बंद होने वाला था सरकारी स्कूल, अब प्राइवेट को दे रहा मात, लोगों ने बदली तस्वीर

12 hours ago

Last Updated:April 05, 2025, 09:04 IST

Haryana Govt Schools: फतेहाबाद के गांव ढाणी ढाका के राजकीय मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल को ग्रामीणों ने मिलकर सुधार दिया. अब स्कूल में 400 बच्चे पढ़ते हैं, 28 टीचर हैं और सुविधाएं प्राइवेट स्कूलों से बेहतर हैं.

बंद होने वाला था सरकारी स्कूल, अब प्राइवेट को दे रहा मात, लोगों ने बदली तस्वीर

फतेहाबाद का ढाणी ढाका स्कूल.

हाइलाइट्स

ढाणी ढाका के सरकारी स्कूल में अब 400 बच्चे पढ़ते हैं.ग्रामीणों के सहयोग से स्कूल में सुविधाएं प्राइवेट स्कूलों से बेहतर हैं.स्कूल में 28 टीचर हैं, जिनमें से 16 प्राइवेट हैं.

फतेहाबाद. हरियाणा के फतेहाबाद के गांव ढाणी ढाका का राजकीय मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल छह साल पहले बंद होने की कगार पर था. स्कूल में सिर्फ 25 बच्चे थे और शिक्षा विभाग ने इसे कंडम घोषित कर दिया था. लेकिन गांव वालों ने हार नहीं मानी और खुद स्कूल की तस्वीर बदलने का बीड़ा उठाया. आज इस स्कूल में 400 बच्चे पढ़ रहे हैं.

ग्रामीणों के सहयोग से स्कूल में ऐसी सुविधाएं दी जा रही हैं, जो कई प्राइवेट स्कूलों को भी मात दे रही हैं. स्कूल में पहली से आठवीं तक की पढ़ाई होती है और पहली से पांचवीं तक की कक्षाओं में एसी लगे हैं. बच्चों को गर्मी में कोई परेशानी न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया है. स्कूल में कंप्यूटर लैब है और ऑफिस रूम और कक्षाएं भी शानदार तरीके से बनाई गई हैं. ट्रांसपोर्ट की सुविधा भी है.

2019 में स्कूल की हालत बेहद खराब थी.

दरअसल, 2019 में स्कूल की हालत बेहद खराब थी. न टीचर थे, न सुविधाएं. शिक्षा विभाग ने ग्रांट भेजी, लेकिन असली काम गांव वालों ने किया. उन्होंने बैठक कर फैसला लिया कि अब गांव के बच्चे प्राइवेट स्कूल में नहीं जाएंगे और सभी बच्चे गांव के सरकारी स्कूल में ही पढ़ेंगे. इसके बाद गांव वालों ने स्कूल को सुधारना शुरू किया. बच्चों की संख्या बढ़ी तो टीचरों की जरूरत भी बढ़ी.

ग्रामीणों के सहयोग से स्कूल में सुविधाएं दी जा रही हैं.

अब स्कूल में 28 टीचर हैं, जिनमें से 16 प्राइवेट हैं. इनका खर्चा गांव वाले खुद उठाते हैं. स्कूल में पढ़ाई का स्तर इतना अच्छा है कि बच्चे अंग्रेजी में बातचीत करते हैं. गांव के लोग खुद स्कूल जाकर बच्चों की परीक्षा लेते हैं और सवाल-जवाब करते हैं. बेहतर शिक्षा के चलते कई बच्चे जवाहर नवोदय, एनएमएमएस और बुनियाद जैसे स्कूलों में दाखिला पा चुके हैं. स्कूल में 32 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और गेट कीपर तैनात है. स्कूल में आने-जाने वाले हर व्यक्ति की रजिस्टर में एंट्री होती है.

स्कूल में आने-जाने वाले हर व्यक्ति की रजिस्टर में एंट्री होती है.

आस-पास के गांवों से पढ़ने आ रहे बच्चे

अब गांव के बच्चे गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं और आस-पास के गांवों के बच्चे भी विशेष रूप से एडमिशन लेने आते हैं. स्कूल में पहली से पांचवी तक पढ़ने वाले बच्चों के कमरों में एसी लगे हुए हैं, जिससे गर्मी में उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े. बता दें कि यह स्कूल पहली से आठवीं तक है और इसे प्राइमरी तक मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल बनाया गया है.

गांव के सहयोग से ही यह सब संभव हो पाया.

हर गांव में हों ऐसे प्रयास

ग्रामीणों का कहना है कि गांव के सहयोग से ही यह सब संभव हो पाया. जो स्कूल कभी बंद होने वाला था, आज वहां 400 बच्चे पढ़ रहे हैं. सुविधाएं किसी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं हैं. बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए इस तरह के प्रयास हर गांव में होने चाहिए.

Location :

Fatehabad,Fatehabad,Haryana

First Published :

April 05, 2025, 08:22 IST

homeharyana

बंद होने वाला था सरकारी स्कूल, अब प्राइवेट को दे रहा मात, लोगों ने बदली तस्वीर

Read Full Article at Source