Last Updated:January 04, 2026, 10:16 IST
India-Bangladesh Border: बांग्लादेश में जब से लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई शेख हसीना सरकार का तख्तापलट किया गया है, वहां के हालात लगातार बेकाबू हो रहे हैं. मोहम्मद यूनुस देश की स्थिति को सुधारने के बजाय अपने ही लोगों को भरमाने में जुटे हैं. अंतरिम सरकार का प्रमुख बनने के साथ ही उन्होंने न केवल चीन और पाकिस्तान के साथ नजदीकियां बढ़ाईं, बल्कि सेवन सिस्टर्स (नॉर्थईस्ट के प्रदेश) और चिकन नेक का उल्लेख भी किया, ऐसे में भारत के लिए सतर्क चौकन्ना होना जरूरी हो गया है.
India-Bangladesh Border: बांग्लादेश बॉर्डर से 200 से 300 किलोमीटर दूर स्थित तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन को अपग्रेड किया जाएगा. (फाइल फोटो/PTI)India-Bangladesh Border: बांग्लादेश में उथल-पुथल का माहौल है. अंतरिक सरकार का प्रमुख होने के नाते मोहम्मद यूनुस पर देश को शांति और समृद्धि के रास्ते पर लाने की जिम्मेदारी थी, लेकिन वे भारत विरोधी गतिविधियों में व्यस्त हो गए. उनके तीन कदम ने भारत की चिंताओं को बढ़ा दिया. चीन यात्रा के दौरान यूनुस ने भारत के नॉर्थईस्ट के सात राज्यों का उल्लेख किया. सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी चिकन नेक से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित लाल मोनिरहाट एयर बेस के डेवपलमेंट का काम चीन को सौंपने की प्लानिंग और पाकिस्तानी जनरल को ग्रेटर बांग्लादेश के नक्शे वाली बुकलेट सौंपने की घटना ने भारत को सतर्क कर दिया. अब देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों की सुरक्षा को और चाक चौबंद करने की तैयारी शुरू कर दी है. बांग्लादेश के आसपास भारत के चार सैन्य बेस हैं. अब बांग्लादेश की सीमा से तकरीबन 200 से 300 किलोमीटर दूर स्थित एयरफोर्स स्टेशन को अपग्रेड करने की दिशा में भी कदम बढ़ा दिया है. कुछ दिनों पहले ही असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन का विस्तार करने की योजना के तहत तकरीबन 383 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने का नोटिफिकेशन जारी किया गया है. बता दें कि यह एयरफोर्स स्टेशन चीन बॉर्डर से 200 किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित है, ऐसे में इसका रणनीतिक महत्व बढ़ जाता है.
दरअसल, केंद्र सरकार ने असम के बोकाजन गांव में 382.82 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को औपचारिक रूप से अधिसूचित कर दिया है. यह जमीन भारतीय वायुसेना (IAF) के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन के बड़े विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए ली गई है. इस जमीन का उपयोग रक्षा मंत्रालय द्वारा महत्वपूर्ण सैन्य ढांचे के विकास, आधुनिक हथियार प्रणालियों की तैनाती और अन्य रणनीतिक संसाधनों के लिए किया जाएगा. भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के तहत इस जमीन को लिया गया है. अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह जमीन भारतीय वायुसेना की 11 विंग को सौंपी जाएगी, जो तेजपुर से संचालित होती है और देश के पूर्वी क्षेत्र में वायुसेना की रणनीतिक भूमिका में अहम स्थान रखती है. तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन का लोकेशन स्ट्रैटजिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण है. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में यहां राफेल और S-400 एयर डिफेंस सिस्टम के स्क्वाड्रन की तैनाती की जा सकती है. इस तरह पश्चिम बंगाल के हासीमारा एयरबेस के बाद ईस्टर्न थियेटर में तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन काफी अहम हो जाएगा.
तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन
तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन असम के सोनितपुर जिले में तेजपुर के पास सलोनीबाड़ी क्षेत्र में स्थित है. यह भारतीय वायुसेना (IAF) का पूरी तरह से सक्रिय और ऑपरेशनल एयरबेस है. तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन को भारत की पूर्वी सीमा की सुरक्षा के लिए बेहद रणनीतिक माना जाता है. यह एयरबेस वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से लगभग 150 से 200 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. चीन सीमा के पास होने के कारण यह एयरबेस चीन के खिलाफ वायु शक्ति प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाता है. हालांकि यह बांग्लादेश सीमा पर सीधे स्थित नहीं है, लेकिन फिर भी यह सीमा के काफी करीब है. बांग्लादेश सीमा से निकटता के कारण यह एयरबेस पूर्वोत्तर भारत और बांग्लादेश फ्रंट की निगरानी में सहायक है. तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से पूरे पूर्वी मोर्चे पर तेज प्रतिक्रिया (Rapid Response) संभव हो पाती है. यह एयरबेस भारतीय वायुसेना के लिए एक केंद्रीय हब के रूप में काम करता है. यहां से लड़ाकू विमानों और अन्य वायु संसाधनों की तेज तैनाती की जा सकती है. तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन नागरिक उड़ानों के लिए भी उपयोग होता है और इसे तेजपुर एयरपोर्ट के रूप में जाना जाता है. यह एयरबेस सीमा सुरक्षा, निगरानी और आपात स्थिति में त्वरित सैन्य कार्रवाई के लिए अहम है. इस तरह तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन भारत की पूर्वी रणनीतिक रक्षा व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है.सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी चिकन नेक बांग्लादेश सीमा से लगता हुआ 22 किलोमीटर संकड़ा गलियारा है. (फाइल फोटो/PTI)
क्यों अहम है तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन?
तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन भारतीय वायुसेना के सबसे महत्वपूर्ण अग्रिम ठिकानों में से एक माना जाता है. यह भारत की पूर्वोत्तर सीमा के काफी नजदीक स्थित है. पिछले कुछ वर्षों में इस बेस को आधुनिक लड़ाकू विमानों, तेज प्रतिक्रिया देने वाली इकाइयों और अन्य सहायक सैन्य संसाधनों के लिए लगातार उन्नत किया गया है. नई जमीन मिलने से रनवे से जुड़ा ढांचा, मजबूत एयरक्राफ्ट शेल्टर, लॉजिस्टिक्स और मेंटेनेंस सुविधाओं का विस्तार किया जा सकेगा. तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन बांग्लादेश बॉर्डर से 200 से 300 किलोमीटर दूर है तो चीन सीमा तकरीबन 175 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. अधिकारियों के अनुसार, इस अतिरिक्त जमीन से भविष्य की सैन्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा. इसमें विमानों और संसाधनों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात करने की सुविधा, सुरक्षा को और मजबूत करने के उपाय, साथ ही कमांड और कंट्रोल सिस्टम को बेहतर बनाना शामिल है. इससे किसी भी आपात स्थिति में वायुसेना की तैयारियों और संचालन क्षमता में बढ़ोतरी होगी.
व्यापक रणनीति का हिस्सा
यह कदम पूर्वोत्तर भारत में वायुसेना के ठिकानों को मजबूत करने की केंद्र सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है. असम में स्थित ऐसे एयरबेस, जो संवेदनशील सीमाओं की निगरानी और त्वरित जवाब देने में अहम भूमिका निभाते हैं, उन्हें विशेष रूप से सशक्त किया जा रहा है. जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना जारी होने के बाद अब अगले चरण में विस्तृत योजना बनाकर निर्माण और तैनाती का काम शुरू किया जाएगा. तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन का यह विस्तार भारत की पूर्वी वायु रक्षा और स्ट्राइक क्षमता को और मजबूत करेगा, जिससे क्षेत्र में देश की सुरक्षा और रणनीतिक बढ़त को नई मजबूती मिलेगी.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु...और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
January 04, 2026, 09:47 IST

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