बजट 2026 : इस बार 80सी में छूट की लिमिट बढ़ाने की तैयारी, अभी 1.5 लाख तक निवेश पर नहीं लगता इनकम टैक्‍स

1 day ago

Last Updated:January 07, 2026, 17:13 IST

Budget 2026 : 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में एक बार फिर मिडिल क्‍लास की कई उम्‍मीदें पूरी होने वाली हैं. माना जा रहा है कि इस बजट में 80सी की लिमिट बढ़ाई जाने के साथ ही पुराने रिजीम में बेसिक टैक्‍स छूट का दायरा भी बढ़ाया जा सकता है.

बजट में फिर मिडिल क्‍लास को छूट देने की तैयारी, पुराने टैक्‍स रिजीम में बदलाव!इनकम टैक्‍स की धारा 80सी में 1.50 लाख तक टैक्‍स छूट मिलती है.

नई दिल्‍ली. सरकार 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में एक बार फिर करदाताओं को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है. पिछली बार नए रिजीम में 12 लाख तक की कमाई को पूरी तरह टैक्‍स फ्री करने के बाद अब सरकार ने पुराने टैक्‍स रिजीम को अपनाने वाले टैक्‍सपेयर्स को राहत देने पर विचार करना शुरू कर दिया है. सूत्रों का कहना है कि आगामी बजट में सरकार इनकम टैक्‍स की धारा 80सी के तहत टैक्‍स छूट का दायरा बढ़ाने का फैसला कर सकती है. इसके अलावा पुराने रिजीम में मिलने वाली सीधी टैक्‍स छूट की सीमा को भी बढ़ाया जा सकता है.

सूत्रों का कहना है कि ऐसे करदाता जो पुराने टैक्‍स रिजीम का चुनाव करते हैं, उनके लिए बेसिक टैक्‍स छूट की सीमा को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाया जा सकता है. अभी पुरानी रिजीम में 2.5 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्‍स नहीं लगता है. इसके अलावा निवेश पर धारा 80सी के तहत मिलने वाली 1.5 लाख रुपये तक की टैक्‍स छूट की सीमा को भी बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया जा सकता है. इसका मकसद बीमा पॉलिसी के प्रीमियम पर आने वाले खर्च और बच्‍चों पढ़ाई पर बढ़े खर्च पर भी टैक्‍स छूट दिलाना है.

किन चीजों पर मिलती है 80सी में छूट
आज भी बड़ी संख्‍या में नौकरीपेशा लोग पुराने टैक्‍स रिजीम को अपनाते हैं, क्‍योंकि इसमें उनके तमाम तरह के खर्च पर टैक्‍स छूट मिल जाती है. इनकम टैक्‍स की धारा 80सी के तहत पीएफ में निवेश, पीपीएफ, होम लोन के ब्‍याज, स्‍कूल फीस और इंश्‍योरेंस प्रीमियम आदि पर 1.5 लाख रुपये तक के खर्च पर सीधी टैक्‍स छूट दी जाती है. टैक्‍सपेयर्स की लंबे समय से डिमांड थी कि इसमें बढ़ोतरी की जाए, लेकिन सरकार का फोकस नए टैक्‍स रिजीम पर था. अब कयास लगाए जा रहे कि पुराने टैक्‍स रिजीम में 80सी के तहत टैक्‍स छूट का दायरा बढ़ाया जा सकता है.

कैपिटल गेन टैक्‍स भी सरल बनेगा
टैक्‍सपेयर्स को कैपिटल गेन टैक्‍स को भी सिंपल बनाए जाने की उम्‍मीद है. अभी अलग-अलग असेट पर अलग-अलग तरीके से कैपिटल गेन टैक्‍स लगाया जाता है, जिससे निवेशकों के बीच असमंजस की स्थिति र‍हती है. करदाताओं और एक्‍सपर्ट का मानना है कि शेयर, म्‍यूचुअल फंड, गोल्‍ड और प्रॉपर्टीज पर एकसमान कैपिटल गेन टैक्‍स लगाया जाना चाहिए, ताकि अलग-अलग संपत्तियों में निवेश को लेकर कंफ्यूजन की स्थिति न रहे.

क्रिप्‍टो पर भी स्‍पष्‍टीकरण की डिमांड
निवेशकों और टैक्‍सपेयर्स को डिजिटल एसेट पर लगने वाले टैक्‍स पर भी स्‍पष्‍टीकरण की उम्‍मीद है. अभी क्रिप्‍टोकरेंसी और विदेशी कमाई पर लगने वाले टैक्‍स को लेकर तमाम तरह की कंफ्यूजन है. टैक्‍सपेयर्स ने इस मैटर पर स्‍पष्‍ट गाइडलाइन और कम टैक्‍स लगाए जाने की उम्‍मीद जताई है. एक्‍सपर्ट का मानना है कि आने वाले बजट में करदाताओं को इस पर ज्‍यादा सरल और स्‍पष्‍ट निर्देश मिलेंगे, जिससे मिडिल क्‍लास और सैलरीड पर्सन को बजट से एक बार फिर बड़ी राहत की उम्‍मीद पूरी होगी. इस बात की पूरी उम्‍मीद है कि आने वाला बजट भी टैक्‍सपेयर्स के लिए बड़ा मौका होगा.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि...और पढ़ें

Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

January 07, 2026, 17:13 IST

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बजट में फिर मिडिल क्‍लास को छूट देने की तैयारी, पुराने टैक्‍स रिजीम में बदलाव!

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