Last Updated:February 02, 2026, 16:01 IST
Internship Scam: इंटर्नशिप स्कैम अलर्ट! क्या आपको भी मिला है घर बैठे कमाई का ऑफर? नामी कंपनियों के फर्जी लेटरहेड और 'टास्क' के नाम पर लाखों की ठगी हो रही है. करियर की शुरुआत में सतर्क रहना जरूरी है वरना जिंदगीभर मन में डर बना रहेगा.
Internship Scam: इंटर्नशिप के नाम पर ठगी के मामले सामने आ रहे हैंनई दिल्ली (Internship Scam). डिजिटल युग में एक क्लिक पर दुनियाभर के अवसर खुले हैं. इससे साइबर क्राइम की काली छाया भी गहराती जा रही है. गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने गंभीर चेतावनी जारी की है. साइबर ठग टॉप MNCs के मिलते-जुलते नामों और फर्जी लेटरहेड का इस्तेमाल कर इंटर्नशिप का झांसा दे रहे हैं. वॉट्सएप, टेलीग्राम और लिंक्डइन जैसे प्लेटफॉर्म्स पर एक्टिव ये अपराधी लुभावने स्टाइपेंड और ‘वर्क फ्रॉम होम’ का लालच देकर युवाओं को गिरफ्त में लेते हैं.
आमतौर पर इन ठगों का सॉफ्ट टारगेट पहली इंटर्नशिप की तलाश में जुटे फ्रेशर्स होते हैं. उन्हें प्रोफेशनल दिखने वाला ऑफर लेटर भेजा जाता है और फिर रजिस्ट्रेशन फीस, लैपटॉप सिक्योरिटी या ट्रेनिंग शुल्क के नाम पर मोटी रकम ऐंठ ली जाती है. युवा अपनी पहली सफलता के उत्साह में बिना जांच-पड़ताल किए पैसे ट्रांसफर कर देते हैं. यह ठगी सिर्फ पैसों के नुकसान तक सीमित नहीं रहती, बल्कि युवाओं के संवेदनशील डेटा की चोरी और उन्हें डरा-धमकाकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे जाल में फंसाने तक पहुंच चुकी है.
Cyber Knowledge: फर्जी लेटरहेड और असली जैसे दिखने वाले ईमेल
साइबर ठग अब सीधे तौर पर बड़ी कंपनियों के Logo और आधिकारिक लेटरहेड की नकल कर रहे हैं. वे ऐसे ईमेल्स का इस्तेमाल करते हैं, जो दिखने में बिल्कुल आधिकारिक लगते हैं. छात्र जब इन ईमेल पर दिए गए लिंक पर क्लिक करते हैं तो वे एक फिशिंग वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं, जहां उनसे उनकी बैंक डिटेल्स और व्यक्तिगत जानकारी शेयर करने के लिए कहा जाता है.
लालच का खेल: रेटिंग और टास्क के नाम पर धोखाधड़ी
ठगी की शुरुआत अक्सर बहुत छोटे कामों से होती है, जैसे यूट्यूब वीडियो लाइक करना या होटल रेटिंग देना. विश्वास जीतने के लिए ठग शुरू में 100-200 रुपये का भुगतान भी करते हैं. एक बार जब छात्र का भरोसा जम जाता है तो उसे प्रीमियम टास्क या वीआईपी मेंबरशिप के नाम पर बड़ी रकम निवेश करने के लिए कहा जाता है. जैसे ही युवा पैसे लगाते हैं, ठग संपर्क तोड़ देते हैं.
I4C के बताए खतरे के निशान
साइबर एक्सपर्ट ने कुछ ऐसे संकेतों की पहचान की है, जिससे आप किसी भी फर्जी जॉब ऑफर को तुरंत पहचान सकते हैं:
पैसों की मांग: कोई भी टॉप लेवल की कंपनी इंटर्नशिप या नौकरी देने के लिए पैसे, डिपॉजिट या बॉन्ड मनी नहीं मांगती. पर्सनल ईमेल एड्रेस: अगर ईमेल @gmail.com या @yahoo.com जैसी फ्री सर्विस से आया है तो सावधान हो जाएं. आधिकारिक ईमेल हमेशा कंपनी के डोमेन (जैसे @microsoft.com) से आते हैं. जरूरत से ज्यादा स्टाइपेंड: अगर काम के मुकाबले पैसा बहुत ज्यादा ऑफर किया जा रहा है तो समझ लीजिए कि दाल में कुछ काला है.डिजिटल अरेस्ट का बढ़ता खतरा
इन स्कैम का एक खतरनाक हिस्सा ‘डिजिटल अरेस्ट’ है. इसमें ठग खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर डराते हैं कि आपके बैंक खाते या पार्सल में कुछ अवैध पाया गया है. वे डरा-धमकाकर ‘मामला रफा-दफा’ करने के लिए पैसे मांगते हैं. याद रखें, कोई भी पुलिस अधिकारी आपको वीडियो कॉल पर अरेस्ट नहीं कर सकता है.
सुरक्षित रहने का एकमात्र मंत्र
अगर आपको कोई संदिग्ध ऑफर आता है तो सीधे कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उनका ‘करियर’ पेज चेक करें या उनके ऑफिशियल टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें. अगर आप किसी स्कैम में फंस गए हैं तो शर्मिंदा होने के बजाय तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें.
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With more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academic sys...और पढ़ें
First Published :
February 02, 2026, 16:01 IST

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