कम उम्र में हार्ट अटैक, ये 7 वजहें बढ़ा रही हैं खतरा

1 hour ago

इरम (इंटरनेट डेस्क) । आजकल कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक के मामले सामने आ रहे हैं। इसकी बड़ी वजह हमारी बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ता स्ट्रेस, नींद की कमी और गलत खान-पान हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि हम उन कारणों को समझें, जो कम उम्र में दिल पर असर डाल रहे हैं।

1. ज्यादा स्ट्रेस दिल पर डाल रहा दबाव

आज की भागदौड़ वाली जिंदगी में स्ट्रेस हमारी जिंदगी का हिस्सा बन गया है। ऑफिस का काम, लगातार बढ़ता दबाव और निजी जिंदगी की परेशानियां शरीर को लंबे समय तक स्ट्रेस में रख सकती हैं। लगातार स्ट्रेस रहने से नर्वस सिस्टम अफेक्टेड हो सकता है, और ब्लड प्रेशर भी बढ़ सकता है। शरीर का सिम्पेथेटिक और पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम स्ट्रेस और रिलैक्सेशन के बीच बैलेंस बनाए रखने में मदद करते हैं। इसलिए स्ट्रेस को इग्नॉर करने के बजाय उसे मैनेज करना जरूरी है।

2.देर रात तक जागना पड़ सकता है भारी

आजकल देर रात तक मोबाइल और लैपटॉप चलाने की आदत से नींद का पैटर्न बिगड़ रहा है। लगातार नींद पूरी न होने से शरीर को आराम और रिकवरी का समय नहीं मिल पाता। लंबे समय तक कम नींद लेने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और दिल की सेहत पर भी असर पड़ सकता है।

3. घंटों बैठे रहना भी दिल के लिए खतरे की घंटी

ऑफिस के काम के चलते कई घंटे लगातार कुर्सी पर बैठे रहना मजबूरी बन गई है लेकिन इसके साथ अगर एक्सरसाइज या किसी तरह की फिजिकल एक्टिविटी भी न हो, तो वजन, ब्लड प्रेशर और मेटाबॉलिक हेल्थ पर असर पड़ सकता है, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

4. खाने में ज्यादा नमक दिल पर डाल रहा दबाव

खाने का स्वाद बढ़ाने वाला नमक अगर जरूरत से ज्यादा हो जाए, तो हेल्थ के लिए प्रॉब्लम क्रिएट कर सकता है. ज्यादा नमक ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है और लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने पर दिल पर दबाव पड़ता है। इससे आगे चलकर हार्ट डिजीज का खतरा भी बढ़ सकता है।

5. ज्यादा चीनी दिल पर भी डालती है असर

जरूरत से ज्यादा चीनी शरीर के लिए प्रॉब्लम्स बढ़ा सकती है। ज्यादा चीनी वाले पकवान और ड्रिंक्स का लगातार कंज्युम्शन वजन बढ़ने और ब्लड शुगर से जुड़ी प्रॉब्लम्स का जोखिम बढ़ा सकता है। ये सभी आगे चलकर हार्ट हेल्थ अफेक्ट कर सकते हैं।

6. कूल&य दिखने का शौक दिल पर पड़ सकता है भारी

दोस्तों के साथ स्मोकिंग करना, पार्टी में सिगरेट का कश लेना या स्ट्रेस में धुआं उड़ाना कई बार कूल दिखने का तरीका माना जाता है। लेकिन इस &कूल&य अंदाज के पीछे छिपा निकोटीन का असर दिल के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं है। निकोटीन हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है, जबकि सिगरेट के धुएं में मौजूद दूसरे हार्मफुल केमिकल ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं। लगातार स्मोकिंग करने से हार्ट डिजीज का खतरा भी बढ़ सकता है।

7. फैमिली की मेडिकल हिस्ट्री से बढ़ता है हार्ट अटैक का खतरा

अगर फैमिली में किसी करीबी को कम उम्र में हार्ट अटैक या दिल से जुड़ी बीमारी हो चुकी है, तो इसे इग्नॉर न करें। फैमिली हिस्ट्री की वजह से भी हार्ट डिजीज का रिस्क बढ़ सकता है। खासकर अगर घर में किसी को कम उम्र में ऐसी समस्या रही है, तो आपको अपनी सेहत को लेकर अलर्ट रहना चाहिए।

प्रोफेसर डॉ. अवधेश शर्मा ने बताया, दिल को लेकर कब हो जाएं अलर्ट ?

ये बदलाव दिखें तो न करें नजरअंदाज

डॉ. अवधेश शर्मा के मुताबिक, कम उम्र होने का मतलब यह नहीं है कि सीने में होने वाली परेशानी को सिर्फ एसीडिटी या थकान समझकर नजरअंदाज कर दिया जाए। सीने में दर्द या दबाव, सांस फूलना, अचानक ठंडा पसीना आना, चक्कर या कमजोरी महसूस होना और दर्द का बाएं हाथ या जबड़े तक जाना हार्ट अटैक के साइन हो सकते हैं। खासतौर पर बिना किसी मेहनत के अचानक पसीना आए या सीने में अजीब-सा दबाव महसूस हो,तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

दिल को हेल्दी रखने के लिए क्या करें ?

डॉ. शर्मा का कहना है कि बेहतर हार्ट हेल्थ के लिए डेली की छोटी-छोटी आदतों पर ध्यान देना जरूरी है। रोज थोड़ा समय फिजिकल एक्टिविटी के लिए निकालें, नींद पूरी करें और खाने में नमक-चीनी का ध्यान रखें। स्मोकिंग से दूरी बनाएं और स्ट्रेस को मैनेज करने की कोशिश करें। साथ ही समय-समय पर ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल टेस्ट कराते रहें।

लक्षण दिखें तो देर न करें

अगर बताए गए लक्षण अचानक दिखाई दें, तो इसे एसीडिटी या थकान समझकर इग्नॉर न करें। ऐसे मामलों में अपने आप ठीक होने का इंतजार करने के बजाय तुरंत मेडिकल हेल्प लेना जरूरी है.

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