Last Updated:April 02, 2025, 05:01 IST
Waqf Amendment Bill News: वक्फ संशोधन विधेयक को आज यानी बुधवार 2 अप्रैल 2025 को संसद के निचले सदन लोकसभा में पेश किया जाएगा. इसे लेकर सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी इंडिया गठबंधन के घटक दल एकजुट हो चुके हैं.

वक्फ संशोधन विधेयक को पहले लोकसभा में पेश किया जाएगा.
हाइलाइट्स
वक्फ संशोधन विधेयक को सबसे पहले लोकसभा में पेश किया जाएगासत्तापक्ष से लेकर विपक्ष तक में लामबंदी हो चुकी है, व्हिप भी जारी हुएनीतीश कुमार से लेकर चंद्रबाबू नायडू तक बिल के समर्थन में आ चुके हैंनई दिल्ली. वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर इन दिनों देश में राजनीति उफान पर है. सरकार ने इस बिल को बुधवार 2 अप्रैल 2025 को संसद के निचले सदन लोकसभा में पेश करने की घोषणा कर चुकी है. इसके साथ ही सत्तारूढ़ NDA और विपक्षी INDIA गठबंधन के घटक दलों के बीच लामबंदी तेज हो गई. एक तरफ संसद में विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं ने बैठक कर इसपर विचार-विमर्श किया तो दूसरी तरफ बीजेपी के दिग्गज नेता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर जुटे. पक्ष और विपक्ष की ओर से अपने-अपने दलों के सांसदों के लिए व्हिप भी जारी किए गए, ताकि विधेयक पर वोटिंग के समय सभी सांसद उपस्थित रहें. विपक्षी नेताओं के साथ ही अन्य प्रेशर ग्रुप की ओर से NDA में दरार डालने की भरसक कोशिश की गई. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू से बिल का विरोध करने की अपील की गई. हालांकि, यह अपील बेअसर रही और जेडीयू के साथ ही टीडीपी ने मंगलवार शाम को वक्फ संशोधन बिल के समर्थन में वोटिंग करने का ऐलान कर दिया.
अब सवाल उठता है कि वक्फ संशोधन बिल के जरिये बीजेपी किसे और क्या साधना चाहती है. इससे सत्तारूढ़ भाजपा को क्या फायदा होगा? वक्फ प्रॉपर्टी को लेकर कई तरह के मसले हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि वक्फ संपत्ति को लेकर पारदर्शिता का घोर अभाव है. साथ ही इसके रिकॉर्ड को लेकर भी कई सवाल हैं. सरकार इस पूरे मामले में पारदर्शिता लाना चाहती है. मुस्लिम समाज से ही अक्सर वक्फ की संपत्ति का लेकर आवाज उठती रहती है. संशोधन के जरिए पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश है. यह विधेयक वक्फ बोर्ड की संपत्तियों और उनके प्रशासन में अधिक पारदर्शिता लाने पर केंद्रित है. इसे समान कानून और न्यायपूर्ण प्रशासन के रूप में भी देखा जा रहा है. साथ ही सरकार आम जनता को यह संदेश भी देना चाहती है कि वह किसी भी समुदाय के प्रति पक्षपाती नहीं है. कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियां आमतौर पर अल्पसंख्यकों को लेकर नीतियां बनाती रही हैं. वक्फ संशोधन बिल के पारित होने से विपक्ष पर दबाव बढ़ने की संभावना है.
जीतन राम मांझी का साफ संकेत
जीतन राम मांझी की हिन्दुस्तानी आवाम पार्टी एनडीए की सहयोगी पार्टी है. साथ ही वह केंद्र में मंत्री भी हैं. कई मसलों पर उनकी तरफ से विरोधाभासी बयान सामने आते रहे हैं, लेकिन वक्फ संशोधन बिल पर मांझी ने भी अपना रुख साफ कर एकसाथ कई संकेत दे दिए हैं. केंद्रीय मंत्री मांझी ने एक्स पर पोस्ट शेयर कर कहा ‘वक़्फ़ संशोधन बिल 2025 कई राजनैतिक दलों के सपनों को चकनाचूर कर देगा. जो दल अभी तक वक़्फ़ बिल को लेकर मुसलमानों को भड़काने का काम कर रहे थे, उन्हें हमारी सरकार करारा जवाब देने जा रही है. वक्फ संशोधन बिल जिस दिन पास होगा उस दिन देश के हर मुसलमान कहेंगे- मोदी है तो सबकुछ मुमकिन है. नरेंद्र मोदी जी…देश का हर तबका आपके साथ है.’ जीतन राम मांझी ने वक्फ बिल पर अपना रुख स्पष्ट कर न केवल इस विधेयक पर अपना स्टैंड क्लियर कर दिया, बल्कि यह भी बता दिया कि एनडीए एकजुट है. साथ ही बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भी एकता का संदेश दे गए.
इस कारण संशोधन की आवश्यकता
वक्फ संपत्तियों पर विवाद: भारत में हजारों वक्फ संपत्तियों को लेकर विवाद हैं. कई मामलों में गैर-वक्फ लोग इन संपत्तियों पर दावा करते हैं, जिससे कानूनी उलझनें बढ़ती हैं.
वक्फ बोर्ड की शक्तियों में अस्पष्टता: मौजूदा कानून में वक्फ बोर्ड को दी गई शक्तियों को लेकर अस्पष्टता है, जिससे फैसलों में देरी और विवाद बढ़ते हैं.
अवैध कब्जों की समस्या: कई वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे हो चुके हैं. संशोधन विधेयक के जरिए इनसे निपटने के लिए मजबूत कानूनी प्रावधान जोड़े जा सकते हैं.
पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी: वक्फ संपत्तियों का सही ढंग से प्रबंधन करने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत है.
वक्फ बोर्ड के कामकाज में सुधार: संशोधन विधेयक से वक्फ बोर्ड को अधिक प्रभावी बनाने और उनकी प्रशासनिक क्षमताओं को मजबूत करने की संभावना है.
भूमि अधिग्रहण से संबंधित जटिलताएं: वक्फ संपत्तियों के अधिग्रहण या उपयोग से जुड़े कानूनी पहलू स्पष्ट नहीं हैं, जिससे कई कानूनी अड़चनें पैदा होती हैं. संशोधन से इसे स्पष्ट किया जा सकता है.
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
April 02, 2025, 05:01 IST