2010 से 2020 के बीच मार्क जुकरबर्ग अक्सर प्लेन ग्रे टी-शर्ट में नजर आते थे। उनका मानना था कि कपड़ों पर रोज समय और दिमाग खर्च करने के बजाय बड़े फैसलों पर फोकस करना बेहतर है। लेकिन अब उनका स्टाइल घुंघराले बालों, डिजाइनर आउटफिट्स और गोल्ड चेन के साथ बदल चुका है। वहीं सैम ऑल्टमैन और राज शमानी जैसे सक्सेजफुल चेहरे मिनिमल लेकिन महंगे फैशन को पसंद करते हैं। आखिर टेक और बिजनेस की दुनिया में अरबपतियों का स्टाइल कैसे बदल रहा है और इससे आम लोग क्या सीख सकते हैं यहां जानिए...
जुकरबर्ग का 'फन' और 'रिवर्स फ्लेक्स' फैशन
- जुकरबर्ग का स्टाइल इन दिनों बिल्कुल बदल गया है। हाल ही में एक मेटा इवेंट में उन्होंने लॉस एंजिलिस के फेमस फैशन डिजाइनर माइक अमीरी के साथ मिलकर अपनी पहली हाई-फैशन टी-शर्ट डिजाइन की। इसके अलावा वे अब 'द रो' और 'इवान किनोरी' जैसे प्रीमियम ब्रांड्स के कपड़े पहन रहे हैं।
- जुकरबर्ग मिक्स मार्शल आर्ट्स के भी बड़े फैन हैं। वे अक्सर ओवरसाइज्ड या बॉक्सी कपड़े पहनते हैं। उनका मानना है कि जब दुनिया जानती है कि आप फिट हैं तो मसल्स दिखाने के लिए टाइट कपड़े पहनने की क्या जरूरत है। इसे वे 'रिवर्स फ्लेक्स' कहते हैं।
- दिलचस्प बात यह है कि जुकरबर्ग की फैशन में दिलचस्पी सिर्फ कपड़ों तक सीमित नहीं है। वे अपनी वाइफ प्रिसिला चान के लिए 20 से ज्यादा ज्वेलरी पीस और अपनी शादी की अंगूठी भी खुद डिजाइन कर चुके हैं। अब उनका मानना है कि कपड़े और फैशन यह मैसेज देते हैं कि एक लीडर के तौर पर आप लोगों के सामने कैसी छवि रखना चाहते हैं।
यह है 'क्वाइट लग्जरी' या 'स्टेल्थ वेल्थ' फैशन
- भले ही जुकरबर्ग ने अपना स्टाइल बदला हो लेकिन आज भी सैम ऑल्टमैन जैसे कई फाउंडर्स का फैशन एक सीक्रेट कोड पर चलता है: 'नो लाउड लोगोज नो फ्लैशी ब्रांडिंग'। इस ट्रेंड को फैशन की दुनिया में 'क्वाइट लग्जरी' या 'स्टेल्थ वेल्थ' कहा जाता है।
- मैगजीन 'वोग' के मुताबिक इसका मतलब है, ऐसी क्वालिटी और महंगे कपड़े जिनमें कोई बड़ा लोगो न हो। इसका मेजर थॉट यह है कि आप अपनी अमीरी का दिखावा न करें बल्कि अपनी प्रेजेंस फील कराएं।
- सैम ऑल्टमैन का फंडा: OpenAI के सैम ऑल्टमैन भी म्यूटेड क्रू-नेक्स और ग्रे-ब्लू कपड़ों में दिखते हैं। उनका फैशन मैसेज साफ है, 'कमरे में सबसे ज्यादा आवाज आपके आइडिया की होनी चाहिए आपके कपड़ों की नहीं।'
इंडिया में भी हिट है यह ट्रेंड
इंडिया में राज शमानी जैसे यंग क्रिएटर्स और आंत्रप्रेन्योर्स भी इसी 'पॉलिश्ड मिनिमलिज्म' को फॉलो कर रहे हैं। उनका लुक बिजनेस-कैजुअल होता है जैसे सॉलिड शर्ट्स, क्लीन ट्राउजर्स और प्रीमियम स्नीकर्स। यह स्टाइल पॉडकास्ट से लेकर बोर्डरूम और एयरपोर्ट तक हर जगह परफेक्ट लगता है।
आप ऐसे बनाएं अपना 'प्रैक्टिकल यूनिफॉर्म'
अगर आप भी इस ट्रेंड को अपनाना चाहते हैं तो इसके लिए लाखों रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं है। बस अपने वार्डरोब में इन चीजों को शामिल करें:
1. 3-4 प्लेन टी-शर्ट्स: हाई-क्वालिटी की सफेद, ग्रे, ब्लैक या नेवी ब्लू टी-शर्ट (जिन पर कोई बड़ा प्रिंट या लोगो न हो)।
2. 2 अच्छी फिटिंग वाले ट्राउजर: डार्क डेनिम जींस और एक चारकोल या बेज रंग का ट्राउजर।
3. लेयरिंग: एक अच्छी ओवरशर्ट, बॉम्बर जैकेट या अनस्ट्रक्चर्ड ब्लेजर।
4. एक्सेसरीज: एक अच्छी घड़ी, बेल्ट और सनग्लासेस (सभी एक ही मेटल टोन में)।
5. जूते: क्लीन और मिनिमल स्नीकर्स या लोफर्स।
गोल्डन रूल: आपके वार्डरोब में भले ही सिर्फ 10 कपड़े हों लेकिन अगर उनका कलर पैलेट न्यूट्रल है तो आप उन्हें मिक्स-एंड-मैच करके 30 अलग-अलग आउटफिट्स बना सकते हैं। इससे आपका टाइम भी बचेगा और आप हमेशा 'क्लासी' भी दिखेंगे।

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