Last Updated:May 15, 2025, 20:32 IST
INDIAN ARTILLERY HIT PAK HARD: भारतीय सेना में तोपखाने का आधुनिकरण जारी है. नए स्वदेशी आधुनिक गन की खरीद की जा रही है. पाकिस्तान ने चीन से SH-15 माउंटेड गन सिस्टम की खरीद की है. उसकी तैनाती भारत से लगती सीमा पर...और पढ़ें

LoC पर खूब गरजी भारतीय तोप
हाइलाइट्स
भारतीय सेना ने पाक के 9 ठिकानों पर हमला किया.भारतीय फील्ड गन ने पीओके में पाक को ध्वस्त किया.105mm फील्ड गन ने खूब गोले दागे.INDIAN ARTILLERY HIT PAK HARD: 7 मई की रात को भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 9 चुने हुए ठिकानों पर जोरदार हमला किया. महज 25 मिनट में ही पाकिस्तान की जमीन और आसमान धमाकों से गूंज उठे. भारतीय वायुसेना और थल सेना ने मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया. LoC के करीब के टार्गेट को ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी भारतीय थल सेना के पास थी. भारतीय थलसेना ने एक-एक कर सटीक निशाने साधे और पाकिस्तानी आतंकियों के लॉन्च पैड और ट्रेनिंग सेंटर को नष्ट किया. इस अटैक के लिए भारतीय सेना ने स्मार्ट म्यूनिशन और प्रीशिसन गाइडेड म्यूनिशन का इस्तेमाल किया. पाकिस्तान ने अपनी तोपों से भारतीय सिविल एरिया में गोले दागने शुरू कर दिए. भारत की तरफ से भी जवाब पहले से तैयार रखा गया था. सूत्रों के मुताबिक इंडियन फील्ड गन और मोर्टार ने इतने फायर किए कि पीओके में हर तरफ सिर्फ धूआं ही धूआं भर गया.
स्वदेशी गन ने दिखाई अपनी ताकत
पाकिस्तान ने तो भारतीय सेना को तोपों का स्वाद कारगिल के दौरान अच्छे से चखा है. पाक सेना लंबे समय से इसका स्वाद भूल चुकी थी. पहलगाम के बाद फिर से वही स्वाद चखाया गया. 105mm कैलिबर इंडियन फील्ड गन 60-70 के दशक से भारतीय सेना में अपनी सेवाएँ दे रही है. 105mm फ़ील्ड गन की सबसे खास बात यह है कि वजन में हल्की है. इसे हाई ऑल्टिट्यूड एरिया में आसानी से तैनात किया जा सकता है. यह गन पाकिस्तान और चीन के मोर्चे पर तैनात की गई है. दिन और रात में ये आर्टिलरी गन फ़ायर कर सकती है. 105mm फ़ील्ड गन की अधिकतम मारक क्षमता 17 किलोमीटर है. पीओके में भारत में और अपने रोल को ये बहुत बेहतर तरीके से निभा रही है. ज्यादातर टार्गेट इस गन की रेंज में ही हैं. सूत्रों के मुताबिक इस संघर्ष में सबसे ज्यादा इसी गन का इस्तेमाल किया गया है. इसके अलावा मोर्टार का भी इस्तेमाल किया गया. चूंकि यह गन भारत में ही निर्मित है, इसका एम्यूनेशन भी भारत में ही तैयार होता है. गलवान में भारत और चीन के बीच संघर्ष हुआ तो उस वक्त उस इलाके में तैनात फ़ील्ड गन की बैटरी से सैनिक मौके पर पहुंचकर चीनी पीएलए के जवानों पर टूट पड़े थे.
पाक के फूल गए थे हाथ-पांव
भारतीय सेना ने ऐसा ऑपरेशन किया कि पाकिस्तान को संभलने का मौका ही नहीं मिला. रात 1:05 से 1:30 तक भारतीय सेना के हमले ने पाकिस्तानी सेना को हिला कर रख दिया. सूत्रों के मुताबिक, स्ट्राइक खत्म होने के 25-30 मिनट तक पाकिस्तान को समझ ही नहीं आया कि कैसे जवाब देना है. पाकिस्तान ने सबसे पहले अपनी आर्टिलरी गन की पोजिशन को बिना फायर किए ही बदलना शुरू कर दिया, क्योंकि उसे डर था कि भारतीय सेना को उनकी गन पोजिशन का पता होगा. एक भी फायर हुआ तो भारतीय सेना उसकी गन पिट पर हमला कर उसे नष्ट कर देगी. इसलिए उसने अपनी सभी गन की पोजिशन बदल दी और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. 105mm फ़ील्ड गन के अलावा भारतीय सेना के 155mm गन का भी इस्तामाल किया गया. इसके जवाब में पिछले चार साल से खामोश भारतीय तोपों ने भी अपना मुंह खोल दिया. इसने गोले बरसाए कि पाक के अटैक को ही फीका कर दिया.
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