Last Updated:August 06, 2025, 14:06 IST
Kartavya Bhavan: कर्तव्य भवन-3 में खुले ऑफिस स्पेस को लेकर CSS फोरम ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर गोपनीयता और कार्य क्षमता पर गंभीर चिंता जताई है. फोरम का कहना है कि बिना निजी कक्षों के संवेदनशील मामलो...और पढ़ें

Kartavya Bhavan Office Space Controversy: केंद्रीय सचिवालय सेवा (CSS) फोरम, जो सरकार के अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करता है, उसने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को पत्र लिखकर शिकायत की है कि नई सरकारी इमारतों में खुले ऑफिस स्पेस (Open Office Spaces) की व्यवस्था गोपनीयता (Privacy) और संवेदनशील जानकारियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार, 6 अगस्त 2028 को ‘कर्तव्य भवन-3’ का उद्घाटन करेंगे. यह नई ‘कॉमन सेंट्रल सचिवालय’ इमारतों में से एक है. आने वाले समय में सभी मंत्रालयों को कर्तव्य पथ (लुटियंस दिल्ली) में बनी इन नई इमारतों में शिफ्ट कर दिया जाएगा. 90 वर्षों से रायसीना हिल्स के नॉर्थ ब्लॉक में स्थित गृह मंत्रालय (MHA) सबसे पहले इस नई इमारत में शिफ्ट हो रहा है.
फोरम ने उठाई आपत्ति, कहा – जगह कम और गोपनीयता खत्म
CSS फोरम ने PMO और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) को भेजे गए पत्र में कहा कि CSS अधिकारियों को तय मानकों से कम जगह दी जा रही है, जिससे गोपनीयता और कामकाज की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है. फोरम ने कहा, “कर्तव्य भवन-3 में बैठने की व्यवस्था में अलग-अलग विभागों या सेक्शन के लिए कोई स्पष्ट सीमांकन नहीं है. कई सेक्शन को एक ही हॉल में बैठाया गया है, जिससे काम करने में व्यवधान हो रहा है. असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO) के पास न तो फाइल और स्टेशनरी रखने के लिए जगह है, और न ही उनके वर्कस्पेस के बीच कोई परदे या पार्टिशन हैं.
लो हाइट अलमारी से बन रहे ‘चेंबर’
फोरम का कहना है कि सेक्शन ऑफिसर और अंडर सेक्रेटरी जैसे अधिकारियों के कार्यस्थल कम ऊंचाई की अलमारियों से बनाए गए हैं, जो न तो पर्याप्त गोपनीयता प्रदान करते हैं और न ही एकाग्रता बनाए रखते हैं. इससे संवेदनशील मामलों को गोपनीय तरीके से संभालना मुश्किल हो रहा है.
‘अंडर सेक्रेटरी’ जैसे पदों के लिए ओपन ऑफिस खतरनाक
CSS फोरम ने चेतावनी दी कि अंडर सेक्रेटरी, जो अत्यंत गोपनीय और संवेदनशील मुद्दों जैसे कोर्ट केस, विजिलेंस और क्लासिफाइड फाइलों को संभालते हैं, उन्हें भी ओपन ऑफिस में बैठा दिया गया है. इससे उनके टेलीफोन पर बातचीत, वरिष्ठ अधिकारियों से आमने-सामने की चर्चाएं आस-पास बैठे किसी भी व्यक्ति द्वारा आसानी से सुनी जा सकती हैं. यह गंभीर गोपनीयता का उल्लंघन है.
फोरम का कहना है कि जिन सेक्शनों में संवेदनशील फाइलों का काम होता है, वहां ऐसी खुली व्यवस्था से पहले ही जानकारियां लीक हो सकती हैं, जो मामलों के नतीजों को प्रभावित कर सकती हैं.
CSS फोरम की मांगें
फोरम ने सरकार से मांग की है कि सभी मंत्रालयों को कहा जाए कि वे बैठक व्यवस्था की समीक्षा करें. जहां आवश्यक हो, वहां संशोधन करें और निर्धारित मानकों के अनुसार स्पेस अलॉट करें. इसके अलावा, सभी अधिकारियों के लिए पर्याप्त स्पेस और क्लोज़ चेंबर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
First Published :
August 06, 2025, 14:06 IST