Last Updated:August 29, 2025, 17:49 IST
PM Modi Interview The Yomiuri Shimbun: टोक्यो पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने The Yomiuri Shimbun को इंटरव्यू दिया है. उन्होंने सेमीकंडक्टर्स से लेकर AI और स्पेस में भारत और जापान की साझेदारी पर विस्तार से ...और पढ़ें

टोक्यो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जापान दौरा इस बार सिर्फ एक कूटनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि एशिया और दुनिया की ताकत का नया नक्शा खींचने की कोशिश है. भारत और जापान की दोस्ती अब सिर्फ व्यापार और इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं रही. यह रिश्ते अब सेमीकंडक्टर, स्पेस मिशन, डिफेंस टेक्नोलॉजी और क्वाड जैसे वैश्विक मंच तक जा पहुंचे हैं. मोदी ने जापानी अखबार The Yomiuri Shimbun को दिए लिखित इंटरव्यू में साफ किया कि आने वाले सालों में भारत और जापान मिलकर चीन को टेक्नोलॉजी और स्पेस की रेस में कड़ी टक्कर देंगे. भारत की ‘टैलेंट पावर’ और जापान की ‘टेक पावर’ मिलकर नई सदी की क्रांति की तैयारी कर रही है. मोदी ने इंटरव्यू में चिप्स से लेकर चंद्रयान, रक्षा से लेकर बुलेट ट्रेन, और क्वाड से लेकर ग्लोबल साउथ तक, हर मुद्दे पर खुलकर बात की. पढ़ें, इंटरव्यू की बड़ी बातें
सवाल: इस यात्रा में क्या खास होगा?
मोदी: भारत और जापान सिर्फ साझेदार नहीं, बल्कि प्राचीन सभ्यताएं और आधुनिक लोकतंत्र हैं. दोनों देशों के रिश्ते पिछले दशक में ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप’ के स्तर तक पहुंचे हैं. इस शिखर सम्मेलन में हमारा ध्यान सुरक्षा, नवाचार और लोगों के लिए समृद्धि पर रहेगा.
सवाल: सेमीकंडक्टर सहयोग पर क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
मोदी: भारत का चिप सेक्टर बदलने की कगार पर है. छह यूनिट्स काम शुरू कर चुकी हैं और चार और जल्द आएंगी. इस साल के अंत तक ‘मेड इन इंडिया’ चिप्स बाजार में होंगे. जापान की तकनीक और भारत की क्षमता मिलकर एक भरोसेमंद वैल्यू चेन बनाएगी. यही आने वाले डिजिटल युग की असली ताकत होगी.
सवाल: चंद्रयान-5 और स्पेस एक्सप्लोरेशन पर क्या दृष्टिकोण है?
मोदी: भारत का स्पेस सफर वैज्ञानिकों की मेहनत की कहानी है. अब जापान के साथ मिलकर हम ‘लूनर पोलर एक्सप्लोरेशन (LUPEX)’ करेंगे. यह मिशन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर नई जानकारी देगा. ISRO और JAXA का सहयोग सिर्फ रिसर्च नहीं, बल्कि एग्रीकल्चर, डिजास्टर मैनेजमेंट और कम्युनिकेशन में भी आम लोगों के लिए लाभकारी होगा.
सवाल: भारत-जापान रक्षा सहयोग कहां पहुंचा है?
मोदी: दोनों देशों के रिश्ते अब तीनों सेनाओं तक फैले हैं. नियमित सैन्य अभ्यास हो रहे हैं. UNICORN मस्त जैसे नेवी प्रोजेक्ट पर साथ काम हो रहा है. डिफेंस प्रोडक्शन और टेक्नोलॉजी में मिलकर हम अगली पीढ़ी के प्लेटफॉर्म बना सकते हैं. मेरी यात्रा में ‘ज्वॉइंट डिक्लेरेशन ऑन सिक्योरिटी कोऑपरेशन’ पर सहमति होगी.
सवाल: आर्थिक साझेदारी की स्थिति कैसी है?
