'एक शब्द से बिगड़ी बात' निमिषा प्रिया को बचाने में वाले एक्टिविस्ट का बयान

1 month ago

Last Updated:July 17, 2025, 13:04 IST

Nimisha Priya Death Sentence Case : यमन की राजधानी सना की सेंट्रल जेल में बंद भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को मौत की सजा से बचाने के प्रयासों को करारा झटका लगा है. प्रिया को बचाने में जुटे सोशल एक्टिविस्ट सैमुअल ज...और पढ़ें

'एक शब्द से बिगड़ी बात' निमिषा प्रिया को बचाने में वाले एक्टिविस्ट का बयान

निमिषा प्रिया को मौत की सजा से बचाने के प्रयासों को करारा झटका लगा

नई दिल्ली. यमन के नागरिक तलाल अब्दो महदी की हत्या के आरोप में सना सेंट्रल जेल में बंद भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को मौत की सजा से बचाने की कोशिशों को गहरा झटका लगा है. निमिषा को बचाने की कोशिश में जुटे सामाजिक कार्यकर्ता सैमुअल जेरोम का कहना है कि पीड़ित तलाल अब्दो महदी का परिवार ‘बल्ड मनी’ की बात से नाराज है. एनडीटीवी से बातचीत में जेरोम ने कहा कि वह फिर से महदी के परिवार के साथ संबंधों को सुधारने में जुटे हैं.

निमिषा यमन की राजधानी सना की सेंट्रल जेल में बंद हैं जिस पर हूतियों का नियंत्रण है.16 जून को निमिषा को मौत की सजा दी जानी थी लेकिन आखिरी समय में प्रयास रंग लाए और सजा टल गई थी. केरल के प्रभावशाली मुस्लिम धर्मगुरु भी यमन के धर्मगुरुओं के संपर्क में हैं. हालांकि महदी के परिवार की नाराजगी ने फिर से मुश्किल खड़ी कर दी है. निमिषा के परिवार की ओर से सामाजिक कार्यकर्ता सैमुअल जेरोम को बातचीत के लिए अधिकृत किया गया है. महदी के परिवार की नाराजगी भारत से आई उन रिपोर्टों के बाद बढ़ी है जिनमें दावा किया गया कि तलाल अब्दो के परिवार को 10 लाख डॉलर (लगभग 8 करोड़ रुपये) ब्लड मनी के रूप में दिए जाएंगे और वे इसके बदले भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को माफी दे देंगे.

जेरोम ने कहा कि ब्लड मनी शब्द बहुत गलत है. अगर हम खुद को अब्देल फतेह महदी की जगह रखकर देखें तो भी इस बारे में नहीं सोच सकते. बलड मनी देकर माफी नहीं मांग सकते. भारत में ऐसी रिपोर्ट दिखाई गईं जिनमें कहा गया कि ब्लड मनी के लिए बातचीत चल रही है. मैं मृतक अब्देल फतेह महदी के भाई से दो बार और पिता से एक बार मिल चुका हूं. हमने सिर्फ दया की भीख मांगी थी. मेरे कहने का मतलब यह है कि हम महदी परिवार के पास जाकर यह नहीं कह सकते कि आपको कितना रुपये चाहिए. यह बहुत ही परेशान करने वाला कदम होगा. मुझे नहीं पता कि भारत के लोग इस बारे में कैसे सोचेंगे.’

सामाजिक कार्यकर्ता सैमुअल जेरोम ने कहा, ‘पीड़ित परिवार से पिछले आठ साल में मेरे संबंध हैं. कोर्ट में हर सुनवाई में मैं जाता रहा हूं. मैं ब्देल फतेह महदी के भाई से बात किया करता था. उससे हाथ मिलाया करता था. इस तरह से हमारे बीच विश्वास पैदा हुआ. अब मीडिया में ब्लड लाइन की खबरें आने के बाद हमारे प्रयासों को झटका जरूर लगा है. अब मुझे फिर से भरोसा पैदा करना होगा लेकिन मुझे नहीं पता कि हमारे पास कितना समय है. प्रिया के शायद बहुत ज्यादा समय नहीं बचा है. पीड़ित परिवार का हर सदस्य नाराज है.’

Chaturesh Tiwari

An accomplished digital content creator and Planner. Creating enhanced news content for online and social media. Having more than 10 years experience in the field of Journalism. Done Master of Journalism from M...और पढ़ें

An accomplished digital content creator and Planner. Creating enhanced news content for online and social media. Having more than 10 years experience in the field of Journalism. Done Master of Journalism from M...

और पढ़ें

homenation

'एक शब्द से बिगड़ी बात' निमिषा प्रिया को बचाने में वाले एक्टिविस्ट का बयान

Read Full Article at Source