इरम(इंटरनेट डेस्क)। आपका पार्टनर किसी इंसान से नहीं, बल्कि AI से प्यार भरी बातें करता है। उससे अपनी निजी बातें साझा करता है और इमोशनल सपोर्ट भी लेता है। ऐसे में क्या इसे बेवफाई माना जाएगा? AI गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड का बढ़ता चलन रिश्तों में वफादारी की परिभाषा को लेकर यही सवाल खड़ा कर रहा है।
AI के साथ रिश्ता चीटिंग या सिर्फ बातचीत
सितंबर 2026 में अमेरिका के 1,709 वयस्कों पर किए गए एक सर्वे में 50.5% लोगों ने AI के साथ रोमांटिक या सेक्शुअल रिश्ते को चीटिंग माना। इनमें 33.4% के लिए AI के साथ किसी भी तरह का रोमांटिक या सेक्शुअल इंटरेक्शन गलत था, जबकि 17.1% ने इमोशनल या सेक्शुअल अटैचमेंट को चीटिंग की वजह माना। वहीं, 28.3% लोगों का मानना था कि AI इंसान नहीं है, इसलिए उसके साथ रोमांटिक जुड़ाव बेवफाई नहीं है।
बातों-बातों में बढ़ता है कनेक्शन
AI कंपैनियंस के साथ बातचीत करना आसान लग सकता है। लोग उनसे अपनी प्रॉब्लम साझा कर सकते हैं और बिना झिझक अपनी बात कह सकते हैं। धीरे-धीरे कुछ लोगों के लिए यह बातचीत इमोशनल कनेक्शन का रूप भी ले सकती है। हालांकि AI से बात करना अपने आप में रोमांटिक अटैचमेंट का साइन नहीं है। रिश्ते में प्रॉब्लम तब हो सकती है जब एक पार्टनर AI के साथ अपने कनेक्शन को खास मानने लगे या इस बातचीत को दूसरे पार्टनर से छिपाने लगे। ऐसे में पार्टनर लग सकता है कि उनके रिश्ते में इमोशनल जगह किसी और को दी जा रही है, भले ही वह कोई इंसान न हो।
हर कपल के लिए अलग हैं रिश्ते के नियम
हर कपल के लिए चीटिंग की डेफिनीशन अलग हो सकती है। किसी को AI से फ्लर्ट करना भी गलत लग सकता है, तो कोई इसे सिर्फ वर्चुअल बातचीत मानेगा। इसलिए पार्टनर के बीच यह क्लियर होना जरूरी है कि AI के साथ बातचीत की कौन-सी लिमिट्स उन्हें स्वीकार हैं। साथ ही एक-दूसरे की असहजता को समझना और उस पर खुलकर बात करना भी जरूरी है।
आखिरकार AI के साथ रोमांस को चीटिंग मानना या न मानना रिश्ते की आपसी समझ पर डिपेंड कर सकता है। लेकिन डिजिटल दुनिया में भी भरोसा, ट्रांसपैरेंसी और एक-दूसरे की फीलिंग्स की रिस्पैक्ट उतना ही मायने रखती है।

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