मोदी: जापान भारत के विकास का पुराना साथी रहा है. आज करीब 1500 जापानी कंपनियां भारत में हैं और 400 से ज्यादा भारतीय कंपनियां जापान में काम कर रही हैं. हमें अभी और आगे जाना है. मेट्रो से लेकर स्टार्टअप तक, हर सेक्टर में साझेदारी बढ़ेगी. यह साझेदारी ग्लोबल वैल्यू चेन में हमारी ताकत को बढ़ाएगी.
सवाल: जापानी कंपनियां भारत को तीसरे देशों के हब के रूप में देख रही हैं.
मोदी: भारत अब सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि अफ्रीका और ग्लोबल साउथ के लिए भी उत्पादन कर रहा है. हाल ही में भारत से 100 देशों में ई-व्हीकल्स भेजे गए. जापान और भारत मिलकर अफ्रीका की अर्थव्यवस्था में नई जान डाल सकते हैं.
सवाल: बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर क्या उम्मीद है?
मोदी: मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल हमारे रिश्तों का प्रतीक है. लेकिन अब हमारी योजना 7000 किमी नेटवर्क बनाने की है. इसमें ‘मेक इन इंडिया’ की अहम भूमिका होगी. जापान की तकनीक और भारत की स्केल से पोर्ट, एविएशन, लॉजिस्टिक्स और रेल में नई साझेदारी होगी.
सवाल: पीपुल-टू-पीपुल कनेक्शन कैसे बढ़ेंगे?
मोदी: भारत और जापान के लोगों के बीच आपसी सम्मान गहरा है. जापान में भारतीय डायस्पोरा आईटी और वैज्ञानिक क्षेत्रों में अहम योगदान दे रहा है. हमने ‘स्पेसिफाइड स्किल्ड वर्कर’ और ‘टेक्निकल इंटर्न ट्रेनिंग’ प्रोग्राम पर समझौते किए हैं. इससे दोनों देशों के युवाओं को नए अवसर मिलेंगे.
सवाल: AI और डेटा गवर्नेंस पर आपका क्या नजरिया है?
मोदी: AI जिम्मेदार होना चाहिए. भारत का ‘DEPA’ और जापान का ‘DFFT’ मॉडल मिलकर डेटा की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे. 2026 में भारत ‘AI इम्पैक्ट समिट’ आयोजित करेगा, जिसमें भारत और जापान की भूमिका अहम होगी.
सवाल: फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक पर विचार?
मोदी: भारत और जापान की सोच एक जैसी है. हम दोनों ऐसे इंडो-पैसिफिक चाहते हैं जहां शांति और स्थिरता हो. QUAD इसी विजन का अहम हिस्सा है. हेल्थ, टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और स्पेस जैसे क्षेत्रों में QUAD का एजेंडा आगे बढ़ेगा.
चीन, रूस और यूक्रेन पर भारत की भूमिका
मोदी ने साफ कहा कि चीन से रिश्ते स्थिर और प्रिडिक्टेबल होने चाहिए. SCO समिट में वे शी जिनपिंग और पुतिन से मिलेंगे. वहीं रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत की भूमिका ‘संवाद और कूटनीति’ को बढ़ावा देने की है.
ग्लोबल साउथ की आवाज
मोदी ने जोर दिया कि भारत ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज बन चुका है. चाहे अफ्रीका यूनियन को G20 में शामिल कराना हो या सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स, भारत और जापान मिलकर ग्लोबल साउथ को नई ताकत देंगे.
Deepak Verma is a journalist currently employed as Deputy News Editor in News18 Hindi (Digital). Born and brought up in Lucknow, Deepak's journey began with print media and soon transitioned towards digital. He...और पढ़ें
Deepak Verma is a journalist currently employed as Deputy News Editor in News18 Hindi (Digital). Born and brought up in Lucknow, Deepak's journey began with print media and soon transitioned towards digital. He...
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First Published :
August 29, 2025, 16:22 IST