Last Updated:March 21, 2025, 10:17 IST
Why 100 ML Liquid allowed in Airport: प्लेन में पैसेंजर अपने साथ सिर्फ 100 एमएल पानी या किसी भी तरह का लिक्विड क्यों ले जा सकते हैं. क्या है इस नियम को लेकर असल वजह. इस नियम का आतंकी घटना से क्या है कनेक्श...और पढ़ें

(फाइल फोटो)
हाइलाइट्स
2006 में बनाया गया था प्लेन में 100 एमएल तक लिक्विड ले जाने का नियम.आतंकी वारदात को विफल करने के बाद ICAO ने बनाया था यह नियम.दुनिया के सभी एयरपोर्ट पर कड़ाई से लागू किया गया था यह नया नियम.Why 100 ML Liquid allowed in Airport: प्लेन में सिर्फ 100 एमएल पानी या लिक्विड ले जाने की इजाजत क्यों मिलती है. दुनिया के किसी भी एयरपोर्ट पर इससे अधिक लिक्विड प्लेन में ले जाने की इजाजत क्यों नहीं दी जाती हैं. तो इसका जवाब 19 साल पहले लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर हुई एक आतंकी घंटना से जुड़ा हुआ है. दरअसल, यह मामला 2006 का है, जब एक आतंकी अपने नापाक मंसूबों को अंदाम देने के लिए विस्फोट को पानी की बोतल में छिपाकर ले जा रहा था.
गनीमत रही कि एन वक्त पर सुरक्षा एजेंसियों को इस आतंकी के मंसूबे के बारे में पता चल गया और इस आतंकी वारदात को अंजाम देने से पहले ही रोक दिया गया. इस घटना को इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन ने बड़ी गंभीरता से लिया था. भविष्य में ऐसी घटना को फिर से अंजाम न दिया जा सके, लिहाजा 100 एमएल तक ही लिक्विड प्लेन में ले जाने की इजाजत देने का नियम बनाया गया था.
इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन द्वारा बनाए गए इस नियम को दुनिया के सभी एयरपोर्ट ने अपने यहां लागू किया था. इसी के बाद से दुनिया के सभी एयरपोर्ट पर पैसेंजर्स को अपने साथ लाए 100 एमएल लिक्विड को ही सिक्योरिटी होल्ड एरिया में ले जाने की इजाजत दी जाने लगी. भले ही, पैसेंजर अपने साथ सील्ड पैक बोतल में पानी ही क्यों ना लाया हो. इससे अधिक लिक्विड को सुरक्षा जांच के बाद चेकइन बैगेज में रखने का नियम भी बनाया गया था.
क्या है हीथ्री एयरपोर्ट की आतंकी घटना
2006 में ब्रिटिश एयरवेज़ की एक फ्लाइट में यात्रा करने वाले कुछ पैसेंजर ने एयरपोर्ट सुरक्षा चेक से पहले अपनी पानी की बोतलें अपने बैग में रख ली थीं. सुरक्षा अधिकारियों ने जब इन बोतल को चेक किया, तो पाया कि इनमें कुछ अजीब सा है और संदिग्ध पदार्थ हो सकता है. इस पर सुरक्षा अधिकारियों ने छानबीन की और पाया कि कुछ बोतलें असल में विस्फोटक पदार्थों से भरी हुई थीं, जो पानी की बोतल की पैकिंग में छिपाई गई थीं.
लिक्विड को लेकर बनाए गए कड़े सुरक्षा नियम
यह मामला आतंकवादी साजिश का हिस्सा था, जिसमें कुछ आतंकी समूह पानी की बोतलें और अन्य साधारण सामान के जरिए विस्फोटक पदार्थों को एयरपोर्ट के भीतर ले जाने की साजिश को अंजाम देने की कोशिश कर रहे थे. गनीमत रही कि सुरक्षा जांच में इन बोतलों को पहचान लिया गया और इस साजिश को विफल कर दिया गया. इसके बाद, दुनियाभर के एयरपोर्ट्स पर सुरक्षा जांच प्रक्रिया में कड़े बदलाव किए गए, जिसमें लिक्विड्स (तरल पदार्थों) को 100 एमएल से ज्यादा नहीं लाने का नियम लागू किया गया.
First Published :
March 21, 2025, 08:37 IST