अफ्रीका पर चीनी प्रभाव कम करने की तैयारी, नेवी ने शुरु किया नया अभियान

4 days ago

Last Updated:March 24, 2025, 23:09 IST

INDIA AFRICA RELATIONS: भारत के रिश्ते अफ्रीकी देशों के साथ बेहतर है. भारतीय सेना कई अफ्रीकी देशों में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के तरत अपनी ड्यूटी को अंजाम दे रहे है. साल 2023 में ही भारतीय सेना ने इंडिया अफ्...और पढ़ें

अफ्रीका पर चीनी प्रभाव कम करने की तैयारी, नेवी ने शुरु किया नया अभियान

अफ्रीकी देशों के साथ नौसेना का नया अभ्यास

हाइलाइट्स

भारतीय नौसेना ने अफ्रीका में नया अभियान शुरू किया.तंजानिया में 2025 में समुद्री अभ्यास आयोजित होगा.9 देशों के 44 नौसैनिक INS सुनैना पर सवार होंगे.

INDIA AFRICA RELATIONS: पिछले कुछ सालों में अफ्रीका में अपनी गतिविधियों को बड़ी तेजी से बढ़ाया है. आर्थिक और सामरिक तौर पर गरीब अफ्रीकी देशों को अपने जाल में फंसा रहा है. भारत भी लगातार इंडियन ओशन रीजन के देशों को भारत प्राथमिकता दे रहा है. इसमें अफ्रीका पर फोकस ज्यादा है. आर्थिक मदद के साथ सामरिक और सुरक्षा के ग्राउंड पर भारत उन देशों के साथ जुड़ा है. उसी कड़ी में नौसेना ने पहला बार दो ऐसे कदम उठा रही है जो समुद्र के जरिए अफ्रीकी देशों के साथ रिशेतों की नई इबारत लिखने जा रही है. पहला है IOR यानी इंडियन ओशन शिप सागर और दूसरा है अफ्रीका इंडिया की मैरिटाइम एंगेजमेंट (AIKEYME)

आइकीम से जोड़े जाएंगे देश
भारत और अफ्रीका ने समुद्री सुरक्षा को महत्वपूर्ण समझते हुए मिलकर एक नई पहल की है. इसका पहला संस्करण भारतीय नौसेना और तंजानिया पीपुल्स डिफेंस फोर्स मिलकर आयोजित कर रही हैं. यह अभ्यास तंजानिया के दार-ए-सलाम में अप्रैल 2025 में शुरुआत होगा. 6 दिन के इस अभ्यास में कोमोरोस, जिबूती, इरीट्रिया, केन्या, मेडागास्कर, मॉरीशस, मोजाम्बिक, सेशेल्स और दक्षिण अफ्रीका हिस्सा लेंगे. इस अभ्यास का मकसद है समुद्री सुरक्षा के अलग अलग पहलुओं पर ट्रेनंग देना और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है. इस अभ्यास में सर्च एंड रेस्क्यू, पोर्ट सिक्योरिटी, तस्करी पर लगाम लगाना, समुद्री डकैती और डकौतों से निपटने के लिए नए तरीके पर चर्चा और अभ्यास करना है. इसके अलावा छोटे हथियारों से फायरिंग, हेलीकॉप्टर ऑपरेशन और समुद्र में जान बचाने के अभ्यास भी किए जाएंगे. खास बात तो यह है कि इस दौरे में डिफेंस एक्स्पों का भी आयाजोन होगा. इसके लिए भारतीय नौसेना के लैंडिंग प्लेटफॉर्म में स्वदेशी कंपनियों के हथियार और उपरणो को भी ले जाया जाएगा. जिनकी प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी ताकी अफ्रीकी देश उनसे रूबरू कराया जा सके.

पहली बार 9 देशों के 44 नौसैनिक होंगे शिप पर सवार
IOS सागर पहल में भारतीय नौसेना का समंदर में साझेदारी का एक महत्वपूर्ण कदम है. इस पहल में भारतीय नौसेना का ऑफशोर पेट्रोल वेसेल INS सुनैना को साउथ वेस्ट इंडियन ओशन रीजन में तैनात किया जाएगा. इस वॉशिप में 9 मित्र देशों कोमोरोस, केन्या, मेडागास्कर, मालदीव, मॉरीशस, मोजाम्बिक, सेशेल्स, श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के कुल 44 नौसैनिक मौजूद रहेंगे. 5 अप्रैल को इसे कारवार से रवाना किया जाएगा. 1 महीने के इस सफर में तंजानिया के दार-एस-सलाम, मोज़ाम्बिक के नकाला, मॉरीशस पोर्ट लुईस, सेशेल्स के पोर्ट विक्टोरिया और मॉलद्वीव के माले में बंदरगाह से होता हुआ कोच्ची पहुंचेगा. यह तंजानिया, मोज़ाम्बिक, मॉरीशस और सेशेल्स के एक्सकलूसिव इकॉनोमिक जोन (EEZ) की ज्वाइंट पेट्रोलिंग भी करेगा.

चीन का बढ़ता प्रभाव
चीन का अफ्रीका में स्ट्रेटिजिक इंट्रस्ट साल 2017 में जिबूती में अपना पहला ओवरसीज मिलिट्री बेस स्थापित करने से ही साफ हो गया. यह देश इतना महत्वपूर्ण है कि दुनिया के दो धुर विरोधी अमेरिका और चीन के मिलिट्री बेस इस जगह पर है. खास बात तो यह है कि देश रेड सी और अदन की खाड़ी के किनारे है. चीनी अपना प्रभाव डालने के लिए अफ्रीकी देशों को कम कीमत और सस्ते लोन में एयरक्राफ्ट, एम्यूनिशन, आर्टिलरी गम, मिसाइल, रडार और रॉकेट सिस्टम दिए है. SIPRI की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा भी हुआ था. रिपोर्ट के मुताबिक साल 2019 से 2023 के बीच 21 अफ्रीकी देशों में चीनी हथियारों की खरीद कर रहे है. 10 में 7 अफ्रीकी देशों की सेना चीनी बखतरबंद गाडियों का इस्तमाल कर रही है. खास बात तो यह है कि चीनी नेवल गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रायर मामिंग, फ्रीगेट सान्या और सप्लाई शिप वेईशान हू ने जुलाई 2023 में दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन का दौरा किया था. इस दौरान घाना के आइवरी कोस्ट, नाइजीरिया और कॉंगो में रुकता हुआ गया था.

First Published :

March 24, 2025, 23:09 IST

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