आपको बस एक वैधानिक निकाय बनाना चाहिए. यह विधेयक अनुच्छेद 26 का गंभीर उल्लंघन है.
मंदिर तो संरक्षित होंगे मगर मस्जिद नहीं
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, इस संशोधन के पारित होने के बाद केवल प्राचीन मंदिर ही संरक्षण में रहेंगे, प्राचीन मस्जिदें नहीं. अब मेरे जैसे मुस्लिमों के हितों की रक्षा कौन करेगा. अगर मैं राज्य और केंद्रीय वक्फ बोर्ड पर निर्भर नहीं रह सकता, तो हमें कौन बचाएगा. इस बिल से गैर-मुस्लिमों को बोर्ड में प्रमुख पदों पर बिठाया जाएगा. ओवैसी ने कहा, महिला सशक्तिकरण को लेकर आपके पास चिंता करने के लिए बहुत कुछ है. काश, आपने बिलकिस बानो के प्रति भी ऐसी ही सहानुभूति दिखाई होती. ओवैसी ने उन सभी खंडों पर मतविभाजन की मांग की है, जिनमें उन्होंने संशोधन प्रस्तुत किए हैं.
बिल फाड़ना असंवैधानिक
ओवैसी के बिल फाड़ने पर वक्फ बोर्ड पर बनी जेपीसी के चेयरमैन जगदम्बिका पाल ने कहा कि ओवैसी ने विधेयक फाड़ा और असंवैधानिक तरीके से काम किया. बिल सीधे भी पास करवाया जा सकता था. सरकार के पास दोनों सदनों में बहुमत है. लेकिन हमने सहमति लेना उचित समझा. वक्फ संशोधन बिल पर जेपीसी की 38 बैठकें हुई हैं. सबकी राय ली गई. जेपीसी चेयरमैन होने के नाते मैंने प्रत्येक सदस्य को अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त समय दिया.
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New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
April 02, 2025, 23:36 IST