नेवी के तीसरी आंख ने किया कमाल, सीज किया 2500 किलों नारकोटिक्स

23 hours ago

Last Updated:April 02, 2025, 13:44 IST

NARCOTICS SEIZED BY NAVY: भारतीय नौसेना बड़ी तेजी से अपने ऑपरेशन का दायरा बढ़ा रही है. खास बात तो यह है कि हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के साथ सामिराक रिश्तों में बढ़तरी हुई है. किसी भी तरह की आपदा में भारतीय ...और पढ़ें

नेवी के तीसरी आंख ने किया कमाल, सीज किया 2500 किलों नारकोटिक्स

नेवी का नारकोटिक्स तस्करी पर तगड़ा वार

हाइलाइट्स

भारतीय नौसेना ने 2500 किलो नारकोटिक्स जब्त की.INS तरकश ने संदिग्ध बोट से नारकोटिक्स बरामद की.नौसेना का मिशन डेप्लायमेंट 2017 से सक्रिय है.

NARCOTICS SEIZED BY NAVY: नौसेना के मिशन डेप्लॉयमेंट के तहत अरब सागर, हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी के इलाके में एक चक्रव्यूह रचा है. इस चक्रव्यूह को तोड़ पाना ना तो समुद्री लुटेरों के बस की बात और ना ही तस्करो की. नारकोटिक्स की तस्करी के लिए तो यह में काल है. भारतीय नौसेना के जंगी जहाज हर जगह तैनात है. इस तरह ड्रग्स की बड़ी खेप नौसेना ने पश्चिम हिंद महासागर के इलाके में पकड़ी. नौसेना के लंबी दूरी तक टोह लेने वाले एयरक्राफ्ट P8i ने संदिग्ध बोट के बारे में इनपुट दिया. फ्रंट लाइन फ्रीगेट INS तरकश ने उस इनपुट के आधार पर ऑपरेशन को अंजाम दिया. नौसेना ने उस बोट से 2500 किलों नारकोटिक्स बरामद की.

ऐसे दिया गया ऑपरेशन को अंजाम
इसी साल जनवरी से INS तरकश मेरिटाइम सिक्योरिटी ऑपरेशन पश्चिमी हिंद महासागर में तैनात है. यह बहरीन स्थित कंबाइंड मेरिटाइम फोर्स (CMF) के कंबाइंड टास्क फोर्स (CTF) 150 को एक्टिवली सपोर्ट कर रहा है. 31 मार्च 2025 को जब INS तरकश पेट्रोलिंग पर था. उस वक्त भारतीय नौसेना की तीसरी आंख कहे जाने वाले P8I विमान से उनके एरिया ऑफ ऑपरेशन में संदिग्ध वेसेल की गतिविधियों के बारे जानकारी दी. जानकारी मिलते ही INS तरकश ने ऑपरेशन शुरू किया. वॉरशिप ने अपनी दिशा बदली और संदिग्ध वेसेल का पीछा करना शुरू कर दिया. INS तरकश से हेलीकॉप्टर को भी लॉन्च किया गया. थोड़ी देर बाद ही INS तरकश ने उस संदिग्ध बोट को रोका. एक विशेषज्ञ बोर्डिंग टीम और मरीन कमांडो ने संदिग्ध जहाज पर चढ़े और गहन तलाशी ली. तलाशी में कई सील पैकेट मिले. सख्ती से पूछताछ और जांच करने के बाद जो मिला वह वाकय चौकाने वाला था. बोट के अलग अलग कार्गो होल्ड और कंपार्टमेंट में 2500 किलोग्राम से ज्यादा नारकोटिक्स जिसमें 2386 किलो हशीश और 121 किलो हेरोइन बरामद हुई.

मिशन डिप्लॉयमेंट का चक्रव्यूह
समुद्री लुटेरों के खतरों और इंडियन ओशन रीजन को सुरक्षित रखने के मकसद से साल 2017 में नौसेना ने मिशन डेप्लायमेंट की शुरुआत की. फिलहाल दुनिया में भारतीय नौसेना के कुल 6 मिशन डेप्लायमेंट के तहत हमेशा भारतीय जंगी जहाज मौजूद रहते है. अरब सागर में स्ट्रेट ऑफ हॉरमूज के पास जहां फारस और ओमान की खाड़ी के इलाके से भारत का 80 फीसदी एनर्जी ट्रेड आता है. दूसरा अदन की खाड़ी में एनर्जी ट्रेड के अलवा 90 फीसदी अन्य व्यापार होता है जो कि स्वेज कैनाल से रेड सी और अदन की खाड़ी से होते हुए ट्रेड अरब सागर के रास्ते भारत पहुंचता है. यह सबसे बड़ा पायरेसी का इलाका है. यह समुद्री व्यापार का सबसे छोटा रूट है इसलिए यहां पर ट्रैफिक बाकी जगह से कहीं ज्यादा है.इसी वजह से यहा पर समुद्री डाकू का खतरा बढ़ा रहता है. तीसरा मिशन डेप्लायमेंट है शेसेल्स के पास जो की केप ऑफ गुड होप रूट से आने वाले या फिर उस इलाके मे होने वाली समुद्री डकैती को रोकने के लिए तैनात है. चौथा मिशन डेप्लायमेंट मालदीव के पास पांचवा अंदमान निकोबार के पास और छठा म्यांमार और बांग्लादेश की सीमा के पास बंगाल की खाड़ी में. इन तैनाती के दौरान भारतीय जंगी जहाज अपने मित्र देशों की नौसेना के साथ वॉर एक्सरसाइज को भी अंजाम देते है तो किसी भी तरह के पायरेसी या किसी दुर्घटना के दौरान राहत बचाव का काम भी करते है.

First Published :

April 02, 2025, 13:44 IST

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