Last Updated:January 30, 2026, 22:47 IST
Hamid Ansari Controversy: पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने महमूद गजनवी और लोदी शासकों को 'भारतीय लुटेरा' बताकर विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने कहा कि वे विदेशी नहीं थे, जबकि इतिहास उन्हें अफगानिस्तान और मध्य एशिया से आया आक्रमणकारी मानता है. बीजेपी ने इसे विदेशी लुटेरों का महिमामंडन और हिंदू विरोधी मानसिकता बताया है. ऐतिहासिक तथ्य साफ करते हैं कि गजनवी ने 17 बार भारत को लूटा और लोदी वंश अफगान मूल का था.
गजनी-लोदी को बताया 'देसी लुटेरा', हामिद अंसारी के बयान पर सियासी जंग.नई दिल्ली: पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के ताजा बयान ने सियासी बहस छेड़ दी है. उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान महमूद गजनवी और लोदी वंश के शासकों को ‘भारतीय लुटेरा’ करार दिया. अंसारी का तर्क है कि जिन्हें हम इतिहास की किताबों में विदेशी आक्रमणकारी कहते हैं, वे वास्तव में भारतीय थे और बाहर से नहीं आए थे. उनके इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उन पर तीखा हमला बोला है. बीजेपी का कहना है कि यह बयान न केवल ऐतिहासिक तथ्यों के खिलाफ है बल्कि विदेशी लुटेरों का महिमामंडन करने जैसा है. इस विवाद ने एक बार फिर इतिहास के उन पन्नों को पलट दिया है जिन्हें लेकर सालों से मतभेद रहे हैं.
हामिद अंसारी ने गजनी और लोदी के बारे में क्या दावा किया?
हामिद अंसारी ने अपने इंटरव्यू में कहा कि गजनी और लोदी जैसे शासकों को विदेशी कहना सिर्फ राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है. उनके मुताबिक ये सभी भारतीय लुटेरे थे. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे बाहर से नहीं आए थे. उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही विवाद गहरा गया. अंसारी ने यह भी संकेत दिया कि इतिहास को जिस चश्मे से देखा जा रहा है, उसमें सुधार की जरूरत है. उनके इस तर्क ने इतिहासकारों और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है क्योंकि दोनों को ही विदेशी आक्रांता कहा गया है.
महमूद गजनी या महमूद गजनवी?
गजनवी वह व्यक्ति था जिसने भारत पर 17 बार आक्रमण किए थे. ‘गजनवी’ शब्द का अर्थ है ‘गजनी का रहने वाला’ या ‘गजनी वंश का’. उसका पूरा नाम सुल्तान महमूद गजनवी था. इतिहास में उसे उसकी क्रूरता और मंदिरों को लूटने के लिए जाना जाता है. जबकि गजनी वर्तमान अफगानिस्तान में स्थित एक शहर का नाम है. यह उस समय एक शक्तिशाली साम्राज्य (गजनवी साम्राज्य) की राजधानी थी.
जब हम कहते हैं कि ‘गजनी ने हमला किया’, तो वह बोलचाल की भाषा में उस साम्राज्य या उसके शासक की ओर इशारा होता है, लेकिन सही नाम ‘महमूद गजनवी’ है.
क्या महमूद गजनी वास्तव में भारतीय था या विदेशी आक्रमणकारी?
इतिहास के दस्तावेज हामिद अंसारी के दावे से एकदम अलग कहानी बयां करते हैं. महमूद गजनवी अफगानिस्तान के गजनी साम्राज्य का शासक था. उसने 10वीं और 11वीं शताब्दी के दौरान भारत पर 17 बार आक्रमण किया थे. उसका मुख्य मकसद भारत की धन-दौलत को लूटना और अपने गजनी साम्राज्य को मजबूत करना था. इतिहासकार बताते हैं कि उसने सोमनाथ मंदिर सहित कई हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया. वह भारत में बसने नहीं बल्कि लूट का माल लेकर वापस अपने देश गजनी जाने के लिए आता था. ऐसे में उसे भारतीय कहना ऐतिहासिक तथ्यों को पूरी तरह नकारने जैसा है.
लोदी वंश की जड़ें कहां थीं और वे भारत कैसे पहुंचे?
लोदी वंश के बारे में बात करें तो यह दिल्ली सल्तनत का आखिरी वंश था. बहलोल लोदी ने इस वंश की स्थापना की थी. लोदी मूल रूप से अफगान थे और पश्तून जनजाति से ताल्लुक रखते थे. हालांकि उन्होंने भारत पर शासन किया और यहीं बस गए, लेकिन उनकी उत्पत्ति विदेशी ही थी. वे मध्य एशिया के पहाड़ी इलाकों से भारत आए थे. इब्राहिम लोदी इस वंश का आखिरी शासक था जिसे बाबर ने पानीपत की पहली लड़ाई में हराया था. अंसारी का उन्हें ‘भारतीय’ कहना इस आधार पर हो सकता है कि उन्होंने यहां शासन किया, लेकिन उनकी शुरुआत एक विदेशी के तौर पर ही हुई थी.
बीजेपी ने हामिद अंसारी के बयान पर क्या तीखी प्रतिक्रिया दी?
बीजेपी ने हामिद अंसारी के इस बयान को ‘बीमार मानसिकता’ का प्रतीक बताया है. बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विदेशी आक्रमणकारियों के प्रति अंसारी का लगाव दुखद है. उन्होंने तर्क दिया कि मुगल और अन्य मुस्लिम शासक बगदाद के खलीफा के प्रतिनिधि के रूप में शासन करते थे, जैसे ब्रिटिश वायसराय लंदन की रानी के लिए काम करते थे. वहीं शहजाद पूनावाला ने कहा कि सोमनाथ मंदिर को अपवित्र करने वाले गजनवी की तारीफ करना हिंदुओं का अपमान है. बीजेपी ने इसे कांग्रेस और उसके सहयोगियों की हिंदू विरोधी राजनीति का हिस्सा करार दिया है.
इतिहास की किताबों और फैक्ट्स के आधार पर क्या है असली हकीकत?
ऐतिहासिक रिसर्च और साक्ष्य बताते हैं कि गजनवी और लोदी, दोनों ही भौगोलिक और सांस्कृतिक रूप से भारत के बाहर से आए थे. गजनवी का भारत में कोई स्थायी निवास नहीं था, वह एक हमलावर था. वहीं लोदी वंश ने भारत को अपना घर बनाया जरूर, लेकिन उनकी सेना और शासन व्यवस्था में अफगानी प्रभाव साफ दिखता था. किसी भी विदेशी आक्रमणकारी को केवल इसलिए ‘भारतीय’ नहीं कहा जा सकता कि उसने भारतीय जमीन पर लूटपाट की या शासन किया.
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दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़...और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
January 30, 2026, 19:57 IST

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