Last Updated:April 03, 2025, 07:37 IST
Trump Tariff On India: डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर 26% टैरिफ की घोषणा की है. उन्होंने पीएम मोदी को दोस्त बताते हुए टैरिफ असमानता खत्म करने पर जोर दिया है.

डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को अपना दोस्त बताया है.
हाइलाइट्स
भारत पर 26% टैरिफ की घोषणा ट्रंप ने की.ट्रंप ने भारत से टैरिफ असमानता खत्म करने पर जोर दिया.भारत 26% टैरिफ कम करे तो अमेरिका भी शुल्क घटा सकता है.Trump Tariff On India: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत सहित दुनिया के तमाम देशों के खिलाफ टैरिफ की घोषणा कर दी है. ट्रंप प्रशासन ने भारतीय उत्पादों पर 26 फीसदी टैरिफ की घोषणा की. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी उनके अच्छे दोस्त हैं, लेकिन भारत अमेरिकी उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाता है. वह अमेरिकी सामानों पर 50 से 100 फीसदी तक का भारी शुल्क वसूलता है. बदले में अमेरिका भारतीय सामानों पर बेहद कम शुल्क लगाता है. इस कारण भारत और अमेरिका का द्विपक्षीय व्यापार पूरी तरह भारत के पक्ष में झुका हुआ है. अमेरिका को करीब 50 अरब डॉलर का व्यापार घाटा हो रहा है. अमेरिका के 26 फीसदी टैरिफ की वजह से इस व्यापार घाटे में करीब आठ अरब डॉलर की कमी आ सकती है. यह व्यापार घाटा 40 अरब डॉलर के करीब आ सकता है.
इस असमानता को खत्म करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने फेयर एंड रेसिप्रोकल प्लान पर जोर दे रहे हैं, जिसका लक्ष्य दोनों देशों के बीच व्यापार को निष्पक्ष बनाना और अमेरिका का व्यापार घाटा कम करना है. ट्रंप ने डेटा के साथ दावा किया कि अगर भारत टैरिफ में 26% की कटौती करता है, तो अमेरिका भी अपने शुल्क घटा सकता है, जिससे 5-8 बिलियन डॉलर का व्यापार घाटा कम हो सकता है.
भारत से क्या चाहते हैं ट्रंप
ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि भारत बहुत सख्त है. वे हमसे 52% टैरिफ लेते हैं, लेकिन अब मेरी नीति के दबाव में वे टैरिफ कम करने को तैयार हैं. उनका कहना है कि भारत के साथ सालाना 190 बिलियन डॉलर का व्यापार होता है, जिसमें भारत को 50 बिलियन डॉलर का फायदा है. वे इस अंतर को 40 बिलियन डॉलर तक लाना चाहते हैं. इसके लिए ट्रंप ने ऑटोमोबाइल, मोटरसाइकिल, व्हिस्की और कृषि उत्पादों जैसे क्षेत्रों में भारत से टैरिफ घटाने की मांग की है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत ने कुछ हद तक टैरिफ कम करने का वादा किया है, लेकिन वे इसे पर्याप्त नहीं मानते. ट्रंप की उम्मीद है कि भारत बड़े पैमाने पर शुल्क में कटौती करे, खासकर उन क्षेत्रों में जहां अमेरिकी कंपनियों को भारतीय बाजार में दिक्कत होती है.
अमेरिका भारत को रियायत देने को तैयार
ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना दोस्त बताते हुए कहा कि मोदी हाल ही में मुझसे मिले थे, लेकिन व्यापार में भारत ने अमेरिका के साथ सही व्यवहार नहीं किया. उनकी नीति का आधार अमेरिका फर्स्ट है, जिसके तहत वे चाहते हैं कि अमेरिकी सामान भारत में सस्ते हों और कंपनियां वहां आसानी से पहुंच सकें. इसके बदले में वे भी भारत को अमेरिकी बाजार में कुछ रियायत देने को तैयार हैं, बशर्ते भारत पहले कदम उठाए.
ट्रंप ने डेटा पेश करते हुए कहा कि भारत अगर 26% टैरिफ कम करता है, तो दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन बेहतर होगा और अमेरिका का 5-8 बिलियन डॉलर का घाटा घट सकता है. यह उनके व्यापक प्लान का हिस्सा है, जिसमें वे वैश्विक व्यापार को अमेरिका के पक्ष में मोड़ना चाहते हैं.
First Published :
April 03, 2025, 07:36 IST