भारत के पास से अजगर अमेरिका कैसे पहुंचे? अब मारने के लिए 'खरगोश' बन रहे चारा

3 hours ago

अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य में अजगर काफी ज्यादा हो गए हैं. यहां अजगरों की आबादी कम करने के लिए अधिकारी अब रोबोट खरगोश की मदद ले रहे हैं. हां, जैसे मछली पकड़ने के लिए कांटेदार जाल में चारा फंसाया जाता है उसी तरह से नकली खरगोश की मदद से बर्मीज अजगरों को काबू में करने की तैयारी हो रही है. ये विशालकाय सांप करीब 6 से 9 फीट लंबे हो सकते हैं. वैसे ये हमेशा से फ्लोरिडा में नहीं पाए जाते थे. इस कारण यहां इनका कोई प्राकृतिक शिकारी भी नहीं है जिससे लाइफ साइकल चलता रहता. ये अजगर स्थानीय जीवों का शिकार कर रहे हैं. टेंशन की बात यह है कि इनका चितकबरा आवरण इन्हें अदृश्य बना देता है. इन्हें पकड़ा नहीं जा पा रहा है. 

अधिकार मजबूरन क्रिएटिव तरीका इस्तेमाल कर रहे हैं. इन विशालकाय सांपों के शिकार की अनुमित देने के साथ ही फ्लोरिडा पायथन चैलेंज आयोजित कर रहे हैं. इसके अलाव नर अजगरों पर ट्रैकर लगा रहे हैं जिससे अंडे देने वाली मादाओं या घोसलों तक पहुंचा जा सके. अब साउथ फ्लोरिडा प्रशासन रोबोट खरगोशों को चारे की तरह इस्तेमाल कर रहा है. 

They look, move and even smell like the kind of furry Everglades marsh rabbit a Burmese python would love to eat. But these bunnies are robots meant to lure the giant invasive snakes out of their hiding spots. pic.twitter.com/bNDJJzdpWg

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— The Associated Press (@AP) August 28, 2025

हां, आपको लगेगा कि खरगोश तो जानते हैं, ये रोबोट खरगोश क्या है? इसे आप खिलौना समझिए. ये असली खरगोश की तरह गंध छोड़ते हैं. अधिकारी मानकर चल रहे हैं कि एवरग्लेड्स नेशनल पार्क और आसपास के जंगलों और दलदलों में इसे रखने के बाद अजगर अपने गुप्त स्थानों से बाहर निकलेंगे और तब उन्हें आसानी से पकड़ा जा सकेगा. 

एक रिपोर्ट के मुताबिक इन मशीनी खरगोशों में ऐसी मोटर और हीटर लगे हैं जो जीवित खरगोश की तरह व्यवहार करते हैं और शरीर का तापमान बनाए रखते हैं. ऐसे ही असली खरगोश बर्मीज अजगर का पसंदीदा भोजन है. इन मशीनी खरगोश में कैमरा भी लगा है, जो बर्मीज अजगर के करीब आते ही निगरानी दल को अलर्ट भेजता है ताकि फौरन आगे की एक्टिविटीज शुरू हो सके. बताते हैं कि पहले असली खरगोश का इस्तेमाल होता था लेकिन इन जानवरों की देखभाल आसान नहीं है. ऐसे में यह प्रक्रिया अव्यावहारिक हो जाती थी. 

ये बर्मीज अजगर अमेरिका कैसे पहुंचे?

हां, ये सवाल आपके भी मन में होगा. ये बर्मीज अजगर भारत के करीब दक्षिण पूर्व एशिया के मूल निवासी माने जाते हैं. 1990 और 2000 के दशक की शुरुआत में मुख्य रूप से विदेशी पालतू जानवरों के व्यापार के जरिए इन्हें फ्लोरिडा ले जाया गया. कई अजगर फिर जंगल में भाग गए या जब वे 'पालतू जानवर' की साइज से बड़े हो गए तो मालिकों ने उन्हें छोड़ दिया. फ्लोरिडा की जलवायु और वनस्पति और शिकारियों की कमी ने अजगरों की आबादी को फलने-फूलने में मदद की. 

इन अजगरों से समस्या क्या है? 

दरअसल, अजगरों ने फ्लोरिडा के पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित किया है. अजगर लगभग हर चीज़ खा लेते हैं, खरगोश से लेकर पक्षियों और मगरमच्छों को भी. आसपास के जंगलों में कई प्रजातियों की आबादी तेजी से गिरी है क्योंकि अजगर उन्हें अपना भोजन बना ले रहे हैं. 

अजगर पकड़ने के बाद कैसे मारेंगे?

फ्लोरिडा में इसे कथित तौर पर मानवीय तरीका बताते हैं. इसमें सबसे पहले अजगर को पूरी तरह से बेहोश कर दिया जाता है ताकि उन्हें दर्द या डर महसूस न हो. फिर उनके मस्तिष्क को एक प्रक्रिया से पूरी तरह से नष्ट कर दिया जाता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उन्हें होश न आए और उन्हें मारते समय दर्द न हो. 

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