कजान से बीजिंग तक… पिछले 9 महीनों में भारत-चीन के रिश्तों में क्या-क्या बदला?

3 weeks ago

Last Updated:August 06, 2025, 18:36 IST

PM Narendra Modi China Visit: पीएम नरेंद्र मोदी जल्द चीन की यात्रा पर जा सकते हैं. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से उनकी आखिरी मुलाकात अक्टूबर 2024 में BRICS समिट (रूस) के दौरान हुई थी. तब से भारत-चीन के रिश्तों म...और पढ़ें

कजान से बीजिंग तक… पिछले 9 महीनों में भारत-चीन के रिश्तों में क्या-क्या बदला?अक्टूबर 2024 में, रूस में BRICS समिट के दौरान चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग से मिले थे पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन में होने वाली SCO समिट में हिस्सा ले सकते हैं. अगर यह यात्रा होती है, तो यह 2018 के बाद पहली बार होगा जब मोदी चीन जाएंगे, और लद्दाख सीमा विवाद के बाद भी यह पहली यात्रा होगी. हालांकि, अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में BRICS समिट के दौरान मोदी और शी जिनपिंग की साइडलाइन मुलाकात हो चुकी है. ये मुलाकात पांच साल बाद हुई थी और इसमें सीमा पर शांति बनाए रखने पर दोनों नेता सहमत हुए थे.

आखिरी मुलाकात में दोनों नेताओं ने क्या कहा था?

मोदी ने उस मुलाकात में साफ कहा था, ‘सीमा पर शांति और स्थिरता दोनों देशों की प्राथमिकता होनी चाहिए. हमने सीमा से जुड़े मुद्दों पर जो सहमति बनाई है, उसका पालन जरूरी है. भरोसा, सम्मान और संवेदनशीलता – हमारे रिश्ते की बुनियाद होनी चाहिए.’

जवाब में शी जिनपिंग ने कहा, ‘हमें मतभेदों को सही तरीके से संभालना होगा. संचार और सहयोग बढ़ाना होगा. भारत और चीन को विकासशील देशों की एकता का उदाहरण बनना चाहिए.’

पिछले 9 महीनों में क्या बदला?

जून 2025 में भारत-चीन के बीच व्यापार और आर्थिक मुद्दों पर बातचीत हुई. दोनों देश इस बात पर सहमत हुए कि व्यापारिक सहयोग बढ़े और डायरेक्ट फ्लाइट्स दोबारा शुरू हों जो 2020 से बंद हैं. अप्रैल में चीन के क़िंगदाओ में हुई SCO डिफेंस मीटिंग में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साझा बयान पर साइन करने से इनकार कर दिया. वजह थी: 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले को उस दस्तावेज में शामिल न करना. दस्तावेज में सिर्फ पाकिस्तान के एक रेल हाइजैक को शामिल किया गया था, जबकि भारत के आतंकी हमले का जिक्र नहीं था. जब अमेरिका ने TRF (The Resistance Front) को आतंकी संगठन घोषित किया, जो कि पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ले चुका है, तब चीन ने अचानक सुर बदले. चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा, हम हर तरह के आतंकवाद की निंदा करते हैं. 22 अप्रैल का हमला निंदनीय है. क्षेत्रीय देशों को मिलकर आतंकवाद से लड़ना होगा.’ ये वही चीन है जो हमेशा पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क का बचाव करता रहा है. SCO में पाकिस्तान को लेकर चीन का झुकाव अभी भी भारत को खटकता है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी चीन ने पाकिस्तान को कूटनीतिक समर्थन दिया था. मगर धीरे-धीरे चीन अब भारत के प्रति लचीला रुख दिखा रहा है. लद्दाख में युद्ध जैसी स्थिति अब नहीं है, लेकिन भारत अब भी सतर्क है. चीन ने सीमाओं पर कुछ कदम पीछे लिए हैं, लेकिन पूरी तरह से भरोसा बहाल नहीं हुआ है.

अगर पीएम मोदी चीन जाते हैं, तो यह यात्रा सिर्फ SCO तक सीमित नहीं रहेगी. यह भारत-चीन के नए समीकरणों की परीक्षा भी होगी. दुनिया अब बहुपक्षीय हो रही है. अमेरिका और चीन की खींचतान में भारत की भूमिका अहम हो गई है. ऐसे में बीजिंग की जमीन पर भारत की आवाज कितनी बुलंद होगी, यह आने वाला वक्त बताएगा.

Deepak Verma

Deepak Verma is a journalist currently employed as Deputy News Editor in News18 Hindi (Digital). Born and brought up in Lucknow, Deepak's journey began with print media and soon transitioned towards digital. He...और पढ़ें

Deepak Verma is a journalist currently employed as Deputy News Editor in News18 Hindi (Digital). Born and brought up in Lucknow, Deepak's journey began with print media and soon transitioned towards digital. He...

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Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

August 06, 2025, 18:34 IST

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