Last Updated:February 02, 2026, 09:17 IST
Bullet Train Project In Southern India: आम बजट 2026-27 में देश में सात और हाईस्पीड रेल प्रोजेक्ट की घोषणा की है. इसमें से पांच प्रोजेक्ट दक्षिण और पश्चिम भारत के लिए है. इससे दक्षिण और पश्चिम के करीब-करीब सभी बड़े शहर बुलेट ट्रेन से कनेक्ट हो जाएंगे. पहले ही अहमदाबाद-मुंबई प्रोजेक्ट चल रहा है. इस तरह मुंबई, अहमदाबाद, पुणे, हैदराबाद, चेन्नई और बेंगलुरू ये सभी छह मेट्रो के बीच बुलेट ट्रेन का जाल बिछ जाएगा.
देश में अहमदाबाद और मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट चल रहा है. फोटो- रायटरBullet Train Project In Southern India: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आम बजट पेश कर दिया. इस बजट में देश में कई हाई स्पीड रेल नेटवर्क यानी बुलेट ट्रेन नेटवर्क बनाने की घोषणा की गई है. इसमें प्रोजेक्ट के जरिए विकास के तमाम मानकों पर उत्तर भारत की हिंदी पट्टी से कोसों आगे चल रहे दक्षिण भारत के मुख्य शहरों पर जोर दिया गया है. इस नेटवर्क में चेन्नई, बेंगलुरू और हैदराबाद का त्रिकोण बनाय जा रहा है. इससे दक्षिण के सभी पांचों राज्यों को फायदा होगा.
सरकार ने सात हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की है. ये कॉरिडोर हैं- मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरू, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरू, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी. इस सातों प्रोजेक्ट पर करीब 16 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस हाईस्पीड कॉरिडोर के बनने के बाद इन शहरों के बीच यात्रा समय में भारी कमी आएगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि इन सभी कॉरिडोर पर एक साथ काम चलेगा. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि अगले पांच से 10 साल में ये प्रोजेक्ट पूरे किए जा सकते हैं.
| कॉरिडोर | टाइम | दूरी |
| मुंबई-पुणे | 48 मिनट | 155 किमी |
| पुणे-हैदराबाद | 1:55 घंटा | 556 किमी |
| हैदराबाद-बेंगलुरू | 1:55 घंटा | 575 किमी |
| हैदराबाद-चेन्नई | 2:55 घंटे | 630 किमी |
| चेन्नई-बेंगलुरू | 1:13 घंटा | 350 किमी |
| दिल्ली-वाराणसी | 3:50 घंटे | 865 किमी |
| वाराणसी-सिलीगुड़ी | 2:55 घंटे | 720 किमी |
चेन्नन-बेंगलुरू-हैदराबाद कॉरिडोर
यह सबसे अहम कॉरिडोर है. ये तीनों मेट्रो शहर हैं. मौजूदा वक्त में ये तीनों शहर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. ये तेजी से प्रगति भी कर रहे हैं. ऐसे में बुलेट ट्रेन चलने से इन शहरों के बीच लोग रोज अप-डाउन कर सकेंगे. यह स्थिति अमेरिका और यूरोप के इंफ्रास्ट्रक्चर को टक्कर देने वाली है. अगर ये प्रोजेक्ट अगले 10 सालों में पूरा कर लिए जाते हैं तो चेन्नई से बेंगलुरू के बीच का सफर मात्र 1:13 घंटे में पूरा होगा. यह दूरी करीब 350 किमी की है. बेंगलुरू-हैदराबाद के बीच का सफर करीब दो घंटे में पूरा होगा. यह दूरी करीब 575 किमी है. चेन्नई से हैदराबाद के बीच की दूरी 2:55 घंटे में पूरा होगी. यह दूरी करीब 630 किमी की है.
इसी तरह मुंबई से पुणे की 155 किमी की दूरी करीब 48 मिनट में पूरी होगी. पुणे से हैदराबाद की 556 किमी की दूरी 1:55 घंटे में पूरी होगी. रेल मंत्री ने यह भी कहा कि अहमदाबाद-मुंबई के बन रहे हाईस्पीड रेल प्रोजेक्ट से पुणे और हैदराबाद भी जुड़ जाएंगे. कुल मिलाकर इस प्रोजेक्ट के जरिए पश्चिम और दक्षिण भारत के सभी बड़े शहर बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जुड़ जाएंगे.
500-700 किमी अप-डाउन
ये दोनों इलाके पहले से ही देश के सबसे अमीर क्षेत्र हैं. ऐसे में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट बनने से यहां विकास की गति और तेज होगी. लोगों की आवाजाही और सुगम होगी. लोग 500-700 किमी की दूरी कुछ इस तरह पूरी करेंगे जिस तरह एनसीआर में दिल्ली-गुड़गांव के बीच हम-आप सफर करते हैं. इस इलाकों में पहले से भी कनेक्टिविटी बेहतर हैं. इन सभी बड़े शहरों के बीच पहले से बेहतरीन हाईवे या एक्सप्रेस-वे है. मुंबई-पुणे के बीच ही देश का पहले एक्सप्रेस वे बना था. इसी तरह चेन्नई-बेंगलुरू के बीच के भी एक्सप्रेस-वे चालू हो चुका है.
उत्तर भारत की दयनीय स्थिति
अब आते है उत्तर भारत की हिंदी पट्टी खासकर बिहार-यूपी और पूर्वोत्तर भारत की ओर. ये इलाके आज भी देश के सबसे पिछले इलाके हैं. यूपी में तो कुछ एक्सप्रेस-वे बने भी हैं. वरना बिहार, बंगाल, झारखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर में परिवहन की स्थिति अब काफी बुरी है. इन राज्यों में अभी तक एक्सप्रेस-वे भी नहीं बने हैं. हां, सरकार ने दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच हाईस्पीड कॉरिडोर की घोषणा की है लेकिन, विशाल आबादी को देखते हुए यह परियोजना बहुत छोटी है. आर्थिक दृष्टि से देखें तो बिहार-यूपी और पूर्वी भारत में कोई ऐसा उभरता शहर नहीं है जहां दक्षिण की तरह रोजगार के भरपूर अवसर हों. उत्तर भारत का पूरा दबाव दिल्ली-एनसीआर पर है. पूर्वी भारत में कोलकाता पुराना मेट्रो शहर है लेकिन वह भी आधुनिक विकास की रफ्तार में काफी पीछे छूट गया है.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...और पढ़ें
First Published :
February 02, 2026, 09:03 IST

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