ईरान के साथ बढ़ती तनातनी के बीच अमेरिका ने अपने प्रसिद्ध एयरक्राफ्ट करियर शिप यूएसएस कार्ल विंसन को मिडिल ईस्ट के लिए रवाना कर दिया है. इसके साथ ही अमेरिकी मिलिट्री ईरान के चारों तरफ अपने घेरे को मजबूत कर रही है. सिर्फ इतना ही नहीं डिएगो मार्सिया बेस एयर बेस में बी2 स्टील्थ बॉम्बर जेट भी तैनात किए गए हैं. यूएसएस कार्ल विंसन अमेरिकी नौसेना का वही जहाज है जिसके डेक पर आतंकी ओसामा बिन लादेन की बॉडी को रखा गया था और इसी शिप के जरिए उसको समुद्र में दफनाया गया था. 2011 में पाकिस्तान के ऐबटाबाद इलाके में अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन में अल कायदा नेता ओसामा बिन लादेन को मार दिया गया था. 9/11 आतंकी हमले के लिए ओसामा को अमेरिका गुनहगार मानता था.
अमेरिकी नेवी ने अपने बयान में कहा है कि 28 मार्च को फारस की खाड़ी के लिए यूएसस कार्ल विंसन को रवाना कर दिया गया है. यह उस इलाके में मौजूद करियर स्ट्राइक ग्रुप का फ्लैगशिप जहाज होगा. यानी वक्त आने पर लड़ाकू विमान फारस की खाड़ी में इन्हीं जहाजों के माध्यम से दुश्मन खेमे की तरफ उड़ान भरेंगे.
यूएसएस कार्ल विंसन का संक्षिप्त नाम CVN-70 होगा. यह यूएस नेवी का तीसरा निमित्ज क्लास सुपर करियर है. इस पर एमके 57 मोड 13 सी स्पैरो लॉन्चर्स तैनात है. रिम-116 रोलिंग एयरफ्रेम मिसाइल लॉन्चर्स और फैलेंक्स CIWS भी तैनात हैं. मिडिल ईस्ट के ऑपरेशंस में इसको पहले भी तैनात किया जा चुका है. इनमें ऑपरेशन डेजर्ट स्ट्राइक, ऑपरेशन इराकी फ्रीडम और ऑपरेशन इंड्यूरिंग फ्रीडम शामिल हैं.
डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति
अमेरिका अपने नौसेना की शक्ति के माध्यम से मिडिल ईस्ट में ईरान पर दबाव और यमन में उसके समर्थित हूथी विद्रोहियों पर लगाम लगाने की तैयारी में है. यूएसस कार्ल विंसन के अलावा उसने डिएगो मार्सिया बेस पर बी2 स्टील्थ फाइटर और ट्रांसपोर्ट करियर ग्लोबमास्टर को तैनात कर दिया है.
इन कदमों के माध्यम से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दो प्रमुख मकसद हैं- पहला, ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को देखते हुए उस पर दबाव बनाकर किसी भी तरह बातचीत की टेबल पर लाना. दूसरा, लाल सागर में हूथी विद्रोहियों के हमलों को रोकना. हूथी इस वक्त हमास के समर्थन में हैं और गाजा पर इजरायल की कार्रवाई के विरोध में पश्चिमी जगत को टारगेट करने के लिए उनके जहाजों पर लाल सागर में हमला करते रहते हैं. ट्रंप इन सबको रोकना चाहते हैं. ट्रंप ने ईरान को तय समयसीमा के भीतर बातचीत की टेबल पर आने को कहा और बात नहीं मानने की स्थिति में गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी है.