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Last Updated:April 04, 2025, 02:34 IST
Waqf Amendment Bill Live Updates: वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को राज्यसभा ने भी पारित कर दिया है. बिल के पक्ष में 128 वोट पड़े जबकि विपक्ष में 95. अब इसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पास अनुमोदन के लिए भेजा जाए...और पढ़ें

राज्यसभा में वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और अमित शाह.
Waqf Bill Passed In Rajya Sabha: वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को राज्यसभा ने भी हरी झंडी दे दी है. विपक्षी सदस्यों की ओर से सुझाए गए सभी संशोधन सदन ने खारिज कर दिए. वोटिंग से पहले, उपराष्ट्रपति और सभापति जगदीप धनखड़ ने मजाकिया लहजे में कहा कि ‘मुझे वोट करने की दूर-दूर तक जरूरत नहीं है.’ दरअसल विपक्ष के कुछ सदस्य उन्हें आसन पर बैठा देख हैरान हुए. तब सभापति ने उन्हें बताया कि उन्हें भी बिल पर वोट डालने का अधिकार है. वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पहले से लोकसभा से पारित हो चुका है. अब इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. उनका अनुमोदन मिलते ही यह बिल कानून की शक्ल ले लेगा.
इससे पहले, राज्यसभा में चर्चा का जवाब देते हुए अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘सेंट्रल वक्फ काउंसिल में 22 मेंबर होंगे. एक्स ऑफिशियो मेंबर को मिला कर 4 से ज्यादा गैर-मुस्लिम सदस्य नहीं होंगे. वक्फ बोर्ड के 11 सदस्यों में 3 से ज्यादा गैर-मुस्लिम नहीं होंगे. यह साफ तौर पर बताया जा चुका है.’ उन्होंने कहा, ‘वक्फ बोर्ड एक वैधानिक निकाय है और वैधानिक निकाय में केवल मुसलमानों को ही क्यों शामिल किया जाना चाहिए? अगर हिंदू और मुसलमानों के बीच कोई विवाद है, तो उस विवाद का समाधान कैसे होगा?’
जब बीजेपी की ओर से डॉ. सुधांशु त्रिवेदी बोलने खड़े हुए तो विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया. त्रिवेदी के कई वक्तव्यों के विरोध में नारेबाजी हुई. कांग्रेस के जयराम रमेश ने खड़े होकर आपत्ति जताई तो बचाव में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद उतर गए. शाह ने कांग्रेस के दिग्विजय सिंह और RJD के मनोज झा की टिप्पणियों का भी करारा जवाब दिया.
Waqf Bill LIVE: वक्फ बिल पर फाइनल वोटिंग
राज्यसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर फाइनल वोटिंग चल रही है. इस बीच, कांग्रेस के एक सदस्य ने लॉबी खुलवाने को कहा तो सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि वे ऐसा नहीं कर सकते. नियमानुसार वोटिंग पूरी होने तक लॉबी बंद रहती है.
राज्यसभा में वक्फ बिल LIVE: 'मुझे वोट करने की दूर-दूर तक जरूरत नहीं'
राज्यसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर वोटिंग के दौरान विपक्ष के कुछ सदस्य सभापति जगदीप धनखड़ को आसन पर देख हैरान हुए. इसपर सभापति ने कहा कि वे अपने आसन पर इसलिए हैं क्योंकि उन्हें वोट डालने का अधिकार है. जब ट्रेजरी बेंच की ओर से कहा गया कि आपको वोट करने की जरूरत नहीं तो सभापति ने कहा, ‘दूर-दूर तक जरूरत नहीं है.’
Waqf Bill News LIVE: मुसलमानों को डराने का काम आप कर रहे हैं, हम नहीं'
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के इन आरोपों को खारिज कर दिया है कि सरकार अल्पसंख्यकों को डराने के लिए यह विधेयक लाई है. राज्यसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर गुरुवार को हुई लंबी चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मुसलमानों को डराने और गुमराह करने का काम विपक्ष कर रहा है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि विधेयक से मुसलमानों को कोई नुकसान नहीं होगा. विपक्षी सांसदों से मुसलमानों को गुमराह न करने की अपील करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो फैसला लिया है, वह बहुत सोच-समझ कर किया है. वे (विपक्षी सदस्य) बार-बार कह रहे हैं कि हम मुसलमानों को डरा रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. हम नहीं, बल्कि आप मुसलमानों को डराने का काम कर रहे हैं. जिन लोगों ने कहा था कि सीएए पारित होने के बाद मुस्लिमों की नागरिकता छिन जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. आप इस बिल को लेकर मुसलमानों को गुमराह नहीं कीजिए.’
