Last Updated:August 30, 2025, 21:33 IST

नई दिल्ली. केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी कि चंडीगढ़ ज़ोनल ऑफिस ( Directors of Enforcement/ED ) ने 26 अगस्त 2025 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत एक अस्थायी कुर्की आदेश (PAO) जारी करते हुए ₹9.31 करोड़ की संपत्तियों को कुर्क किया है. ये संपत्तियाँ आरोपी नबाब उर्फ लविश चौधरी, राजेन्द्र कुमार सूद और उनके एजेंटों व परिजनों से जुड़ी हैं.
यूपी, हरियाणा, हिमाचल, पंजाब में संपत्तियों को किया अटैच
कुर्क की गई संपत्तियों में 45 अचल संपत्तियां – फ्लैट, प्लॉट और कृषि भूमि – शामिल हैं, जो उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में फैली हुई हैं. इसके अलावा, कई बैंक खातों में जमा राशि भी कुर्क की गई है. जांच में सामने आया कि ये संपत्तियां 2019 से 2025 के बीच घोटाले की अवधि में अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) से खरीदी गई थीं, जिन्हें परिजनों और करीबी सहयोगियों के नाम पर खड़ा किया गया.
ईडी की तफ्तीश में पता चला “ठगी का नया तरीका “(Modus Operandi):
ED की जांच के अनुसार, आरोपियों के द्वारा करोड़ो रूपये के ठगी को अंजाम देने के लिए कई अलग – अलग तरीके इस पोंजी और मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) स्कीम थी. QFX ग्रुप ने निवेशकों को विदेशी मुद्रा (Forex) ट्रेडिंग के नाम पर 5–6% मासिक रिटर्न का झांसा दिया, जबकि वास्तव में कोई ट्रेडिंग नहीं होती थी.
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h...और पढ़ें
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Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
August 30, 2025, 21:33 IST