Last Updated:April 02, 2025, 11:47 IST
Land Owned by Temple : देश में मंदिरों के पास कुल कितनी जमीनें हैं और इन जमीनों का असली मालिक कौन है. यह सवाल सरकार के वक्फ बोर्ड को लेकर पेश किए जाने वाले नए बिल के साथ ही लोगों के मन में उठना शुरू हो गया है.

देश में मंदिरों के पास सबसे ज्यादा जमीन तमिलनाडु में है.
हाइलाइट्स
देश में मंदिरों के पास 20 लाख एकड़ से ज्यादा जमीन है.सुप्रीम कोर्ट ने कहा, पुजारी मंदिर की संपत्ति का मालिक नहीं होता.वक्फ बोर्ड के पास 9.4 लाख एकड़ और चर्च के पास 2-3 लाख एकड़ जमीन है.नई दिल्ली. केंद्र सरकार आज यानी बुधवार को संसद में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों और जमीनों को लेकर नया बिल पेश करने वाली है. वक्फ की संपत्तियों की बात चली है तो आमजन के मन में मंदिरों की जमीनों को लेकर भी सवाल जरूर उठ रहे होंगे. आखिर देश में मंदिरों के पास कुल कितनी जमीनें हैं और उन जमीनों का मालिक कौन होता है. क्या मंदिर के पुजारी को ही इन जमीनों का असली मालिक माना जाता है या फिर किसी को मालिकाना हक दिया गया है.
बात अगर देश में मंदिरों की कुल जमीनों की करें तो इसका सही-सही आंकड़ा तो नहीं है, लेकिन कुछ राज्य सरकारों ने जरूर मंदिरों के अधीन आने वाली जमीनों का आंकड़ा जारी किया है. इस बारे में कैग यानी देश के महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट भी मंदिरों के अधीन आने वाली जमीनों का आंकड़ा पेश करती हैं. इस रिपोर्ट की मानें तो सिर्फ 4 राज्यों में ही मंदिरों के पास इतनी जमीनें हैं, जितनी वक्फ बोर्ड के पास देशभर में नहीं हैं.
4 राज्यों में 10 लाख एकड़ जमीन
कैग की रिपोर्ट बताती है कि दक्षिण भारत के चार प्रमुख राज्यों में सबसे ज्यादा हिंदू मंदिर हैं और उनके पास जमीनें भी काफी हैं. इस मामले में दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य की सरकार ने भी आंकड़े जारी कर बताया कि उनके यहां करीब 44 हजार हिंदू मंदिर हैं, जिनके पास करीब 5 लाख एकड़ जमीन है. इसके अलावा आंध्र प्रदेश के इंडोमेंट विभाग ने भी बताया है कि उनके यहां मंदिरों के पास 4.6 लाख एकड़ जमीन होने का खुलासा किया है. इसके अलावा तेलंगाना में 87 हजार एकड़ तो ओडिशा में करीब 13 हजार एकड़ जमीनें मंदिरों के अधीन आती हैं. इस तरह, यह आंकड़ा 10 लाख एकड़ को भी पार कर जाता है.
यूपी सहित अन्य राज्यों में भी जमीनें
ऐसा नहीं है कि सिर्फ दक्षिण भारत में ही मंदिरों के पास जमीनें हैं. यूपी में भी मंदिरों के पास करीब 4.6 लाख एकड़ जमीन का आंकड़ा बताया जा रहा, जिसमें से 1 लाख एकड़ सिंचाई वाली जमीन है. पश्चिम बंगाल में भी मंदिरों के अधीन हजारों एकड़ जमीन आती है तो महाराष्ट्र भी इस मामले में पीछे नहीं है. इस तरह एक मोटा आंकड़ा देखें तो देशभर में मंदिरों के पास करीब 20 लाख एकड़ से भी ज्यादा जमीन होने का अनुमान है.
वक्फ और चर्च के पास कितना
मंदिरों के मुकाबले वक्फ बोर्ड के पास देशभर में कुल 9.4 लाख एकड़ जमीन है, जबकि चर्च के पास 2 से 3 लाख एकड़ जमीन होने का दावा किया जा रहा है. अगर इन संपत्तियों की कीमत का अंदाजा लगाएं तो वक्फ बोर्ड की कुल संपत्ति का बाजार मूल्य करीब 1.2 लाख करोड़ रुपये तो चर्च की संपत्ति का अनुमान 1 लाख करोड़ से ज्यादा बताया जा रहा है. इसी लिहाज से मंदिरों की संपत्ति का अंदाजा लगाएं तो सिर्फ तिरुपति बाजाली मंदिर के पास ही करीब सवा 2 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति होने का अनुमान है.
कौन है इन संपत्तियों का मालिक
अब तक तो यह बात समझ में आ गई होगी कि देश में मंदिरों के पास सबसे ज्यादा जमीनें हैं, लेकिन सवाल ये है कि इन जमीनों का मालिक कौन होता है. इस बारे में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस हेमंत गुप्ता और एएस बोपन्ना ने बाकायदा फैसला दिया है. शीर्ष अदालत ने कहा कि मंदिर का पुजारी उसकी जमीनों या संपत्तियों का मालिक नहीं माना जाएगा. उसका काम सिर्फ इन संपत्तियों और जमीनों के प्रबंधन का है. इन जमीनों और संपत्तियों पर उन देवी-देवताओं का मालिकाना हक माना जाएगा, जिनका वह मंदिर होगा.
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
April 02, 2025, 11:47 IST