मंत्री ने कहा कि जब यह बिल ड्राफ्ट हुआ तो उसमें सभी के सुझाव को ध्यान में रखा गया. वक्फ बिल के मूल ड्राफ्ट और मौजूदा ड्राफ्ट को देखें तो उसमें हमने कई बदलाव किए हैं. ये बदलाव सबके सुझाव से ही हुए हैं. जेपीसी में ज्यादातर लोगों के सुझाव स्वीकार हुए हैं. सारे सुझाव स्वीकार नहीं हो सकते. जेपीसी में शामिल दलों के सांसदों ने आरोप लगाया कि उनके सुझाव को नहीं सुना गया. लेकिन ऐसी स्थिति में हमने बहुमत से फैसला किया. लोकतंत्र में ऐसा ही होता है. मंत्री ने कहा कि वक्फ बोर्ड के 11 सदस्यों में तीन से ज्यादा गैर-मुस्लिम नहीं होंगे इसका प्रावधान किया गया है, ताकि मुसलमानों के हितों के साथ समझौता न हों. साथ ही उन्होंने कहा कि जेपीसी में विपक्ष की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए इसे पूर्व प्रभाव से लागू नहीं किया गया है.
रिजिजू ने कहा कि हर जिले में जो भी जमीनी विवाद होता है, उसे कलेक्टर देखता है. आपको वक्फ में कलेक्टर को रखने पर आपत्ति थी, इसलिए हमने उससे ऊपर के अफसर को रखा है. वे बार-बार बोलते हैं कि मुसलमानों के बारे में भाजपा क्यों चिंता करती है. लोगों ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया, तो क्या उन्हें मुसलमानों की चिंता नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘हमने बार-बार कहा कि वक्फ संपत्ति में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा है. विपक्ष ने बहुत से मंदिरों की बात ही है. वहां की काउंसिल में गैर धार्मिक व्यक्ति सदस्य नहीं होता है. वक्फ बोर्ड का कोई विवाद हिंदु-मुस्लिम के बीच होगा तो उसे कैसे निपटाया जाएगा.’
रिजिजू ने कहा, ‘आप कहते हैं कि मुसलमानों में बहुत गरीबी है और गरीबों के बारे में सरकार को सोचना चाहिए. आजादी के बाद कांग्रेस दशकों तक सरकार में थी. तो ऐसे में कांग्रेस ने इसके लिए काम क्यों नहीं किया. अब हमें गरीबों के बारे में सोचना पड़ रहा है. हमने बार-बार कहा है कि वक्फ की संपत्ति में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा है. अगर हिंदू और मुसलमान के बीच वक्फ की जमीन को लेकर विवाद होता है, तो उसका निर्णय कैसे होगा.’
LIVE: वक्फ संशोधन बिल पर राज्यसभा में वोटिंग
राज्यसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर चर्चा पूरी हो गई है. अब सदस्यों की ओर से सुझाए गए संशोधनों पर वोटिंग चल रही है. राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बिल के संशोधनों पर वोटिंग करवा रहे हैं. विपक्षी सदस्यों के अभी तक के संशोधन सदन ने नकार दिए हैं.
वक्फ बिल LIVE: 'यह बिल पहले से काफी अलग'
राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘…जब पहली बार वक्फ संशोधन विधेयक का मसौदा तैयार किया गया था और जो विधेयक हम अब पारित कर रहे हैं, उसमें बहुत सारे बदलाव हैं. अगर हमने किसी के सुझाव नहीं माने होते तो यह विधेयक पूरी तरह से अलग होता…’
Waqf Bill News LIVE: वक्फ बिल पर चर्चा पूरी, अब रिजिजू दे रहे जवाब
केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू अब राज्यसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर चली चर्चा का जवाब दे रहे हैं. रिजिजू ने कहा, ‘सेंट्रल वक्फ काउंसिल में 22 मेंबर होंगे जिसमें 4 से ज्यादा नॉन मुस्लिम नहीं होंगे’.
Waqf Bill LIVE: राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर जोरदार बहस, विपक्ष ने दर्ज कराए 139 संशोधन
राज्यसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर चर्चा जारी है. विपक्ष ने विधेयक के विभिन्न प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए 139 संशोधन प्रस्ताव दिए. सदन में अभी 9 और वक्ताओं को बोलना है, जिसके बाद केंद्रीय मंत्री जवाब देंगे.
