Last Updated:August 06, 2025, 13:45 IST
Manipur: पहली बार घाटी के सामाजिक संगठनों, अरंबाई टेंगोल और थाडो कूकी समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच आमने-सामने बातचीत हो रही है. यह पहल प्रदेश में शांति के लिए अहम मानी जा रही है.

हाइलाइट्स
अरंबाई टेंगोल और कूकी के प्रतिनिधि इम्फाल होटल में वार्ता के लिए मिले.होटल के बाहर भारी सुरक्षा, सुबह 11 बजे से मीटिंग शुरू.बातचीत से मणिपुर में तनाव घटने की उम्मीद है.इम्फाल: मणिपुर के हालात लंबे समय से तनाव भरे रहे हैं. घाटी में रहने वाले और पहाड़ी इलाकों के लोगों के बीच कई मुद्दों को लेकर मतभेद चल रहे हैं. लेकिन अब इस तनाव को कम करने और आपसी समझ बढ़ाने की एक बड़ी कोशिश की जा रही है. पहली बार घाटी की सिविल सोसाइटी यानी सामाजिक संगठनों और थाडो कूकी समुदाय के लोगों के बीच सीधी बातचीत होने जा रही है.
यह ऐतिहासिक बैठक आज इम्फाल के एक बड़े होटल क्लासिक होटल में हो रही है. इस बातचीत को लेकर न सिर्फ मणिपुर बल्कि पूरे देश की नजरें इस पर टिकी हैं, क्योंकि यह दोनों समुदायों के बीच रिश्ते सुधारने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
कौन-कौन ले रहा है हिस्सा?
इस मीटिंग में घाटी से जुड़े सामाजिक संगठनों (जिन्हें CSOs कहा जाता है) के लोग शामिल हो रहे हैं. साथ ही, “अरंबाई टेंगोल” नाम का एक सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन भी इस बातचीत का हिस्सा है. दूसरी ओर, थाडो कूकी समुदाय के सबसे बड़े संगठन थाडो इनपी मणिपुर के प्रतिनिधि भी इस बैठक में पहुंचे हैं.
अब तक कूकी समुदाय से जुड़े 16 प्रतिनिधि होटल में पहुंच चुके हैं. अरंबाई टेंगोल के सदस्य भी होटल में आ गए हैं. घाटी के CSO ग्रुप के बाकी सदस्य भी धीरे-धीरे वहां पहुंच रहे हैं.
होटल के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
मीटिंग को लेकर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. होटल के चारों ओर पुलिस और सुरक्षा बल तैनात हैं ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो और बातचीत शांति से हो सके. प्रशासन नहीं चाहता कि किसी तरह की अफवाह या बाहरी दखल से यह पहल बिगड़ जाए. यह बातचीत आज सुबह 11 बजे शुरू हुई थी और इसके लिए कई दिन से तैयारी चल रही थी.
बातचीत क्यों है खास?
यह पहली बार हो रहा है जब दोनों समुदाय आमने-सामने बैठकर बात कर रहे हैं. अब तक दोनों ओर से सिर्फ बयानबाजी या दूरी बनी रही है. लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि लोग शांति चाहते हैं और आगे बढ़ना चाहते हैं. इस बातचीत से उम्मीद की जा रही है कि जो गलतफहमियां हैं, उन्हें दूर किया जा सकेगा और दोनों पक्ष एक-दूसरे को समझने की कोशिश करेंगे.
First Published :
August 06, 2025, 13:45 IST