Last Updated:April 02, 2025, 14:24 IST
Gaurav Gogoi on Waqf Bill: वक्फ संशोधन बिल पर कांग्रेस के गौरव गोगोई और मंत्री किरन रिजिजू के बाद नोकझोक हुई. गोगोई ने रिजिजू पर संसद को गुमराह करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह बिल देश के संविधानिक ढांच...और पढ़ें

संसद में जिजिजू-गोगोई में नोकझोक. (File Photo)
हाइलाइट्स
वक्फ संशोधन बिल पर संसद में आज बहस चल रही हैगौरव गोगोई ने रिजिजू पर गुमराह करने का आरोप लगायागोगोई ने कहा कि संविधान को बदलने की कोशिश हो रही है.Gaurav Gogoi on Waqf Bill: आज लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर केंद्र सरकार की तरफ से मंत्री किरन रिजिजू और कांग्रेस पार्टी के गौरव गोगोई के बीच तीखी नोकझोंक हुई. पहले रिजिजू ने विपक्ष पर मुसलमानों को गुमराह करने का आरोप लगाया. एक बार जब गौरव गोगोई ने बोलना शुरू किया तो उन्होंने भी सत्ता पक्ष को कसके सुनाया. गोगोई ने कहा कि डबल इंजन की सरकार लोगों को सड़क पर नमाज पढ़ने का हक तो दे नहीं पा रही है. दूसरी तरफ वक्फ बिल के जरिए उन्हें हक देने की बात कर रही है.
गौरव गोगोई ने रिजिजू पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार समाज और देश को बांटना चाहती है. यह बिल कहां से आया. क्या अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने बिल बनाया या किसी और ने? इस बिल के जरिए संविधान को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. आज हमें सरकार को अपने धर्म का सर्टिफिकेट देना होगा. बिल में किए गए संशोधनों से देश में मुकदमेबाजी बढ़ेगी. बिल को मजबूत बनाने के लिए संशोधन किए जाने चाहिए. आज इनकी एक समाज की जमीन पर नजर है. कल इनकी दूसरे अल्पसंख्यकों की जमीन पर इनकी नजर जाएगी. संशोधन की जरूरत है.
गौरव गोगोई ने कहा कि मैं ऐसा नहीं कहता कि इसकी जरूरत नहीं है. हम संशोधन के पक्ष में नहीं हैं लेकिन संशोधन ऐसा हो जिससे ये बिल और ताकतवर हो. इन्होंने जो संशोधन लाए हैं, उससे मसले और बढ़ेंगे. सरकार धार्मिक मामलों में दखल दे रही है. ये देश में भाईचारे के माहौल को बिगाड़ना चाहते हैं. राज्य सरकार की अनुमति से बोर्ड को कुछ नियम बनाने की इजाजत थी, जिसे ये पूरा का पूरा हटा रहे हैं. सरकार वक्फ बोर्ड को कमजोर करना चाहती है. भाजपा मुस्लिम समुदाय को बदनाम कर रही है, जिन्होंने आजादी से पहले और बाद में बार-बार अपनी देशभक्ति दिखाई है
रिजिजू ने पहले क्या कहा था?
इससे पहले वक्फ बिल पर चर्चा की शुरुआत करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा था, ‘साल 2013 में यूपीए सरकार ने वक्फ बोर्ड को ऐसा अधिकार दिया कि वक्फ बोर्ड के आदेश को किसी सिविल अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती. अगर यूपीए सरकार सत्ता में होती तो संसद इमारत, एयरपोर्ट समेत पता नहीं कितनी इमारतों को वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया जाता. साल 2013 में मुझे इस बात पर बहुत आश्चर्य हुआ कि इसे कैसे जबरन पारित किया गया. 2013 में वक्फ अधिनियम में प्रावधान जोड़े जाने के बाद दिल्ली में 1977 से एक मामला चल रहा था, जिसमें सीजीओ कॉम्प्लेक्स और संसद भवन सहित कई संपत्तियां शामिल थीं. दिल्ली वक्फ बोर्ड ने इन पर वक्फ संपत्ति होने का दावा किया था. मामला अदालत में था, लेकिन उस समय यूपीए सरकार ने सारी जमीन को डीनोटिफाई करके वक्फ बोर्ड को सौंप दिया. अगर हमने आज यह संशोधन पेश नहीं किया होता, तो हम जिस संसद भवन में बैठे हैं, उस पर भी वक्फ संपत्ति होने का दावा किया जा सकता था.’
First Published :
April 02, 2025, 14:11 IST