किन दलों के वक्ता बोलेंगे?
भाजपा: 4 वक्ता
जदयू: 1 वक्ता
तेदेपा: 1 वक्ता
निषाद पार्टी: उपेंद्र कुशवाहा
एनसीपी (शरद पवार गुट): 1 वक्ता
समाजवादी पार्टी: 1 वक्ता
Waqf Board Bill LIVE: किसने मांगा था वक्फ बोर्ड? सुधांशु त्रिवेदी का सवाल
राज्यसभा में BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष पर निशाना साधा. कहा, ‘अपनी सोच बदलिए, जिस कश्ती पर सवार होकर इस दरिया को पार करने की कोशिश कर रहे हैं, पिछले 75 साल में नहीं कर पाए तो….’
त्रिवेदी ने कहा, ‘कहते हैं, “जब हमें आज़ादी मिली, तो क्या किसी ने वक्फ बोर्ड की मांग की थी? फिर क्यों दिया गया? … पहले मुस्लिम समुदाय को उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, उस्ताद जाकिर हुसैन, हसरत जयपुरी और कैफी आज़मी जैसे नामों से जाना जाता था. लेकिन अब यह इशरत जहां, मुख्तार अंसारी और दाऊद इब्राहिम तक पहुंच गया है. यह सब तब शुरू हुआ जब 1976 में भारत ‘धर्मनिरपेक्ष’ बन गया.’
Waqf Bill News Live: 'वक्फ बिल से बहुतों को शिकायत तभी तो जदयू नेता ने इस्तीफा दिया'
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा, “वक्फ बिल पर बहुत लोगों को शिकायत है. तमाम पार्टियों को शिकायत है और जो लोग जबरदस्ती इसको सपोर्ट कर रहे हैं, जैसे नीतीश कुमार की पार्टी के लोग, तो वो अंदर बहुत नाराजगी है और इसकी वजह से लोग (JD(U) के वरिष्ठ नेता मोहम्मद कासिम अंसारी) इस्तीफा दे रहे हैं. इसका भारी नुकसान बिहार में लोगों को होने वाला है…”
Waqf Amendment Bill LIVE: अमित शाह ने क्यों लिया इशरत जहां का नाम?
राज्यसभा में बीजेपी के डॉ. सुधांशु त्रिवेदी के वक्तव्य के दौरान विपक्षी सदस्यों ने आपत्ति जाहिर की. कांग्रेस के जयराम रमेश ने खड़े होकर आपत्ति जताई. इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खड़े हुए और कहा, ‘सुधांशु जी ने मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया है, INDI अलायंस के लिए किया है… मैं एक-एक करके बता देता हूं… अरे दिग्विजय सिंह सुनिए न मैं खड़ा हूं न अपने पैर पर… सुधांशु जी ने कहा इशरत जहां… यही एनसीपी पार्टी ने इशरत जहां के घर पर जाकर रुपयों का इनाम भी दिया था और उसको शहीद भी बताया था… दूसरा कहा अतीक अहमद… किस पार्टी से थे? INDI अलायंस के… दूसरा कहा अंसारी… किस पार्टी से? कांग्रेस और INDI अलायंस… ये सारे नाम आपके साथ जुड़े हैं.’
वक्फ संशोधन बिल गलत है: कांग्रेस नेता
कांग्रेस नेता आरिफ नसीम खान ने कहा, ‘जिस तरह से वक्फ में संशोधन लाया गया है… 2024 में जब ड्राफ्ट बिल पेश किया गया था और इस पर संयुक्त संसदीय समिति बनाई गई थी, उस समय कई बैठकें और चर्चाएं हो चुकी हैं. सभी ने इसका विरोध किया था…इससे वक्फ की संपत्तियों को बहुत नुकसान होगा… यह संशोधन बिल गलत है…’
Waqf Bill News Live: 'जिसकी लाठी उसकी भैंस' का हिसाब ठीक नहीं, बोले खरगे
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘इस बिल को लेकर देश में ऐसा माहौल बन गया है कि अल्पसंख्यकों को परेशान करने के लिए ये लाया गया है. अगर 1995 के एक्ट में कुछ बड़े बदलाव होते तो हम इसे स्वीकार कर लेते. लेकिन उन्होंने वही डाला जो पहले से था… मेरे पास तुलनात्मक बयान है… बिल लोकसभा में 288 वोटों से पास हुआ और 232 वोटों से नहीं. क्या सभी ने इसे स्वीकार किया? इसका मतलब है कि (बिल में) कमियां हैं. आपको ये देखना चाहिए… अगर आप ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस’ के हिसाब से चलेंगे तो ये किसी के लिए भी अच्छा नहीं होगा.’
