NID: अब पूर्वी भारत में भी लगेगी डिजाइन की क्लास, बजट 2026 में हो गई घोषणा, यहां खुलेगा नया एनआईडी

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Last Updated:February 02, 2026, 13:23 IST

NID, Budget 2026: बजट 2026 में पूर्वी भारत में 'नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन' (NID) खोलने का जिक्र है. प्रोडक्ट डिजाइनिंग से लेकर डिजिटल इनोवेशन तक, स्थानीय छात्रों को अब घर के पास ही विश्वस्तरीय शिक्षा मिलेगी. जानें क्या है NID और इसमें एडमिशन कैसे मिलता है.

पूर्वी भारत में भी लगेगी डिजाइन की क्लास, बजट 2026 में हो गई घोषणा, खुलेगा NIDNID Courses: एनआईडी में डिजाइन से जुड़े कोर्स की पढ़ाई होती है

नई दिल्ली (NID, Budget 2026). वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 भाषण में पूर्वी भारत के लिए गजब सौगात दी है. पूर्वी भारत में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) की स्थापना की घोषणा न केवल इस क्षेत्र के छात्रों के लिए गौरव की बात है, बल्कि देश के संतुलित विकास की दिशा में भी बड़ा कदम भी है. अभी तक डिजाइन से जुड़े उच्च स्तरीय संस्थान पश्चिम और दक्षिण भारत तक सीमित थे, जिससे पूर्वी क्षेत्र के मेधावी छात्रों को बड़े अवसरों के लिए अपना घर छोड़ना पड़ता था.

इस नए संस्थान का सीधा मकसद पूर्वी भारत में डिजाइन की पढ़ाई, क्रिएटिव सोच और इनोवेशन के कल्चर को मजबूती देना है. सरकार का मानना है कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे मिशन तब तक सफल नहीं हो सकते, जब तक हमारे प्रोडक्ट्स का डिजाइन अंतरराष्ट्रीय स्तर का न हो. शिक्षा बजट 2026 में जिस एनआईडी का जिक्र किया गया है, उससे न केवल लोकल युवाओं को ग्लोबल ट्रेनिंग मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय उद्योगों को आधुनिक डिजाइन सपोर्ट देकर आर्थिक विकास की नई कहानी भी लिखी जाएगी.

NID का फुल फॉर्म क्या है?

एनआईडी का फुल फॉर्म नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन है. यह भारत का सबसे प्रतिष्ठित डिजाइन संस्थान है, जिसे ‘संसद के अधिनियम’ ने ‘राष्ट्रीय महत्व का संस्थान’ घोषित किया है. यह संस्थान केवल ड्रॉइंग या स्केचिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि टेक्नोलॉजी, आर्ट और स्ट्रैटेजी का संगम है. वर्तमान में मुख्य एनआईडी अहमदाबाद (गुजरात) में है. इसके अलावा बेंगलुरु, गांधीनगर, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश और असम में भी इसके कैंपस हैं. पूर्वी भारत में नया कैंपस खुलने से यह लिस्ट और भी समृद्ध हो जाएगी.

एनआईडी के प्रमुख कोर्स

नए NID में कई मॉडर्न और डिमांड वाले कोर्सेज शुरू होने की उम्मीद है. इनमें प्रमुख हैं:

प्रोडक्ट डिजाइन: नए गैजेट्स और मशीनों का ढांचा तैयार करना. ग्राफिक डिजाइनिंग: विजुअल कम्युनिकेशन और ब्रांडिंग. फैशन और टेक्सटाइल डिजाइन: कपड़ों और फैशन इंडस्ट्री के लिए नए ट्रेंड्स. डिजिटल और इंडस्ट्रियल डिजाइन: यूजर एक्सपीरियंस (UX) और बड़ी मशीनों के डिजाइन. एनीमेशन और फिल्म डिजाइन: क्रिएटिव कंटेंट और विजुअल इफेक्ट्स.

एनआईडी में एडमिशन कैसे मिलता है?

एनआईडी में एडमिशन पाना आसान नहीं है, लेकिन सही तैयारी से यह मुमकिन है. इसके लिए हर साल NID Design Aptitude Test (DAT) आयोजित किया जाता है. यह परीक्षा 2 चरणों में होती है:

NID DAT (प्रीलिम्स): इस लिखित परीक्षा में कैंडिडेट की क्रिएटिविटी और ऑब्जर्वेशन पावर परखी जाती है. NID DAT (मेंस): प्रीलिम्स पास करने वालों को स्टूडियो टेस्ट और इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है, जहां उन्हें व्यावहारिक रूप से अपनी कला का प्रदर्शन करना होता है.

एनआईडी प्लेसमेंट और पैकेज का हाल

गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, टाटा मोटर्स, रिलायंस और टॉप ग्लोबल कंपनियों में एनआईडी यानी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन से पासआउट युवाओं की काफी डिमांड रहती है. यहां के स्टूडेंट्स को औसतन 8 से 25 लाख रुपये सालाना तक का शुरुआती पैकेज मिल जाता है. इनके अलावा, कई स्टूडेंट्स खुद का स्टार्टअप शुरू करते हैं और ‘डिजाइन Entrepreneur’ बनकर दूसरों को रोजगार देते हैं.

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस संस्थान से स्थानीय उद्योगों (जैसे जूट, टेक्सटाइल और हस्तशिल्प) को बेहतर डिजाइन सपोर्ट मिलेगा.

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Deepali Porwal

With more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academic sys...और पढ़ें

First Published :

February 02, 2026, 13:23 IST

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पूर्वी भारत में भी लगेगी डिजाइन की क्लास, बजट 2026 में हो गई घोषणा, खुलेगा NID

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