Last Updated:February 28, 2025, 20:22 IST
LIGHT UTILITY HELICOPTER: पिछले 40 साल से भारतीय सेना दुनिया के सबसे उंचे रणक्षेत्र में दुश्मन और मौसम से नपट रही है. यह एक ऐसी जगह है जहां तापमान -50 तक चला जाता है. ग्लेशियर में तैनात सैनिकों की लाइफ लाइन है ...और पढ़ें
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सियाचिन के ऑपरेशन को अंजाम देगा लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर
हाइलाइट्स
भारतीय सेना में लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर शामिल होंगे.LUH हेलिकॉप्टर नाइट विजन तकनीक से लैस होंगे.कर्नाटक के तुमाकुरु में HAL फैक्ट्री में निर्माण होगा.LIGHT UTILITY HELICOPTER: रक्षा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाना आज की ज़रूरत है. जब दुश्मन पडोसी चीन और पाकिस्तान जैसा देश हो तो यह बहुत जरूरी हो जाता है.उसी कड़ी मे देश में लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर तैयार किए जाएंगे. भारतीय सेना के लिए चेतक हेलिकॉप्टर सियाचिन और अन्य हाई एल्टिट्यू़ड एरिया में किसी लाइफ लाइन से कम नहीं. सियाचिन में इकलौता हेलिकॉप्टर है जो लैंड भी कर सकता है और टेकऑफ भी ले सकता है. उंचे पोस्ट पर सैनिकों को रसद और बाकी साजों सामान चीता हेलिकॉप्टरों के जरिए पहुंचाए जाते है. लेकिन अब यह काफी पुराने हो चले हैं. सेना को कुल 225 लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर की जरूरत है. सूत्रों के मुताबिक फिलहाल 110 हेलिकॉप्टर की कीमत पर चर्चा जारी है. माना जा रहा है कि इसी साल डील पर दस्तखत भी हो सकते हैे. सेना का प्लान है कि सभी 100 से ज्यादा चीत,चेतक हेलिकॉप्टर को चरणबद्ध तरीके से 10 साल में फेज आउट कर दिया जाए.
आधुनिक क्षमताओं से है लैस LUH
लाइट यूटिलिटी हेलिकाप्टर (LUH) से भारतीय सेना में लंबे समय से इस्तेमाल में लाए जा रहे चीता और चेतक हेलिकॉप्टरों को बदला जाएगा. यह हेलिकाप्टर नाइट विजन तकनीक से लैस होंगे जो कि रात को भी अपने ऑप्रेशन को आसानी से अंजाम दे सकेंगे. इस हैलिकॉप्टर में 6 लोगों के बैठने की जगह है जब्कि 4 वीआईपी सीटिंग या इंमर्जेंसी में दो स्ट्रेचर मेडिकल रेसक्यू में भी बदला जा सकता है. इस हेलिकॉप्टर अधिकतम क्रूज रफ्तार 235 किलोमीटर प्रतिघंटा है. एक बार के फ़्यूल के साथ यह 3 घंटे तक उड़ान भर सकता है. 500 किलो वजन के साथ यह 350 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है. साथ ही 1000 किलो तक का लोड उठा कर उड़ान भर सकता है. LUH चीता हेलिकाप्टर की तरह ही सियाचिन के हाई ऑलटेट्यूड में आसानी से लैंड और टेकऑफ भी कर सकता है. LUH में इस तरह के ऑप्रेशन को अंजाम देने के लिए बनाया गया है. इस हेलिकॉप्टर में शक्ति इंजन लगा है. इस इंजन को HAL और फ्रांस की सैफरॉन ज्वाइंट वेंचर में बना है. HAL ने 3 टन वजनी एक इंजन वाले लाइट यूटिलिटी हेलिकाप्टर को डिजाइन और डेवलप किया है और पहले लाइट यूटिलिटी हेलिकाप्टर का फ़्लाइट टेस्ट किया जा चुका है.
देश के सबसे बड़ी हेलिकॉप्टर फैक्ट्री में होगा निर्माण
कर्नाटक के तुमाकुरु (Tumakuru) में हिंदुस्तान एरोनॉटिकस लिमिटेड यानी की HAL की इस फ़ैक्ट्री में सेना के लाइट यूटिलिटी हेलिकाप्टर तैयार करेगी. देश के सबसे बड़े हेलिकाप्टर फैक्ट्री को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को समर्पित कर चुके हैं. साल 2016 में पीएम ने इस फ़ैक्ट्री की आधारशिला रखी थी.
यह पूरी फ़ैक्ट्री 615 एकड़ में फैला हुआ है. इस फैक्ट्री में सालाना 30 हेलिकाप्टर बनाने की क्षमता है. जरूरत पढ़ने पर चरणबद्ध तरीके से सालाना इसे बढ़ाकर 60 और 90 किया जा सकेगा.
हेलिकॉप्टर निर्माण में भारत हुआ आत्मनिर्भर
भारत सेना के लिए जितने भी प्रोजेक्ट पर काम कर रही है उसमें प्राथमिकता स्वदेशी है. HAL एडवांस लाइट हेलिकाप्टर ध्रुव, वेपेनाइजड एडवांस लाइट हेलिकाप्टर रुद्र और लाइट अटैक हेलिकाप्टर प्रचंड का भी निर्माण यही देश में हो रहा है. अब लाइट यूटिलिटी हेलिकाप्टर भी इस कड़ी में शामिल हो गया है. HAL मीडियम लिफ्ट हेलिकाप्टर IMRH यानी की इंडियन मल्टी रोल हेलिकाप्टर पर तेजी से काम कर रहा है. जो भविष्य में भारतीय सेना रूसी मिडियम लिफ्ट हेलिकाप्टर Mi-17 को रिपलेस करेंगे.
First Published :
February 28, 2025, 20:22 IST