वक्फ बिल पर वकील और MP अभिषेक मनु सिंघवी का बयान
आज मैं वक्फ बिल के विषय पर बोलने जा रहा हूं, जिसमें न्याय कम और पक्षपात ज्यादा है।
संविधान ने जो दिया है, ये बिल उसे छीनने की कोशिश कर रहा है। ये कानून नहीं, कानूनी भाषा में लिपटी हुई मनमानी है। वक्फ बिल हमारे संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 का उल्लंघन करता है।
बता दें-
— Congress (@INCIndia) April 3, 2025
Waqf Bill News Live: देवेगौड़ा ने किया वक्फ बिल का समर्थन
पूर्व प्रधानमंत्री और JD(S) प्रमुख एच.डी. देवेगौड़ा ने कहा, “मुझे प्रधानमंत्री को बधाई देनी चाहिए. क्यों? जिस संपत्ति का उल्लेख किया गया है, वह लगभग 1.2 लाख करोड़ रुपये की है. ये संपत्तियां सरकार द्वारा नहीं, बल्कि दानदाताओं द्वारा दी गई हैं… यदि दानदाताओं ने दी है और उसका दुरुपयोग किया गया है और इसमें निहित स्वार्थ है, तो अब वर्तमान प्रधानमंत्री इस पर मुहर लगाना चाहते हैं, ताकि दानदाताओं की संपत्ति, जो किसी विशेष उद्देश्य के लिए समुदाय को दी गई है, उसे अमीर लोगों या समुदाय में उन लोगों द्वारा हड़पने की अनुमति न दी जाए, जो इस संपत्ति को हड़पने के लिए पर्याप्त रूप से शक्तिशाली हैं…”
#WATCH दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री और JD(S) प्रमुख एच.डी. देवेगौड़ा ने कहा, “मुझे प्रधानमंत्री को बधाई देनी चाहिए। क्यों? जिस संपत्ति का उल्लेख किया गया है, वह लगभग 1.2 लाख करोड़ रुपये की है। ये संपत्तियां सरकार द्वारा नहीं, बल्कि दानदाताओं द्वारा दी गई हैं… यदि दानदाताओं ने दी… pic.twitter.com/u77gZB5prQ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 3, 2025
Waqf Bill Live: 'जिसे दान देना चाहूं दे सकता हूं, कौन रोक सकता है'
निर्दलीय राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने गुरुवार को सदन में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर चर्चा के दौरान कहा कि वह अपनी संपत्ति जिसे चाहें, दान दे सकते हैं; उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है. पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा, “मान लीजिए मैं हिंदू हूं, मुस्लिम हूं, सिख हूं या ईसाई हूं और मेरे पास कोई संपत्ति है जिसे मैं दान में देना चाहता हूं, तो मुझे कौन रोक सकता है, कोई भी नहीं रोक सकता.” उन्होंने कहा कि 1954 और 1995 में जो प्रावधान किए गए, उनमें कहा गया था कि केवल मुसलमान वक्फ बना (दान दे) सकते हैं. कोई और व्यक्ति अपनी प्रॉपर्टी यहां वक्फ बोर्ड को दान नहीं दे सकता. साल 2013 में जो संशोधन लाया गया, उसने इस प्रतिबंध को समाप्त कर दिया. अब इस नए संशोधन विधेयक में यह कहा गया है कि केवल मुसलमान ही वक्फ दे सकते हैं. उन्होंने ऐसे अदालती फैसलों का जिक्र किया, जहां हिंदुओं ने अपनी जमीनें विभिन्न परियोजनाओं जैसे कि कब्रिस्तान आदि के लिए दान में दी हैं.
