Last Updated:August 29, 2025, 18:46 IST
CJI B R Gavai News: सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई बीआर गवई ने हाईकोर्ट को कहा कि वह जल्द आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई करें. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोपी की जामनत याचिका पर 21 बार सु...और पढ़ें

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका पर सुनवाई के दौरान सीएजेआई बी.आर.गवाई गुस्सा हो गए. असल में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा जमानत के एक मामले की सुनवाई के दौरान एक आरोपी की याचिका पर 21 बार स्थगित की गई. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मामलों को तेजी से निपटाया जाना चाहिए और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से इस पर ध्यान देने का अनुरोध किया है.
मुख्य न्यायाधीश बी.आर.गवई और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया और आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि बार-बार हम कह रहे हैं कि नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता से संबंधित मामलों को तेजी से सुना और निपटाया जाना चाहिए. इसलिए, हम इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध करते हैं कि वे इस मामले को तेजी से निपटाएं.
जब केस की डेट 2 महीने बाद की मिली
पीठ एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी जब याचिकाकर्ता कुलदीप के वकील ने कहा कि हाई कोर्ट में उनकी जमानत याचिका की सुनवाई 21 बार स्थगित की गई और मामला दो महीने बाद के लिए पोस्ट किया गया. जब वकील ने एक हालिया मामले का उल्लेख किया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने एक आरोपी को जमानत दी थी क्योंकि उसकी याचिका की सुनवाई 43 बार स्थगित की गई थी, तो मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उन्होंने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से व्यक्तिगत रूप से इस पर ध्यान देने के लिए कहा था.
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से क्यों किया इनकार
मौजूदा मामले में जमानत देने से इनकार करते हुए, पीठ ने कहा कि यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि कम से कम अगली सुनवाई की तारीख पर हाईकोर्ट मामले को उठाएगा और जमानत आवेदन का निपटारा करेगा. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अगर फिर भी शिकायत बनी रहती है, तो आरोपी शीर्ष अदालत में वापस आ सकता है.
43 बाद केस की डेट मिलने पर मिली थी आरोपी को जमानत
मुख्य न्यायाधीश ने हाल ही में हाईकोर्ट की व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मामलों को स्थगित करने की प्रवृत्ति की निंदा की थी. पीठ ने एक आरोपी को जमानत दी जो कई सीबीआई मामलों में तीन साल से अधिक समय से हिरासत में था. यह देखते हुए कि उसका मामला हाईकोर्ट में 43 बार स्थगित किया गया था. 25 अगस्त को, उसने रामनाथ मिश्रा उर्फ रमनाथ मिश्रा की याचिका को मंजूरी दी और आदेश दिया कि अगर किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है तो उसे रिहा किया जाए. इस मामले में, मामला 43 अवसरों पर स्थगित किया गया है. हम हाईकोर्ट की नागरिक की व्यक्तिगत स्वतंत्रता से संबंधित मामलों को इतनी बड़ी संख्या में स्थगित करने की प्रवृत्ति की सराहना नहीं करते हैं. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि बार-बार हमने देखा है कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता से संबंधित मामलों को अदालतों द्वारा अत्यधिक तेजी से निपटाया जाना चाहिए.
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Location :
Delhi,Delhi,Delhi
First Published :
August 29, 2025, 18:46 IST