Last Updated:April 05, 2025, 07:39 IST
Bihar News: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बिहार के 7 शहरों में हवाई अड्डों के विकास के लिए 190 करोड़ रुपए जारी कर दिये हैं. राज्य की नीतीश सरकार के अनुरोध पर सहरसा, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, वाल्मीकि नगर, मधुबनी, प...और पढ़ें

उड़ान योजना के तहत बिहार के सात हवाई अड्डों का होगा विकास
हाइलाइट्स
बिहार के सात शहरों में हवाई अड्डों के विकास के लिए 190 करोड़ रुपये मंजूर किए.केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत बिहार के सात हवाई अड्डों का होगा विकास.नीतीश सरकार के अनुरोध पर मिली मंजूरी, पर्यटन और रोजगार में वृद्धि की संभावना.पटना. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बिहार के 7 शहरों से उड़ान योजना के तहत हवाई अड्डों के विकास को स्वीकृति देते हुए इसके लिए राशि भी जारी कर दी है. बिहार सरकार के अनुरोध पर छोटे विमान के उड़ानों का संचालन सहरसा, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, वाल्मीकि नगर, मधुबनी और पूर्णिया के साथ सुपौल के वीरपुर से विमानों का उड़ान संभव हो सकेगा. इससे इन क्षेत्रों में जहां पर्यटन उद्योग को लाभ पहुंचेगा वहीं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे. बता दें कि बिहार सरकार के अनुरोध पर इन छोटे शहर इन शहरों से छोटे विमान के उड़ानों के संचालक को मंजूरी दी गई है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय की 15वीं परियोजना मूल्यांकन समिति की नई दिल्ली में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया और केंद्र सरकार ने इन शहरों में हवाई अड्डों के विकास के लिए 190 करोड रुपए की राशि भी जारी कर दी है.
जानकारी के अनुसार, इन हवाई अड्डों का विकास भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण के स्तर से किया जाएगा और इसके लिए राज्य सरकार प्राधिकरण के साथ समझौता यानी एमओयू करेगी. बिहार सरकार के अनुरोध पर प्रदेश में छोटे विमानों (20 सीट वाले विमान) उड़ानों के संचालन के लिए सात हवाई अड्डों का चयन किया गया है. इसके तहत ही उनके विकास के लिए केंद्र सरकार ने यह राशि जारी की है. केंद्र सरकार की ओर से वीरपुर (सुपौल), सहरसा, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, वाल्मीकि नगर और मधुबनी के लिए 25-25 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है, जबकि पूर्णिया एयरपोर्ट के विकास के लिए 40 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं.
बता दें कि उड़ान योजना से राज्य सरकार के स्वामित्व वाले हवाई अड्डों के विकास में से राज्य में नगर विमान संरचना में बढ़ोतरी होगी. वहीं, बाढ़ जैसी आपदा में इन हवाई अड्डों के माध्यम से आपदा और राहत के कार्य आसानी से किये जा सकेंगे. इन सातों शहरों में पूर्णिया और पश्चिम चंपारण का वाल्मीकि नगर बेहद महत्वपूर्ण है. सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण पूर्णिया से नागरिक विमानों का संचालन होना क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी उपलब्धि वाला है. वहीं, वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व पश्चिम चंपारण में स्थित है और यहां हाल के वर्षों में पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ी है. यहां हवाई अड्डा का विकास होने से पर्यटक कम समय में पहुंच सकेंगे और आवाजाही आसान हो जाने से पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी की संभावना है.
First Published :
April 05, 2025, 07:39 IST