Last Updated:April 02, 2025, 17:43 IST
भारत-चीन संबंधों में पिछले 5 महीनों में सुधार हुआ है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने आपसी सम्मान, संवेदनशीलता और हित पर जोर दिया.

भारत और चीन ने अपने संबंधों की 75वीं वर्षगांठ पर संबंध सुधारने के लिए तीन सूत्रीय फॉर्मूला अपनाया है. (Image:X)
हाइलाइट्स
भारत-चीन संबंधों में 5 महीनों में सुधार हुआ है.विदेश सचिव ने आपसी सम्मान, संवेदनशीलता और हित पर जोर दिया.गलवान संघर्ष के बाद पहली बार उच्च भारतीय अधिकारी ने चीनी कार्यक्रम में भाग लिया.नई दिल्ली. पिछले 5 महीनों में भारत और चीन के संबंधों में सुधार हुआ है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि दोनों देशों ने आपसी सम्मान, संवेदनशीलता और हित के तीन सूत्रीय नजरिये को अपनाया है. उन्होंने कहा कि दो बड़े पड़ोसी देशों के बीच स्थिर संबंध वैश्विक स्थिरता के लिए अच्छे होंगे. मिस्री ने यह बात चीनी दूतावास के एक कार्यक्रम में कही. यह कार्यक्रम भारत-चीन के 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था. गलवान घाटी संघर्ष के बाद पहली बार किसी उच्च भारतीय अधिकारी ने चीनी दूतावास के कार्यक्रम में हिस्सा लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी संदेशों का आदान-प्रदान किया. दोनों नेताओं ने कहा कि भारत-चीन संबंधों का विकास एक स्थिर और बहुध्रुवीय विश्व के लिए महत्वपूर्ण है.
मिस्री ने कहा कि संबंधों को सुधारने का रास्ता कठिन हो सकता है, लेकिन पिछले 5 महीनों में हुई प्रगति उत्साहजनक है. हमें इसे दोनों देशों के लोगों के लिए ठोस लाभ में बदलना चाहिए. उन्होंने कहा कि संबंधों का स्थायी आधार आपसी सम्मान, संवेदनशीलता और आपसी हित के तीन सूत्रीय फॉर्मूला पर आधारित होना चाहिए. सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता समग्र द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है. गलवान घाटी संघर्ष के बाद भारत-चीन संबंध निचले स्तर पर थे. कई राजनयिक और सैन्य वार्ताओं के बाद, दोनों पक्षों ने पूर्वी लद्दाख के कई विवादित क्षेत्रों से सैनिक हटा लिए.
पिछले अक्टूबर में, दोनों पक्षों ने पूर्वी लद्दाख के देपसांग और डेमचोक के विवादित बिंदुओं के लिए विघटन समझौता किया. समझौते के बाद पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने संबंध सुधारने पर बातचीत की. मिस्री ने कहा कि दोनों पक्ष व्यावहारिक सहयोग फिर से शुरू करने पर विचार कर रहे हैं, जिसमें कैलाश मानसरोवर यात्रा का फिर से शुरू होना शामिल है. हम सीमा पार नदियों पर सहयोग, सीधी हवाई सेवाओं और अन्य मुद्दों पर भी चर्चा कर रहे हैं. विदेश सचिव ने कहा कि भारत और चीन के संबंध महत्वपूर्ण हैं. स्थिर द्विपक्षीय संबंध मानवता के लिए योगदान देंगे. हमें इस अवसर का उपयोग संबंध सुधारने के लिए करना चाहिए.
चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने कहा कि भारत-चीन संबंध दुनिया के महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों में से एक बन गए हैं. हमें स्वस्थ और स्थिर संबंध बनाना चाहिए. दोनों देशों को आपसी सम्मान, समझ, विश्वास, समायोजन और उपलब्धि के सिद्धांतों का पालन करना चाहिए. हमें संवाद के माध्यम से मतभेदों को संभालना चाहिए और द्विपक्षीय संबंधों को सीमा प्रश्न से परिभाषित नहीं होने देना चाहिए. राजदूत ने कहा कि दोनों पक्ष राष्ट्रीय विकास और पुनरुत्थान के महत्वपूर्ण चरण में हैं. हमारा साझा लक्ष्य अर्थव्यवस्था का विकास और लोगों की आजीविका में सुधार करना है. द्विपक्षीय संबंधों का स्वस्थ और स्थिर विकास दोनों देशों के हित में है और विश्व शांति, स्थिरता, विकास और समृद्धि के लिए अनुकूल है.
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
April 02, 2025, 17:43 IST