Last Updated:August 05, 2025, 10:48 IST
Mahua Moitra Vs Kalyan Banerjee: महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी के बीच विवाद ने टीएमसी में महाभारत का रूप ले लिया है. दोनों एक दूसरे जमकर कीचड़ उछाल रहे हैं. इनकी लड़ाई से परेशान ममता बनर्जी को भी दखल देना पड़ा ...और पढ़ें

हाइलाइट्स
महुआ और कल्याण के बीच विवाद से टीएमसी में महाभारत.ममता बनर्जी ने नाराजगी जताई, कल्याण ने चीफ व्हिप पद से इस्तीफा दिया.पार्टी की छवि पर सवाल, अभिषेक बनर्जी को लोकसभा समन्वय की जिम्मेदारी.ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर एक और तूफान उठ खड़ा हुआ है. टीएमसी की दो तेज-तर्रार सांसद महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी अब खुलकर आमने-सामने हैं. महुआ और कल्याण की यह लड़ाई अब बड़े महाभारत का रूप ले चुकी है, जिसमें दोनों नेता ‘सूअर’, ‘हनीमून’, ‘घर तोड़ू’ जैसे शब्दों से एक दूसरे पर वार-पलटवार कर रहे हैं.
इनका दोनों के बीच का झगड़ा इतना बढ़ गया है कि पार्टी की छवि पर सवाल खड़े होने लगा. इस विवाद की जड़ें गहरी हैं. आइए समझते हैं कि यह ‘महाभारत’ कैसे शुरू हुई और इसके पीछे की असली वजहें क्या हैं….
महुआ और कल्याण में कैसे शुरू हुई महाभारत?
विवाद का ताजा अध्याय तब शुरू हुआ, जब कल्याण बनर्जी ने महुआ मोइत्रा और बीजेडी सांसद पिनाकी मिश्रा के रिश्ते पर विवादास्पद टिप्पणी कर दी. इसके जवाब में महुआ मोइत्रा ने एक पॉडकास्ट में कहा, ‘आप सूअर से कुश्ती नहीं कर सकते. क्योंकि सूअर को यह पसंद है और आप ही गंदे हो जाओगे.’ इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘भारत में कई स्त्री-विरोधी, यौन कुंठित, और विकृत सोच वाले पुरुष हैं, और हर पार्टी में ये लोग शामिल है.’
इस बयान में महुआ ने सीधे-सीधे कल्याण बनर्जी को ‘सूअर’ कह डाला, जो भारतीय राजनीति में शायद ही पहले कभी सुनाई गई हो. इसके बाद बवाल होना तय था.
कल्याण बनर्जी का पलटवार और इस्तीफा
महुआ के बयान के जवाब में कल्याण बनर्जी ने एक्स पर एक कड़ा संदेश जारी करते हुए कहा, ‘महुआ मोइत्रा का बयान न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि संसदीय शिष्टाचार की भी घोर अवहेलना है.’ इसी दिन कल्याण बनर्जी ने लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के चीफ व्हिप के पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अब पार्टी नेतृत्व का भरोसा नहीं रहा.
ममता बनर्जी ने क्यों लगाई फटकार?
उधर सूत्रों के अनुसार, सोमवार को पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल बैठक में इस विवाद पर गंभीर चिंता जताई गई. ममता ने अपने सांसदों के बीच इस लड़ाई को लेकर गहरी नाराजगी जताई, वहीं राज्यसभा सांसदों की अनुशासित भूमिका की तारीफ की.
इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि लोकसभा में समन्वय की जिम्मेदारी अब अभिषेक बनर्जी संभालेंगे, क्योंकि वरिष्ठ नेता सुदीप बंदोपाध्याय की तबीयत ठीक नहीं है. इसी के कुछ घंटों बाद कल्याण बनर्जी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया.
वैसे कल्याण बनर्जी भी महुआ मोइत्रा पर व्यक्तिगत प्रहार करने में पीछे नहीं रहे हैं. उन्होंने तो 50 वर्षीय महुआ की पूर्व बीजेपी सांसद पिनाकी मिश्रा के साथ शादी को लेकर भी सवाल उठा दिए. उन्होंने कहा, ‘महुआ हनीमून से भारत लौटी और मुझसे लड़ना शुरू कर दिया! उन्होंने 40 साल के परिवार को तोड़ दिया और एक 65 साल के व्यक्ति से शादी की. क्या उन्होंने उस महिला को चोट नहीं पहुंचाई?’
उनके इस बयान ने तो मानो महुआ का पारा और बढ़ा दिया. वैसे इस लड़ाई की जड़ें काफी गहरी और पुरानी हैं. इस झगड़े की पहली झलक इस साल अप्रैल में देखने को मिली, जब एक वॉट्सऐप चैट में कल्याणी बनर्जी की महुआ मोइत्रा को लेकर कही बातें वायरल हो गईं. दरअसल 4 अप्रैल को जब एक टीएमसी प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग का दौरा किया, तो महुआ मोइत्रा ने पाया कि उनके नाम को एक ज्ञापन से बाहर रखा गया था. यह लिस्ट कल्याण बनर्जी ने तैयार किया था, जिस पर महुआ मोइत्रा ने नाराजगी जताई. इस दोनों के बीच वहां आयोग के दरवाजे पर ही झगड़ा शुरू हो गया.
इसके बाद कल्याण बनर्जी और कृति आजाद के बीच एक व्हाट्सएप ग्रुप में हुई बातचीत के स्क्रीनशॉट लीक हो गए, जिसमें कल्याण बनर्जी ने महुआ मोइत्रा के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां की थी. ये स्क्रीनशॉट भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने शेयर किए थे, जिसने टीएमसी की आंतरिक कलह को उजागर किया.
इस झगड़े की जड़ क्या है?
इस झगड़े की एक बड़ी वजह टीएमसी के भीतर की शक्ति संघर्ष भी है. कल्याण बनर्जी ममता बनर्जी के करीबी माने जाते हैं. बंगाल की सियासत पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ के मुताबिक, महुआ मोइत्रा का जिस तरह से टीएमसी में उदय हुआ और अपने भाषणों को लेकर जिस तरह वह सुर्खियां बटोरती रहीं, उससे कल्याण बनर्जी के लिए असुरक्षा महसूस करना लाजमी था.
टीएमसी के भीतर और संसद में हमेशा मुखर रहने वाली महुआ ने कल्याण की स्थिति को चुनौती दी, जिसने तनाव को और बढ़ा दिया. ममता बनर्जी की चुप्पी और कल्याण बनर्जी के प्रति उनकी कथित सहानुभूति ने महुआ को और अधिक नाराज किया, क्योंकि उन्होंने महसूस किया कि पार्टी नेतृत्व उनके मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रहा है.
ऐसे में महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी के बीच का झगड़ा टीएमसी की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा रहा है. पश्चिम बंगाल में अगले साल यानी 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में यह झगड़ा पार्टी की एकता और अनुशासन पर सवाल उठाता है, जो ममता बनर्जी के लिए एक चुनौती बन गया है.
An accomplished digital Journalist with more than 13 years of experience in Journalism. Done Post Graduate in Journalism from Indian Institute of Mass Comunication, Delhi. After Working with PTI, NDTV and Aaj T...और पढ़ें
An accomplished digital Journalist with more than 13 years of experience in Journalism. Done Post Graduate in Journalism from Indian Institute of Mass Comunication, Delhi. After Working with PTI, NDTV and Aaj T...
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Location :
Kolkata,West Bengal
First Published :
August 05, 2025, 10:46 IST