वक्फ बिल पर कपिल सिब्बल का बयान
वक्फ संशोधन विधेयक पर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा, ‘2014 से उनकी राजनीति क्या रही है? वे कभी लव जिहाद, फ्लड जिहाद, थूक जिहाद और यूसीसी के बारे में बात करते हैं… उनकी रणनीति मुस्लिम मुद्दे को अपने राजनीतिक लाभ के लिए बरकरार रखना है…1995 के वक्फ बिल ने वक्फ बोर्ड में न्यूनतम 2 महिलाओं को आरक्षण दिया था और यह बिल अधिकतम 2 महिलाओं को आरक्षण देता है… अगर संपत्ति मेरी है, तो कोई उस पर कैसे कब्जा कर सकता है? अगर मैं अपनी आधी संपत्ति वक्फ को दे दूं, तो किसी को इसपर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए…’
Waqf Bill Live News: बदलाव लाना है तो एक और कानून लाएं, सिब्बल ने कहा
राज्यसभा में कपिल सिब्बल ने कहा कि कि हिंदू कानून के तहत अगर कोई खुद की कमाई हुई संपत्ति है तो उसे बेटे को दिया जा सकता है, लेकिन बेटी को नहीं. इसी तरह मुस्लिम कानून में भी ऐसा ही होता है. लेकिन कम से कम वक्फ तो बदलाव ला सकता है. सिब्बल का सुझाव है कि अगर सरकार वाकई बदलाव लाना चाहती है तो उसे एक कानून लाना चाहिए जिसमें खुद की कमाई हुई संपत्ति भी बेटियों को देने की अनुमति दी जाए.
Waqf Bill Live News: 'वक्फ बिल के विरोध में सुप्रीम कोर्ट जाएंगे'
वक्फ बिल संशोधन विधेयक पर जम्मू-कश्मीर के ग्रैंड मुफ्ती नासिर-उल-इस्लाम ने कहा, “यह बिल मुसलमानों के खिलाफ है… जो कानून पहले से मौजूद है, उसमें संशोधन किया गया है… यह बिल मुसलमानों के साथ विश्वासघात है और इस विश्वासघात की वजह से उनमें अराजकता है… हमने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है. मुसलमानों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि 232 सदस्य इसके खिलाफ थे. यह एक बड़ी संख्या है और उनकी बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है… हम जल्द ही सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, लेकिन पहले हम आपस में तय करेंगे कि हम आगे कैसे बढ़ेंगे… हम इसे बड़े पैमाने पर करेंगे…”
Waqf Bill Live News: राज्यसभा में भी वकालत करने लगे कपिल सिब्बल!
सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल गुरुवार को राज्यसभा में भी वकालत करते नजर आए. वक्फ (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के दौरान सिब्बल ने वकीलों की तरह बिल के विरोध में दलीलें पेश कीं. सिब्बल ने पूछा, ‘प्रॉपर्टी मेरी, मिल्कियत मेरी, आप कौन होते हो मुझे दान करने से रोकने वाले?’ सिब्बल ने मोबाइल पर अदालतों के तमाम फैसले भी पढ़कर सुनाए.
सरकार अच्छे उद्देश्य के साथ लायी है वक्फ संशोधन विधेयक: देवेगौड़ा
राज्यसभा में जनता दल (एस) नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने कहा कि सरकार वक्फ संशोधन विधेयक एक अच्छे उद्देश्य से लेकर आयी है तथा दानदाताओं की संपत्ति का दुरूपयोग नहीं होना चाहिए. वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 पर चर्चा में भाग लेते हुए पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा ने कहा कि वह इस विधेयक को लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बधाई देते हैं. उन्होंने कहा कि दानदाताओं की संपत्ति का दुरूपयोग नहीं होना चाहिए या उसे भूमि माफिया के हाथों में नहीं पड़ना चाहिए.
उन्होंने कहा कि सरकार ने इस विधेयक के माध्यम से यह सुनिश्चित किया है कि लोगों ने जिस उद्देश्य के लिए संपत्ति दान की है, उसका उपयोग उसी मकसद के लिए किया जाए. उन्होंने कहा कि यह सोचने की बात है जिस पार्टी का चालीस साल तक अल्पसंख्यकों ने साथ दिया, आज क्यों उनका साथ छोड़ दिया?
देवेगौड़ा ने कहा कि एक समय वह भी कांग्रेस में थे. उन्होंने कहा कि जब वह मुख्यमंत्री थे उन्होंने अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा के लिए कई उपाय किए थे. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने विभिन्न जातियों को आरक्षण दिया. उन्होंने पूछा कि 2014 की लोकायुक्त रिपोर्ट का क्या हुआ, उस पर कोई कार्रवाई हुई कि नहीं?
First Published :
April 03, 2025, 09:02 IST