'संसद का कानून है सबको स्वीकार करना पड़ेगा', वक्फ पर अमित शाह का एलान-ए-जंग...

22 hours ago

Last Updated:April 02, 2025, 21:20 IST

Amit Shah Speech on Waqf Bill : वक्फ संशोधन बिल पर संसद में जोरदार बहस हुई. गृह मंत्री अमित शाह ने बिल का समर्थन करते हुए जोरदार भाषण देते हुए कहा कि कैसे यह बिल मुस्लिमों के लिए फायदेमंद है. पढ़ें अमित शाह के ...और पढ़ें

'संसद का कानून है सबको स्वीकार करना पड़ेगा', वक्फ पर अमित शाह का एलान-ए-जंग...

अमित शाह के भाषण पर किनसे नहीं बजाई ताली?

हाइलाइट्स

वक्फ संशोधन बिल पर संसद में जोरदार बहस.विपक्षी सांसदों ने बिल का विरोध किया.शाह ने वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता पर जोर दिया.

Waqf Bill : वक्‍फ संशोधन बिल पर संसद में संग्राम छिड़ा था, तो संसद के बाहर सड़क और सोशल मीडिया पर भी ऐलान-ए-जंग हो रहा था. वक्फ प्रॉपर्टी के पक्ष और विपक्ष में लोग अलग-अलग तर्क दे रहे थे. तभी संसद में गृह मंत्री अमित शाह ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया. सोशल मीडिया पर ज्ञान देने वालों को अचानक ही मुंह में ताला लग गया. अमित शाह के इस ऐलान के बाद कि ‘संसद का कानून है सबको स्वीकार करना पड़ेगा’ उन लोगों की बोलती बंद हो गई, जो संसद में पास कानून को ठेंगा पर रखने की बात कर रहे थे. ऐसे में सवाल उठता है कि वक्फ पर ठेकेदारी करने वाले लोगों की ‘ठेकेदारी’ क्या वाकई में अब बंद हो जाएगी? अमित शाह के भाषण पर सोशल मीडिया पर लोग ताली बजा रहे हैं. वहीं, संसद में बैठे कुछ सांसदों को अमित शाह के भाषण से मिर्ची लग गई है औऱ वह ताली बजाने बजाए उपहास उड़ा रहे हैं.

बुधवार को वक्फ बिल के समर्थन में और विरोध में सांसदों ने अपनी बातें रखी, वह काबिले तारीफ थी. इस बिल पर बहस ने सत्ता पक्ष और विपक्षी सांसदों के व्यवहार को भी उजागर करके रख दिया कि कौन सही बोल रहा है कौन झूठ बोल रहा है. सत्ता पक्ष के लोग जहां इसे मुस्लिमों के हित में होने की बात कही तो वहीं विपक्षी इसे असंवैधानिक बता रहे हैं. लेकिन, इस चर्चा में अमित शाह ने उन सांसदों की दिमाग की बत्ती जला दिया, जो इस बिल का विरोध कर रहे थे. शाह ने विपक्षी सांसदों को को ललकारते हुए अपनी बात रखी. लेकिन, सपा सुप्रीमो अखिलश यादव और असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेताओं ने ताली बजाने के बजाए शाह के भाषण का उपहास उड़ाया.

अमित शाह का धामेकादर भाषण
शाह ने कहा, वक्‍फ का मतलब होता है अल्‍लाह के नाम पर संपत्‍त‍ि का दान. यह इस्‍लाम के दूसरे खलीफा श्रीउमर के समय अस्‍त‍ित्‍व में आया. यह एक प्रकार का चैर‍िट्रेबल एंडोमेंट है. सरकारी संपत्‍त‍ि का दान नहीं कर सकते, उसी का कर सकते हैं जो हमारा है.

शाह की वक्फ पर कही गई पांच बड़ी बातें
1- यह बिल वक्फ की संपत्तियों को पारदर्शी बनाने और दुरुपयोग रोकने के लिए है, न कि धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करने के लिए.
2- अब देश में कोई भी जमीन सिर्फ घोषणा से वक्फ संपत्ति नहीं बनेगी. अब वक्फ की जमीन भी कानूनी प्रक्रिया जैसे मंदिरों, चर्चों और अन्य समुदायों की जमीनें सुरक्षित रहेंगी वैसी रहेगी.
3-विपक्षी पार्टी सिर्फ वोटबैंक के लिए इस वक्फ बिल का विरोध कर रही हैं और अल्पसंख्यकों को डरा रहे हैं.
4- वक्फ बोर्ड ने कर्नाटक में मंदिर की 600 एकड़ जमीन, तमिलनाडु में 1500 साल पुराने मंदिर की जमीन और दिल्ली में 123 प्रमुख स्थानों को अपनी संपत्ति घोषित किया, जिसे अब यह बिल रोकेगा.
5- वक्फ पर आने वाला नया कानून संविधान के दायरे में है. इससे मुसलमानों के अधिकारों पर कोई आंच नहीं आएगी, जैसे कि देश में भ्रम फैलाया गया कि राम मंदिर, CAA और तीन तलाक खत्म करने से मुस्लिमों के साथ अन्याय होगा.

Location :

New Delhi,New Delhi,Delhi

First Published :

April 02, 2025, 21:16 IST

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